Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 7:1 लूका 7:2 लूका 7:3 लूका 7:4 लूका 7:5 लूका 7:6 लूका 7:7 लूका 7:8 लूका 7:9 लूका 7:10 लूका 7:11 लूका 7:12 लूका 7:13 लूका 7:14 लूका 7:15 लूका 7:16 लूका 7:17 लूका 7:18 लूका 7:19 लूका 7:20 लूका 7:21 लूका 7:22 लूका 7:23 लूका 7:24 लूका 7:25 लूका 7:26 लूका 7:27 लूका 7:28 लूका 7:29 लूका 7:30 लूका 7:31 लूका 7:32 लूका 7:33 लूका 7:34 लूका 7:35 लूका 7:36 लूका 7:37 लूका 7:38 लूका 7:39 लूका 7:40 लूका 7:41 लूका 7:42 लूका 7:43 लूका 7:44 लूका 7:45 लूका 7:46 लूका 7:47 लूका 7:48 लूका 7:49 लूका 7:50



लूका 7:17 पर टिप्पणी — संदेश की वैश्विक ध्वनि
यह वचन दिखाता है कि ईश्वरीय क्रिया का प्रभाव सीमा-रेखा से परे फैल जाता है। "और उसके विषय में यह बात सारे यहूदिया और आस-पास के सारे देश में फैल गई" से स्पष्ट होता है कि यीशु के चमत्कार, शिक्षण और जीवन-कार्य केवल षड्यंत्रकारी भीड़ या एक छोटे समूह तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने क्षेत्रीय सीमाओं को तोड़ दिया और व्यापक मानवीय समुदाय के बीच चर्चा का विषय बन गए। यह एक संकेत है कि परमेश्वर का कल्याणकारी आयोजन इतिहास के हर कोने तक पहुँच रहा है, और लोगों के बीच आशा का संदेश फैल रहा है।
परिप्रेक्ष्य का सार
यह प्रसंग गोस्पेल के बीच के क्रम में बताता है कि यीशु के कार्यों के परिणामस्वरूप लोग उनके बारे में बात कर रहे हैं—न कि केवल उनके शिष्य, किन्तु हर जाति-समुदाय के भीतर। यह शब्द-शॉर्ट हैंडल नहीं, बल्कि सामाजिक-मानसिक परिवर्तन का संकेत है: घटनाएं, चमत्कार, बपतिस्मा और उपदेश एक साझा स्मृति बनते हैं जो यहूदिया के बाहर भी उपस्थित हुई।
मुख्य संदेश
1) यीशु की क्रिया-जीवन का प्रभाव भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ता है; 2) सत्य का प्रचार एक समुदाय-निर्मित धारणा बनकर फैलता है; 3) यहूदिया के बाहर के लोगों के बीच भी ईसाई उत्तरदायित्व, विश्वास और आशा का संदेश पहुँचता है।
गर्मी से जुड़ी पंक्तियाँ और थीम
यहाँ प्रेरित इतिहास बताता है कि जनता में चर्चा एक प्राकृतिक परिणाम है जब परमेश्वर अपने सेवक के द्वारा अपने राज्य की उपस्थिति को प्रकट करता है। यह विषय “खबर फैलना” और “विश्वास की सामान्य चर्चा” के संग लिपिबद्ध है, जो आगे आने वाले मिशन को प्रेरित करता है।
क्रॉस-रेफरेंस और उनके संक्षिप्त अर्थ
घटी हुई तात्पर्य यह है कि ईश्वरीय राज्य का संदेश वास्तविकता बनकर हर मन तक पहुँचता है, और यह समाज में विश्वास के साथ जुड़ता है।
प्लस-फैक्ट विचार (पिछले टिप्पणीकारों के संकुचित उद्धरणों के संकेत)
फॉर्मेटेड टिप्पणीकारों के सार्वजनिक-घोषित निष्कर्ष इस वचन को व्यापक दिखाते हैं कि चमत्कार और शिक्षण का प्रभाव समुदाय में एक साथ उठता है—जिनमें विचारक मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के शब्द छोटे अवरोधों के रूप में उद्धृत होते हैं। यदि इनमें से किसी का स्पष्ट छोटा उद्धरण मिलता है, उसे नीचे संकेत किया गया है:
उद्धरण नोट: उपलब्ध होने पर केवल उनके संक्षिप्त वाक्यों को उद्धृत किया जाएगा।
निष्ठुर महत्त्व: हमारे लिए एक प्रेरणा
यह वचन याद दिलाता है कि विश्व भर में ईश्वर का काम एक निरंतर आवाज बनकर चलता है। व्यक्तिगत विश्वास से सामाजिक बदलाव तक, हर एक व्यक्ति यह जान सके कि ईश्वर की करुणा और राज्य का प्रकाश सीमाओं के भीतर नहीं बंधता। यह हमारे विश्वास-यात्रा को विश्वदृष्टि देता है—हम अपने समुदायों में प्रेम, नम्रता और सेवाभाव के साथ चलें।
संक्षिप्त क्रियात्मक विचार
नोट: नीचे प्रयुक्त क्रॉस-रेफरेंसेस केवल संदर्भ हेतु हैं—फुल वचनों के पाठ को न दिया गया है ताकि पाठ का पाठ-ग्रहण सरल रहे।