Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 5:1 लूका 5:2 लूका 5:3 लूका 5:4 लूका 5:5 लूका 5:6 लूका 5:7 लूका 5:8 लूका 5:9 लूका 5:10 लूका 5:11 लूका 5:12 लूका 5:13 लूका 5:14 लूका 5:15 लूका 5:16 लूका 5:17 लूका 5:18 लूका 5:19 लूका 5:20 लूका 5:21 लूका 5:22 लूका 5:23 लूका 5:24 लूका 5:25 लूका 5:26 लूका 5:27 लूका 5:28 लूका 5:29 लूका 5:30 लूका 5:31 लूका 5:32 लूका 5:33 लूका 5:34 लूका 5:35 लूका 5:36 लूका 5:37 लूका 5:38 लूका 5:39


लूका 5:23 — सहज क्या है? पाप क्षमा होना बनाम उठकर चलना
पद के संदर्भ में यीशु ने एक बीमार पेंगेल को कहा, “तेरे पाप क्षमा हुए” और उसी क्षण उनसे यह कहा गया कि “उठ और चल फिर”, ताकि लोगों को यह दिखे कि दिव्य सत्ता किसके पास है—पाप क्षमा करने की सत्ता भी और उठाने-चलाने की शक्ति भी। यह दृश्य सरकार-सीधी बहस नहीं, बल्कि यीशु के अधिकार तथा विश्वास की कसौटी है।
कथन का मूलार्थ: ईश्वरीय अधिकार बनाम इंसानी स्पर्श
इस पाठ में दो सत्य एक साथ उभरते हैं: पहली बात—पाप क्षमा होना आंतरिक परिवर्तन की नींव है; दूसरी बात—उठो, चलो जैसे शरीर के लिए ठोस प्रमाण। यीशु यहाँ दिखाते हैं कि क्षमा देना और शरीर को स्वस्थ करना एक साथ संभव है, क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र की सेवा से जुड़ा है। जब रोगी के पाप क्षमा होते हैं, तो उसके भीतर की स्थिति बदली जाती है; जब वह उठकर चलने लायक हो जाता है, तब उसका बाहर का जीवन भी सार्वजनिक रूप से परिवर्तनित दिखता है।
important words और imagery की सरल व्याख्या
संदर्भित संवाद और पारसीक दृष्टिकोण
यह घटना लूका के अनुसार पहली बार नहीं है कि यीशु ने रोगी को दिव्य अधिकार से चंगा किया—परंतु यहाँ पाप के क्षमा और शारीरिक चंगा एक साथ उत्तर देते हैं कि यीशु परमेश्वर के मनुष्यों के उद्धारकर्ता हैं। यह कहानी फरीसियों के सवालों पर भी प्रकाश डालती है कि पाप क्षमा करने की सत्ता केवल परमेश्वर के पास है और यीशु उसी अधिकार से बोलते हैं।
क्रॉस-रेफरन्स (संक्षेप)
युहन्ना 5:24 में उद्धार की गति—“जो मेरे शब्दों पर विश्वास करता है, उसकी पाप क्षमा हो गई है”—यहाँ विश्वास की क्रिया और पाप की दूरी घटती है। मत्ती 9:2 में “पाप क्षमा” की पुष्टि और मरम्मत की शक्ति का उद्घोष है। इब्रानियों 7:25 में क्रिस्त की सदा उपलब्धता पर बल दिया गया है कि वह यीशु चिरस्थायी mediator है।
आज की प्रेरणा
हम में से प्रत्येक के जीवन में एक ordinry-हमारे भीतर के पाप-आकर्षण और बाहरी जीवन के संघर्ष होते हैं। इस पद से सीख मिलती है कि ईश्वर पहले हमारी आत्मिक अवस्था को साफ करते हैं ताकि हमारा बाहरी जीवन भी परमेश्वर के मार्ग पर चले। विश्वास करें कि यीशु के परम अधिकार में पाप क्षमा भी है और जीवन के हर हिस्से को नई चाल देने की क्षमता भी।
अनुवादित उद्धरण (संदर्भित):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke — इन वैशिष्ट्यों के साथ संकलित टिप्पणी से संगत निष्कर्ष मिलने पर, हमें यह समझ आता है कि पाप और चंगा दोनों एक साथ प्रमाणित होते हैं: परमेश्वर की करुणा और सामर्थ्य एक साथ प्रगट होते हैं।