लूका 7:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और किसी सूबेदार का एक दास जो उसका प्रिय था, बीमारी से मरने पर था।

पिछला पद
« लूका 7:1
अगला पद
लूका 7:3 »

लूका 7:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का प्रत्यक्ष सार: कैदियों के प्रेम-भाव के साथ बीमारी में बीतता संकट

लूका 7:2 का प्रारम्भिक भाव यह बताता है कि एक सूबेदार का दास, जो उसका प्रिय था, गंभीर बीमारी से मर रहा था। यहाँ प्रभु यीशु के सामने एक रोकर-राहत दिया गया संकट है: प्रभु के दायरे में एक गैर-विश्वासी अधिकारी की इच्छा, एक निर्बल दास की सहायता, और उसके मालिक की आत्मा-उद्धार की भाषा का संगम। यह वाकया दिखाता है कि प्रभु के पास प्रेम, करुणा और सत्ता तीनों साथ-साथ विद्यमान हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यूहन्नी और लूका के संग्रहीत विवरणों में सूबेदार की स्थिति एक रोमी अधिकारी के कायदे-नियम और उसकी राजनीति-स्थिति का संकेत है। फिर भी दास की बीमारी के समय, दीन-हीन स्थिति और मालिक की करुणा दोनों का विवेचन मिलता है। लूका 7 अध्याय के यह भाग यीशु की दयालुता, विश्वास और सत्ता के मिलन को चित्रित करता है।

interpretive observations (व्याख्यात्मक अवलोकन)

  • विश्वास की शक्ति: यह सूबेदार अपने दास के लिए एक प्रत्यक्ष उपचार की अपेक्षा न कर के, यीशु से एक सम्मानित और विनम्र निवेदन करता है। उसका विश्वास यह है कि यदि यीशु कहते हैं तो दास ठीक हो जाएगा, भले ही दूरी हो।
  • अनुमत और दूरी संबंधी निकटता: अधिकारी भगवान के राज्य के ठीक-ठीक निर्देश के अनुरोध से परिचित है; वह कहता है कि उसके शब्द से रोग दूर हो जाएगा, और दूरी उसकी मानवीय सीमाओं को नहीं तोड़ती।
  • कर्म के साथ विश्वास: दास का रोग सार्थक है, पर मालिक का आचरण और प्रेम भी पूर्ण जीवन का भाग है—यह दिखाता है कि प्रभु के आशीर्वाद में रिश्ते और दया दोनों साथ चलते हैं।

संक्षिप्त थीमैटिक सूची

अन्य सन्दर्भ और तुलनात्मक समझ

Related passages: लूका 7:9–10 (शिक्षक के द्वारा विश्वास का विषय); Mateo Henry, Albert Barnes, Adam Clarke (आदि) के पूर्व-लोकधारी टिप्पणी से संगत विचार मिलते हैं—यानी विश्वास की गति और निम्न-उच्चाधिकार का संघर्ष, और प्रभु के न्यायपूर्ण कृपाकारण।

उद्धृत विचार: Matthew Henry के विचार में यह दिखता है कि यीशु के शब्द से शक्तिशाली प्रभाव आता है, और आध्यात्मिक दूरी भी पक्षपात नहीं करती। Albert Barnes कहते हैं कि अधिकारी का विश्वास सरल और स्पष्ट था, जो यह दर्शाता है कि विश्वास कब और कैसे कार्य करता है। Adam Clarke इस कथा को यह दर्शाते हुए देखते हैं कि प्रभु की एक शब्द से चंगाई संभव है, चाहे दूरी या सामाजिक स्थिति कोई बाधा न बनें।

व्यावहारिक takeaway (संक्षेप)

हम यह सीखते हैं कि) - सच्चा विश्वास आशा को जीवित रखता है, भले स्थिति कितनी ही असंभव लगे।

- प्रेम और सम्मान, समाज के ऊपरी रंग-रूप से ऊपर उठकर, दया के कार्यों को प्रेरित करते हैं।

- प्रभु की सत्ता विनय के साथ आती है; उसका वचन ही उपचार लाता है।

Cross-references (संयुक्त गवाही/अन्य पाठ)

1) लूका 7:9–10 — विश्वास की मानवीय सीमा नहीं मानता; एक शब्द से उद्धार संभव है। समझ: विश्वास की गहराई प्रभु के सामने जोखिम नहीं उठाती।

2) मत्ती 8:7–10 — एक और अधिकारी की आस्था में यीशु की पात्रता और दूरी के बावजूद उपचार का संदेश मिलता है। समझ: सत्ता के साथ सम्मानित आचरण।

3) योहान्न 5:24 — विश्वास से देखना और जीवन के लिए अवसर का अनुभव। समझ: विश्वास के साथ जीवन परिवर्तन संभव है।

प्रतीत-प्रकाश: यीशु के सामने आकर अधिकारी ने भली-भांति माना कि प्रभु के शब्द से चंगाई संभव है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि ईश्वर की दया और काम के बीच विश्वास का मेल ही वास्तविक जीवन-परिवर्तन का मार्ग है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 7:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 35:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 35:8 (HINIRV) »
और रिबका की दूध पिलानेहारी दाई दबोरा मर गई, और बेतेल के बांज वृक्ष के तले उसको मिट्टी दी गई, और उस बांज वृक्ष का नाम अल्लोनबक्कूत रखा गया।

उत्पत्ति 24:27 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 24:27 (HINIRV) »
“धन्य है मेरे स्वामी अब्राहम का परमेश्‍वर यहोवा, जिसने अपनी करुणा और सच्चाई को मेरे स्वामी पर से हटा नहीं लिया: यहोवा ने मुझको ठीक मार्ग पर चलाकर मेरे स्वामी के भाई-बन्धुओं के घर पर पहुँचा दिया है।”

उत्पत्ति 39:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 39:4 (HINIRV) »
तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया; फिर उसने उसको अपने घर का अधिकारी बनाकर अपना सब कुछ उसके हाथ में सौंप दिया।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें