लूका 7:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यह सुनकर यीशु ने अचम्भा किया, और उसने मुँह फेरकर उस भीड़ से जो उसके पीछे आ रही थी कहा, “मैं तुम से कहता हूँ, कि मैंने इस्राएल में भी ऐसा विश्वास नहीं पाया।”

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लूका 7:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का बयान

लीक होकर यीशु ने यहूदियों के बीच इब्रानी समुदाय के विश्वास पर आश्चर्य व्यक्त किया कि ईश्वर के साथ रहने वाला व्यक्ति कैसे गुमनाम और मामूली दुर्बलताओं के बावजूद भी अविश्वास नहीं दिखाता। यह वाकया लूका 7:9 में का संदर्भ देता है कि यहूदियों के बीच एक सन्तुष्ट और साहसिक अणुवृत्ति से भरा विश्वास, ईश्वर के आरम्भिक कार्यों के बीच भी, एक असाधारण उदाहरण बन गया है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यहूदियों के बीच एक अभिनव उभरता विश्वास और नबी-प्रभाव के समय यीशु ने एक नयी दृष्टि दी—कि विश्वास क्या है और किस तरह परमेश्वर की कृपा स्वीकार्य है। लूका 7 में, यीशु सम्मानित चिल्ड्रेन और पापियों के बीच सम्वाद करते हैं, और यह पाठ यह दिखाता है कि विश्वास किसी जाति-सीमाओं से ऊपर उठ सकता है। बाहरी स्थिति में, एक नीचा हुआ लोक और एक निम्न शासकता-उत्पन्न श्रद्धा इस मौके पर उभरती है।

व्याख्या के दृश्य संकेत

- Faith as humility: उस व्यक्ति का व्यवहार जो यीशु के सामने अपने आप को छोटा मानता है, वह एक ईश्वर-आस्था की पहचान है।

- Faith as dependence: वह कहता है कि परमेश्वर के बारे में पूरी आशा केवल यीशु में है—यह निर्भरता का प्रमाण है।

- Faith as recognition of authority: यीशु के अधिकार को मानना और उनके शब्दों में पूरी उम्मीद रखना इस विशेष विश्वास का भाग है।

संकरी थीमैटिक सूची

  • विश्वास की पराकाष्ठा: यीशु के समक्ष अपने नाकर्छ और नाकामी को स्वीकार करना।
  • ईश्वर की राजस्वता: विश्वास की पराकाष्ठा यह दर्शाती है कि किस प्रकार ईश्वर की कृपा दिखती है।
  • जातीय सीमाओं से ऊपर: यह पाठ यहूदियों के परंपरागत ढांचे से परे एक वैश्विक विश्वास को समाहित करता है।

Cross-reference विचार

- मरकुस-परिप्रेक्ष्य: כהणस के उपदेशों में विश्वास का समर्पण, जो यीशु के पवित्र अधिकार को स्वीकारता है।

- मत्त. 8:10: एक विश्वास की गहराई जिससे जाँच होती है कि ईश्वर का अधिकार किस प्रकार प्रभाव डालता है।

- योहन्ना 6:29: विश्वास के उद्देश्य की पुष्टि—केवल वह कार्य जो ईश्वर की आशय पूरी करे।

संरक्षित व्यवहारिक निष्कर्ष

हम प्रत्येक परिस्थिति में ऐसे विश्वास का आचरण करें जो यीशु के अधिकार और कृपा पर पूरी निर्भरता दिखाए—न केवल उचित कथन, बल्कि जीवन-कार्य में भी।

उद्धृत संप्रेषण: प्रकाशित आलोचकों के सार—मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के विचारों से मिलते-जुलते संकेत निम्नानुसार हैं: “यह दृष्टांत विश्वास की गहराई और ईश्वर की करुणा के मिलन को दर्शाता है।” (संक्षेप) विशेष उद्धरण यदि उपलब्ध हों तो यहाँ संक्षेप में उल्लेखित हैं।

संक्षेप में: लूका 7:9 में यीशु के आश्चर्य की प्रतिक्रिया एक ऐसी आस्था को उजागर करती है जो कट्टरपंथी जातीय-तर्क से परे जाकर परमेश्वर की कृपा स्वीकार करती है—यह संदेश आज भी समान प्रासंगिक है कि हमारा विश्वास और निर्भरता किस प्रकार ईश्वर के सामर्थ्य को प्रकट करती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 7:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मत्ती 8:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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यह सुनकर यीशु ने अचम्भा किया, और जो उसके पीछे आ रहे थे उनसे कहा, “मैं तुम से सच कहता हूँ, कि मैंने इस्राएल में भी ऐसा विश्वास नहीं पाया।

मत्ती 15:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 15:28 (HINIRV) »
इस पर यीशु ने उसको उत्तर देकर कहा, “हे स्त्री, तेरा विश्वास बड़ा है; जैसा तू चाहती है, तेरे लिये वैसा ही हो” और उसकी बेटी उसी समय चंगी हो गई।

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रोमियों 3:1 (HINIRV) »
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