Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 5:1 लूका 5:2 लूका 5:3 लूका 5:4 लूका 5:5 लूका 5:6 लूका 5:7 लूका 5:8 लूका 5:9 लूका 5:10 लूका 5:11 लूका 5:12 लूका 5:13 लूका 5:14 लूका 5:15 लूका 5:16 लूका 5:17 लूका 5:18 लूका 5:19 लूका 5:20 लूका 5:21 लूका 5:22 लूका 5:23 लूका 5:24 लूका 5:25 लूका 5:26 लूका 5:27 लूका 5:28 लूका 5:29 लूका 5:30 लूका 5:31 लूका 5:32 लूका 5:33 लूका 5:34 लूका 5:35 लूका 5:36 लूका 5:37 लूका 5:38 लूका 5:39



लूका 5:17 का पाठ–संक्षिप्त परिचय
यह पद उस दिन का दृश्य दर्शाता है जब यीशु उपदेश दे रहे थे, और सभा गहरी हो उठी थी। फरीसी और व्यवस्था-सेवक (परिशर) वहाँ थे, जो गलील और यहूदिया के गाँवों से आये थे, साथ ही यरूशलेम से भी। उस समय प्रभु की सामर्थ्य चंगा करने के लिये उनके साथ थी। यह दृश्य धार्मिक पृष्ठभूमि और आध्यात्मिक अधिकार के बीच की नजाकत को उभारता है: यीशु का उपदेश और उसकी पहचान—यह प्रभु की सामर्थ्य से जुड़ा एक अद्वितीय मोड़ है।
पाठ का अध्यायगत संदर्भ
यह घटना लूका के Gospel में दर्शाई गई है, जहाँ यीशु की शिक्षा-क्रिया के साथ चंगाई के कार्य मिलते हैं। फरीसी और व्यवस्था-सेवक व्यवस्था के मानदण्डों और पवित्रता के नियमों से जुड़े प्रश्न उठाते हैं, परन्तु यहाँ प्रभु की शक्ति स्पष्ट रूप से दिखती है—जो रोगी, आस्था और परमेश्वर के राज्य की पुष्टि है।
मुख्य भाव-शिक्षा
इस verse का मूल संदेश यह है कि यीशु के प्रदत्त प्रचार-कार्य में वास्तविक च healing की प्रभावशीलता उसका स्वाभाविक परिणाम है—परमेश्वर की सामर्थ्य उनके साथ सक्रिय रहती है। यह कहना है कि विश्वास और आध्यात्मिक आत्म-निग्रह से जुड़ी ठोस आस्था में, चंगा करने की सत्ता सक्रिय होती है। साथ ही यह भी संकेत है कि धार्मिक नेताओं के बीच भी ऐसी सत्ता की मान्यता और विवाद संभव है, पर चंगाई का स्रोत प्रभु ही है।
अनुदर्भ – तथ्यात्मक और पाठ-आधारित व्याख्या
- प्रभु की सामर्थ्य से चंगा बनना दिखाता है कि यीशु की उपदेश-कार्य केवल विचार-प्रेरणा नहीं, बल्कि वास्तविक परिवर्तनकारी क्रिया है।
- फरीसी और व्यवस्थापक उपस्थित थे, जो धार्मिक ढांचे के प्रतिनिधि हैं; उनका सामने आना बताता है कि नया शिक्षण कैसे पुरानी व्यवस्था के ढांचे के भीतर भी चुनौती का सामना करता है।
- यह दृश्य यह भी रेखांकित करता है कि आस्था से चंगा संभव है—यहूदियों और अन्य गाँवों से आए लोग भी उपस्थित थे, जो यीशु के प्रभाव को व्यापक बना रहे हैं।
पार्श्व-आधार निष्कर्ष (cross-references)
उपरोक्त क्रास-रेफरेंस chik ప్రేక్షకता के अनुसार संकेत करती है कि आस्था, प्रभु की सत्ता और शिक्षा-क्रिया एक साथ चलते हैं, जिससे रोगी/पीड़ित में परिवर्तन आता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप निष्कर्ष
लूका 5:17 हमें याद दिलाता है कि उपदेश की शक्ति भी चंगाई की वास्तविकता से जुड़ी है—प्रभु की सामर्थ्य उनके साथ है और आस्था उसे प्राप्त करती है। यह दृश्य धार्मिक गुरु-शाही के बीच एक स्पष्ट संतुलन बनाता है: सच को स्वीकारना और उसका संचालन प्रभु के द्वारा ही संभव है।