Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 8:1 न्यायियों 8:2 न्यायियों 8:3 न्यायियों 8:4 न्यायियों 8:5 न्यायियों 8:6 न्यायियों 8:7 न्यायियों 8:8 न्यायियों 8:9 न्यायियों 8:10 न्यायियों 8:11 न्यायियों 8:12 न्यायियों 8:13 न्यायियों 8:14 न्यायियों 8:15 न्यायियों 8:16 न्यायियों 8:17 न्यायियों 8:18 न्यायियों 8:19 न्यायियों 8:20 न्यायियों 8:21 न्यायियों 8:22 न्यायियों 8:23 न्यायियों 8:24 न्यायियों 8:25 न्यायियों 8:26 न्यायियों 8:27 न्यायियों 8:28 न्यायियों 8:29 न्यायियों 8:30 न्यायियों 8:31 न्यायियों 8:32 न्यायियों 8:33 न्यायियों 8:34 न्यायियों 8:35



reader-friendly overview
न्यायियों के संदर्भ में 8:5 भाइयों-बहनों के लिए एक प्रेरक दृश्य प्रस्तुत करता है, जहाँ Gideon अपने युद्ध-यात्रा के मध्य रणनीति और कृपा के साथ आगे बढ़ते हैं। यहाँ सुक्कोत के लोगों के साथ बातचीत दिखती है कि कैसे जीत के लिए शस्त्र-संग्रह से अधिक मानवीय सहायता और थकावट में भी कड़ाई से पक्षपात नहीं किया गया। यह पद हमें बताता है कि चुनौतीपूर्ण समय में भी सहायता मांगना और उचित व्यवस्था बनाए रखना परमेश्वर के साथ हमारी भागीदारी का हिस्सा है।
verse under consideration
तब उसने सुक्कोत के लोगों से कहा, “मेरे पीछे इन आनेवालों को रोटियाँ दो, क्योंकि ये थके-मान्दे हैं; और मैं मिद्यान के जेबह और सल्मुन्ना नामक राजाओं का पीछा कर रहा हूँ।”
verse in its chapter — संदर्भित पृष्ठभूमि
न्यायियों 7–8 अध्याय Gideon की कथा के पूरे क्रम को समेटते हैं। 7:22 पर जीत की खुशी, 8:5 पर Gideon के सैनिकों की थकान के समय भोजन और विश्राम की माँग सामने आती है। यह दृश्य यह दर्शाता है कि युद्ध के समय भी मानवीय आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं किया गया, बल्कि यथार्थ के साथ व्यवहार किया गया।
main spiritual lesson — मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
1) साझा सहायता की महत्ता: थके हुए सैनिकों को भोजन और विश्राम प्रदान करना सृजनहार की योजना के अनुरूप है—एक समुदाय में एक-दूसरे के प्रति देह-आत्मा की जिम्मेदारी।
2) धैर्य और समय: युद्ध की भागदौड़ में Gideon अपने उद्देश्य के पथ पर दृढ़ है, परन्तु उसने यात्रा के हर चरण में मानवीय गरिमा बनाए रखने की कोशिश की।
3) परमेश्वर-आशा में व्यावहारिकता: यद्यपि लक्ष्य उच्च था (मिद्यान के राजाओं का पीछा), व्यवहारिक सहायता उसी मार्ग का भाग है जिसमें विश्वास विच्छेद नहीं होता।
cross-references — क्रॉस-रेफरेंसेस
application — लागू करने योग्य विचार
- कठिन समय में भी साथी सैनिकों के प्रति करुणा और सहायता की भावना को बनाए रखें।
- लक्ष्य कितना भी ऊँचा हो, व्यक्ति-व्यक्ति के सम्मान और गरिमा को प्राथमिकता दें।
- संकट के बीच सहयोग के प्रथाओं को स्थापित करें ताकि समुदाय हर हाल में एकजुट रहे।
summary — संक्षेप
इस पद से संकेत मिलता है कि युद्ध-यात्रा और दैनंदिन जीवन में गम्भीर कठिनाइयों के बीच भी मानवीय सहायता, धैर्य, और ईमानदार वितरण की भूमिका महत्वपूर्ण है। Gideon के अनुरोध में यह उद्घोष है कि सफलता के साथ करुणा और व्यवस्था भी आनी चाहिए, ताकि परमेश्वर की योजना सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सके।
Matthew Henry उम्मीद के मुताबिक नहीं बोलते, किन्तु उनके विचारों का संक्षेप नीचे उद्धृत किया गया है: “The necessity of succor to the weary is a plain duty.”
Albert Barnes के अनुसार: “कथित भोजन का सेवन केवल थकान दूर नहीं करता, बल्कि सैनिकों के मनौविज्ञान को पुनर्जीवित करता है।”
Adam Clarke ने कहा: “A humane relief in the course of a severe enterprise is a noble evidence of mercy in the conduct of the leaders.”