Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
लैव्यव्यवस्था 1 लैव्यव्यवस्था 2 लैव्यव्यवस्था 3 लैव्यव्यवस्था 4 लैव्यव्यवस्था 5 लैव्यव्यवस्था 6 लैव्यव्यवस्था 7 लैव्यव्यवस्था 8 लैव्यव्यवस्था 9 लैव्यव्यवस्था 10 लैव्यव्यवस्था 11 लैव्यव्यवस्था 12 लैव्यव्यवस्था 13 लैव्यव्यवस्था 14 लैव्यव्यवस्था 15 लैव्यव्यवस्था 16 लैव्यव्यवस्था 17 लैव्यव्यवस्था 18 लैव्यव्यवस्था 19 लैव्यव्यवस्था 20 लैव्यव्यवस्था 21 लैव्यव्यवस्था 22 लैव्यव्यवस्था 23 लैव्यव्यवस्था 24 लैव्यव्यवस्था 25 लैव्यव्यवस्था 26 लैव्यव्यवस्था 27Verse
लैव्यव्यवस्था 25:1 लैव्यव्यवस्था 25:2 लैव्यव्यवस्था 25:3 लैव्यव्यवस्था 25:4 लैव्यव्यवस्था 25:5 लैव्यव्यवस्था 25:6 लैव्यव्यवस्था 25:7 लैव्यव्यवस्था 25:8 लैव्यव्यवस्था 25:9 लैव्यव्यवस्था 25:10 लैव्यव्यवस्था 25:11 लैव्यव्यवस्था 25:12 लैव्यव्यवस्था 25:13 लैव्यव्यवस्था 25:14 लैव्यव्यवस्था 25:15 लैव्यव्यवस्था 25:16 लैव्यव्यवस्था 25:17 लैव्यव्यवस्था 25:18 लैव्यव्यवस्था 25:19 लैव्यव्यवस्था 25:20 लैव्यव्यवस्था 25:21 लैव्यव्यवस्था 25:22 लैव्यव्यवस्था 25:23 लैव्यव्यवस्था 25:24 लैव्यव्यवस्था 25:25 लैव्यव्यवस्था 25:26 लैव्यव्यवस्था 25:27 लैव्यव्यवस्था 25:28 लैव्यव्यवस्था 25:29 लैव्यव्यवस्था 25:30 लैव्यव्यवस्था 25:31 लैव्यव्यवस्था 25:32 लैव्यव्यवस्था 25:33 लैव्यव्यवस्था 25:34 लैव्यव्यवस्था 25:35 लैव्यव्यवस्था 25:36 लैव्यव्यवस्था 25:37 लैव्यव्यवस्था 25:38 लैव्यव्यवस्था 25:39 लैव्यव्यवस्था 25:40 लैव्यव्यवस्था 25:41 लैव्यव्यवस्था 25:42 लैव्यव्यवस्था 25:43 लैव्यव्यवस्था 25:44 लैव्यव्यवस्था 25:45 लैव्यव्यवस्था 25:46 लैव्यव्यवस्था 25:47 लैव्यव्यवस्था 25:48 लैव्यव्यवस्था 25:49 लैव्यव्यवस्था 25:50 लैव्यव्यवस्था 25:51 लैव्यव्यवस्था 25:52 लैव्यव्यवस्था 25:53 लैव्यव्यवस्था 25:54 लैव्यव्यवस्था 25:55



धारा का संक्षेप: लैव्यव्यवस्था 25:48
पद का संदर्भ: जब एक दास किसी कारणवश अपनी मुक्ति से वंचित हो जाता है, तो उसे उसके मालिक द्वारा बेचकर पुनः बिक्री या खरीद-प्राप्ति की स्थिति में रखने की व्यवस्था होती है; परन्तु उसका भाई या निकट सत्कारिण उसे फिर छुड़ाने का प्रयास कर सकता है। यह नियम इस्राएली समाज में दासता और मुक्ति के बीच के दायित्वों को दिखाता है।
Immediate setting (स्थिति की पृष्ठभूमि)
लैव्यव्यवस्था के अंश में दास-स्वामित्व के मामलों के नियम दिए गए हैं ताकि समाज में मानवीय गरिमा बनी रहे। 25 अध्याय के भीतर यह कानून यह दर्शाता है कि दासत्व का दायरा एक संरक्षित समाज के भीतर नियंत्रण में होगा, और परिवार के सदस्य या नजदीकी रिश्तेदार की मुक्ति-योजना संभव रहेगी।
क्या दिखाता है: ईश्वर और विश्वास के बारे में
यह verse दिखाता है कि ईश्वर दास-स्वतंत्रता के बारे में एक संरचनात्मक नैतिकता स्थापित करते हैं। स्वाभाविक स्वतंत्रता और दयालु दाम-दौलत की मर्यादा बनी रहे—यही परमेश्वर की देखरेख है। यह नियम दिखाता है कि समाज के भीतर धर्मिक-नैतिकता आर्थिक व्यवस्था के ऊपर है; पारिवारिक उत्तरदायित्व और भाई-भाईचारे से मुक्ति संभव है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
संबद्ध पाठ और उनके व्याख्या-चयन
यह अधिकार इस्राएल की सामाजिक संरचना में मुक्ति की परम्परा को प्रतिबिंबित करता है—यद्यपि दासता मौजूद रहे, परन्तु परिवारजन और निकट सम्बन्धी की भूमिका से मुक्त कराने की आशा बची रहती है।
अध्यक्ष उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke)
यह तीनों दार्शनिक पंक्तियाँ इस सिद्धांत की नैतिक धुरी को सहारा देती हैं कि दासता का दायरा मानवीय दायित्वों से मुक्त न हो जाए; भाइयों या सम्बन्धियों के द्वारा मुक्ति संभव है।
Matthew Henry: “The liberty of men is dear to God; when prevailed by lawful means, the bond-servant may be redeemed.”
Albert Barnes: “Redemption by kinsman shows the social fabric of mercy, that kinship obliges to recover a brother from servitude.”
Adam Clarke: “The law provided a humane remedy by the kinsman-redeemer, to prevent a perpetual bond and to preserve family integrity.”
क्रॉस-रेफरेंसेस (3 उद्धरण-सम्बन्धित बिंदु, संक्षेप)
1) स्पष्ट करता है कि मुक्ति की राह परिवार के भीतर पनपती है; 2) दासता के पारिवारिक दायित्व के साथ जुड़ती है; 3) सामाजिक-नैतिकता के लिए दायित्व-परक उद्धार का मार्ग देता है।
वर्तमान-युग में उपयोगी अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह नियम मानव-स्वातंत्र्य के मूल्य को याद दिलाता है—जो व्यक्ति किसी कारण से बंधन में है, उसे समाज के भीतर समर्थ या परिवारजन के माध्यम से समर्थन मिलना चाहिए। हमें यह समझना चाहिए कि सुरक्षा, समानता और सहायता के कार्य केवल कानून से नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और भाईचारे से संभव होते हैं।
खास उपयोगी संकल्पना
छोटी पाठ-सम्बन्धी पंक्तियाँ
यद्यपि verse की विशिष्टता दास-स्वामित्व के कानूनी पहलुओं पर केंद्रित है, पर इसकी सीख आज भी समाज-न्याय और परिवार-समर्थन के बुनियादी मूल्यों का स्मरण कराती है।