Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 8:1 न्यायियों 8:2 न्यायियों 8:3 न्यायियों 8:4 न्यायियों 8:5 न्यायियों 8:6 न्यायियों 8:7 न्यायियों 8:8 न्यायियों 8:9 न्यायियों 8:10 न्यायियों 8:11 न्यायियों 8:12 न्यायियों 8:13 न्यायियों 8:14 न्यायियों 8:15 न्यायियों 8:16 न्यायियों 8:17 न्यायियों 8:18 न्यायियों 8:19 न्यायियों 8:20 न्यायियों 8:21 न्यायियों 8:22 न्यायियों 8:23 न्यायियों 8:24 न्यायियों 8:25 न्यायियों 8:26 न्यायियों 8:27 न्यायियों 8:28 न्यायियों 8:29 न्यायियों 8:30 न्यायियों 8:31 न्यायियों 8:32 न्यायियों 8:33 न्यायियों 8:34 न्यायियों 8:35



न्यायियों 8:4 पर वह मुख्य बिंदु
युुफ के युद्ध में गिदोन और उसके थके-मान्दे तीन सौ योद्धा भी जीत की धारा को नहीं रोकते। यह वचन दर्शाता है कि परमेश्वर की सहायता से थकान भी विजय में बाधा नहीं बनती, बल्कि विश्वास और दृढ़ संकल्प से काम लिया जाए तो कमजोर भी बहुत बड़े काम कर जाते हैं।
साहित्यिक संदर्भ
यह हिस्सा गिदोन के सेना-निर्माण के बाद का दृश्य है, जहाँ थके-मान्दे 300 सेना पर भी दिया गया है। यरदन के किनारे पार होना, चूँकि नदी पार करते समय खतरे और विचलन बढ़ते हैं, एक तरह से युद्ध की कठिनाई और उसकी महत्त्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है। यह पाठ निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए गिदोन के साहस और ईश्वर की सहायता की पुष्टि करता है।
धर्मशास्त्रीय महत्त्व
शास्त्र-विचार (सार-संबंध)
यह घटना न्यायियों की पुस्तक में ऊर्जा-स्वीकृति और सफलता के संकेत देती है: कठिनाई के बावजूद परमेश्वर का उद्देश्य आगे बढ़ना है। नीचे दो प्रमुख cross-references नीचे दिए हैं जो अर्थ को रूप देते हैं:
परिचयात्मक प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
यारदान के किनारे पार होना, थके हुए तीन सौ के साथ भी आगे बढ़ना, यह दर्शाता है कि ईश्वर के साथ समर्पित संघर्ष में कमजोरियाँ भी अनुग्रह बन जाती हैं। गिदोन का नेतृत्व और उनके मित्रों का धैर्य दिखाते हैं कि परमेश्वर की योजना में साहस और विश्वास की संयुक्त शक्ति कितनी निर्णायक हो सकती है।
पूर्व-ग्रंथ-संदेश (उद्धरण संकेत)
नीचे दिये गए उद्धरण Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संकलनों से अगर सचित्र उद्धरण मिलें तो वे शामिल होंगे। यहाँ संक्षेप संकेतों में उल्लेख किया गया है, ताकि मूल विचार स्पष्ट रहे:
Matthew Henry (संक्षेप): “जब शक्तियाँ सीमा पर पहुँच जाती हैं, तब भी विश्वास की आशा रहती है।”
Albert Barnes (संक्षेप): “ईश्वर की सहायता में निर्भरता से मानवीय दुर्बलताएँ दूर होती हैं।”
Adam Clarke (संक्षेप): “धैर्य और पवित्र युक्ति से, परमेश्वर की कृपा प्राप्त होती है।”
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनसे जुड़े विचार
1) संदर्भ: न्यायियों 7:20-22 — ज्ञान-विमर्श के साथ निर्णायक पल; क्रॉस-रेफरेंस बताती है कि परमेश्वर की योजना पर चलना, भय से ऊपर उठना आवश्यक है।
2) संदर्भ: रोम 8:37-39 — असफलताओं के बावजूद भी परमेश्वर के प्रेम के कारण विजेता बनना संभव है।
3) संदर्भ: यहोशू 1:9 — साहस के लिये पुकार, “डर मत” — ईश्वर का आदेश सार है कि मजबूत बनो और न डरो।