Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 5:1 लूका 5:2 लूका 5:3 लूका 5:4 लूका 5:5 लूका 5:6 लूका 5:7 लूका 5:8 लूका 5:9 लूका 5:10 लूका 5:11 लूका 5:12 लूका 5:13 लूका 5:14 लूका 5:15 लूका 5:16 लूका 5:17 लूका 5:18 लूका 5:19 लूका 5:20 लूका 5:21 लूका 5:22 लूका 5:23 लूका 5:24 लूका 5:25 लूका 5:26 लूका 5:27 लूका 5:28 लूका 5:29 लूका 5:30 लूका 5:31 लूका 5:32 लूका 5:33 लूका 5:34 लूका 5:35 लूका 5:36 लूका 5:37 लूका 5:38 लूका 5:39



लूका 5:39 परיקות टिप्पणी—नई कहावत और पुरानी धारणा
यह पद उन लोगों के मानसिक अवकाश को उजागर करता है जो परिवर्तन के समय भी पुरानी आदतों में अडिग रहते हैं। यीशु की यह और अन्य शिक्षाओं के संदर्भ में दिखना स्पष्ट है कि प्रभु नया पाठ्यक्रम और नई जीवनशैली देने के लिए आए हैं, लेकिन मानवीय प्रस्तुति में पुरानी धारणाएं कितनी गहराई से जड़ें बना लेती हैं।
पद का पाठ-स्वरूप (लूका 5:39)
कोई मनुष्य पुराना दाखरस पीकर नया नहीं चाहता क्योंकि वह कहता है, कि पुराना ही अच्छा है।
संदेश एक सामान्य दृश्य से लिया गया है: पुराने दाखरस की खीझ और नये के प्रति संदेह—यह वह शिक्षण है जो धार्मिक अनुभवों के परिवर्तनशील प्रकृति की बात करता है।
चैप्टर के भीतर अर्थ और संदर्भ
लूका 5 का अध्याय यीशु के बुलावे, अविश्वासीों के साथ नहीं दोस्ती और महिमा के संकेतों का क्रम देता है। इसवक्त का मुख्य संकेत यह दिखाता है कि परमेश्वर का नया काम मानव की मान्यताओं को चुनौती देता है और पुराने ढांचे में कैद रहने वाले लोग उसे स्वीकारने में हिचकते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ (Main spiritual lesson)
अन्य विवरण और साहित्यिक संदर्भ
पवित्रशास्त्र के कुछ पुराने टिप्पणियाँ भी इस तरह के परिवर्तन के लिए प्रेरणा बनती हैं। उदाहरणस्वरूप कुछ प्रसिद्ध टिप्पणीकार देखते हैं कि यीशु का संदेश भीड़-भाड़ में पुरानी शिक्षाओं को चुनौती देता है और नई कृपा की राह साफ करता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संक्षिप्त अर्थ
1) मत्ती 9:17 - नया wines और old wineskins analogy: पुरानी पंरपरा और नई आशाओं के बीच संतुलन की बात।
2) मरकुस 2:22 - नया जोड़ा गया पैकेट पुराने टुकड़ों के साथ नहीं बैठता; नया आशीर्वाद नया जीवन है।
3) एदा 7:36-37 - पुराने व्यवस्था के भीतर नए दायित्वों की अभिसरणता का संदेश।
केवल-आध्यात्मिक अनुप्रयोग
- व्यक्तिगत जीवन में: यदि आप भविष्य की प्राप्तियों के लिए पुराने सुरक्षा-कवरों को छोड़ना चाहते हैं, तो खुद को नई कृपा के अनुसार ढालें।
- समुदायिक जीवन में: चर्च-घोषणा में नये संदेश को ग्रहण करने के लिए पुरानी रीति-रिवाजों के साथ संतुलन बनाएं, न कि उन्हें रोकावट बनायें।
नसीहत-आधारित संकलन
अर्थगर्भित व्याख्या के लिए नीचे उद्धरणात्मक संकेत मिलते हैं—इनमें Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त विचार मिलते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पद हमें सचेत करता है कि परमेश्वर का नया कार्य पुराने विचारों के साथ संघर्ष कर सकता है, परन्तु विश्वासियों को नये जीवन की दिशा में खुली आँखों से चलना चाहिए। पुरानी आदतें जहाँ तक सत्य और प्रेम को सीमित करती हैं, वहां से हटकर नया आशीर्वाद ग्रहण करें।
गणना-युक्त सार
कुल मिलाकर, इस verses से स्पष्ट होता है कि परिवर्तन के समय में आत्मा का नया चस्का और जीवन-शैली की नवीनता स्वीकारना आवश्यक है, अन्यथा अतीत की धारणाएं आत्म-उद्धार के मार्ग को रोक सकती हैं।
उद्धरण (जहाँ लागू)
अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke की संक्षिप्त टिप्पणी चाहते हैं, तो यह संदेश उन्हीं के प्रकाशन-शैली से उपयुक्त रहता है।