Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 11:1 लूका 11:2 लूका 11:3 लूका 11:4 लूका 11:5 लूका 11:6 लूका 11:7 लूका 11:8 लूका 11:9 लूका 11:10 लूका 11:11 लूका 11:12 लूका 11:13 लूका 11:14 लूका 11:15 लूका 11:16 लूका 11:17 लूका 11:18 लूका 11:19 लूका 11:20 लूका 11:21 लूका 11:22 लूका 11:23 लूका 11:24 लूका 11:25 लूका 11:26 लूका 11:27 लूका 11:28 लूका 11:29 लूका 11:30 लूका 11:31 लूका 11:32 लूका 11:33 लूका 11:34 लूका 11:35 लूका 11:36 लूका 11:37 लूका 11:38 लूका 11:39 लूका 11:40 लूका 11:41 लूका 11:42 लूका 11:43 लूका 11:44 लूका 11:45 लूका 11:46 लूका 11:47 लूका 11:48 लूका 11:49 लूका 11:50 लूका 11:51 लूका 11:52 लूका 11:53 लूका 11:54


पाठ का संक्षिप्त परिचय
लूका 11:21 परिग्रहीत उदाहरणों के बीच एक साधारण, पर गहरे वास्तविक पाठ है—जो बताता है कि शक्तिशाली रक्षा के बिना संपत्ति स्थिर नहीं रहती। यदि कोई बलवान व्यक्ति हथियार बाँधे हुए अपने घर की रखवाली करता है, तो उसकी संपत्ति सुरक्षित रहती है। यह कथन सीधे-सीधे भौतिक सुरक्षा का संकेत देता है, पर हृदय में निहित आस्थाओं और दृष्टिकोणों तक पहुँचने में भी ऊष्मी चाभी बनता है। लूका के इस भाग में यीशु ऐसी सुरक्षा का उलटफेर नहीं करते, बल्कि यह दिखाते हैं कि भौतिक सुरक्षा कितनी ही मजबूत क्यों न हो, वह परमः सुरक्षा के सामने तुच्छ है।
पाठ के प्रकाश में अध्याय का प्रमुख विषय
यह सन्देश प्रस्तुत करता है कि मनुष्य की रक्षा बहरे-भरे हथियारों के बल पर नहीं, बल्कि परमेश्वर के संरक्षण और विवेक पर निर्भर है। पाठक समझें कि बाहरी रक्षा भुलावे के समान है जब तक वह आंतरिक विश्वासों के साथ दृढ़ न हो। अगरsembler बलशाली हाथों से घर ठहरता है, तब भी यदि आंतरिक सुरक्षा में ढील है, तो वह अस्थिर है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ सीख (Main spiritual lesson)
बल की बाहरी सुरक्षा sementara हो सकती है; वास्तविक सुरक्षा भीतर की शुद्ध आस्थाओं और प्रभु पर निर्भर विश्वास में है। हमारे जीवन की सुरक्षा उसी पर निर्भर है जब हम परमेश्वर के साथ सामंजस्य बनाए रखें, सतर्क रहें, और धर्म के पथ पर स्थिर रहें। यह वाक्य हमें प्रेरित करता है कि हम केवल बाहरी सुरक्षा पर नहीं, भीतर की नैतिकता और प्रभु-भक्ति पर ध्यान दें।
अनुकूल तुलनात्मक बाइबल संदर्भ
उपरोक्त संदर्भ पाठ के साथ एक समृद्ध समकालीन पाठ बनाते हैं, कि सुरक्षा का असली आधार परमेश्वर के मार्ग पर चलना है, न कि बाहरी हथियारों पर निर्भर होना।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
छोटा-सा क्रॉस-रेफरेंसेस सार
1) लूका 11:21–22 में बलशाली रहने पर भी सुरक्षा के सीमितपन की चेतावनी; 2) मत्ती 26:52 में यीशु कहें—"तलवार से नहीं, पर प्रतीक्षा से"—आत्म-रक्षा के बजाय परमेश्वर के योजना पर भरोसा; 3) याकूब 4:7—परमेश्वर के विरुद्ध न खड़े हों, पहले उसी के समक्ष विनय करें।
संक्षेप सूत्र
इस वाक्य का मूल उद्देश्य यही है कि बाहरी सुरक्षा कितनी भी मजबूत क्यों न हो, असली सुरक्षा आंतरिक विश्वास, प्रभु के साथ सत्य-निष्ठा, और दिव्य मार्ग के पालन में है। समझना आवश्यक है कि जीवन के खतरों की वास्तविक सुरक्षा केवल हथियारों में नहीं, पर परमेश्वर की कृपा और सतर्कता में है।
कथा-सारांश
कहावत बताती है कि बाहरी हथियारों की सहायता से घर-परिवार की सुरक्षा संभव है, पर यह स्थायी नहीं है जब तक आंतरिक जीवन संयत और पवित्र न हो। यीशु के आस-पास के अनुभव से हमें यह आत्म-सत्य मिलता है कि दृढ़ विश्वास और स्मरण-योग्य आचरण ही परम-रेखा बनते हैं।