Old Testament
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मरकुस 16:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सप्ताह के पहले दिन बड़े भोर, जब सूरज निकला ही था, वे कब्र पर आईं,
मरकुस 16:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मरकुस 16:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यूहन्ना 20:1 (HINIRV) »
सप्ताह के पहले दिन मरियम मगदलीनी भोर को अंधेरा रहते ही कब्र पर आई, और पत्थर को कब्र से हटा हुआ देखा।

मत्ती 28:1 (HINIRV) »
सब्त के दिन के बाद सप्ताह के पहले दिन पौ फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आई।

लूका 24:1 (HINIRV) »
परन्तु सप्ताह के पहले दिन बड़े भोर को वे उन सुगन्धित वस्तुओं को जो उन्होंने तैयार की थी, लेकर कब्र पर आईं।
मरकुस 16:2 – सप्ताह के पहले दिन बड़े भोर
वह पाठ, “सूत्र की सुबह” के समय बहाल होती है—पत्थर के पहरे को पीछे छोड़ते हुए महिलाएं कब्र के पास पहुँचीं। यह दृश्य प्रारम्भ में उनके नहोंने का बोध नहीं, बल्कि उनकी विश्वास-यात्रा का आरम्भ है। ईसा मसीह के जी उठने की खुशी अभी-अभी नहीं मिली थी; वे दुखी थीं, पर उनके जज्बे में विश्वास था कि परमेश्वर ने वादे के अनुसार कुछ अवश्य किया है।
ईश्वर की प्रकृति और विश्वास के बारे में पाठ से स्पष्टता
यह verses दर्शाती हैं कि ईश्वर की योजना मानव जिज्ञासा और पीड़ा के भीतर भी जीवित रहती है। बड़े भोर की यह भाषा—अभिनव प्रकाश का संकेत—सूचित करती है कि ईश्वर का काम डराने-धमकाने से नहीं, बल्कि आशा और उद्धार के प्रकाश से सामने आता है। विश्वास की यह पहली पुष्टि है कि शास्त्र की प्रतिज्ञा सच होती है, भले ही अभी दृश्य अंधकार क्यों न हो।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
अन्य सम्बद्ध आयतें और उनके संबंध
संयुक्त संदर्भ जो इन कल्पनाओं को मजबूत करते हैं:
इन संदर्भों से यह समझ में आता है कि भोर की यह सुबह—जो महिलाओं के लिए पहली गैर-रुकने वाली क्रिया बन गई—नवजीवन का मूल संकेत है: परमेश्वर अपने क्रोध-नहीं, कृपा और उद्धार के काम को पूरा करते हैं।
आज के लिए अनुप्रयोग
जीवन में जब हम समस्या-पूर्ण अंधकार और अनिश्चितता में हों, तब भी यह पाठ स्मरण कराता है कि परमेश्वर का योजना समय-समय पर प्रकाश से पाटती है। जैसे वे महिलाएं असफल-आशा के बावजूद आगे बढ़ीं, वैसे ही हमारा भरोसा भी ईश्वर की वाणी पर बनना चाहिए—वह जो जीवित है और काम पूरा कर सकता है। प्रार्थना में उम्मीद बनाए रखें, और साधारण-जीवन के कठिन क्षणों में भी ईश्वर के बुलावे पर चलें।
संक्षिप्त एकीकृत विश्लेषण
यह अनुभाग बताता है कि भोर की पहली सतह में ईश्वर की कृपा का संकेत है; जीवित उद्धार की स्थापना है; और हमारा दायित्व है कि विश्वास के साथ आगे बढ़कर परमेश्वर की योजना में भागीदारी करें।
उद्धृत टिप्पणीकारों से संक्षिप्त उद्धरण (जहां लागू):
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन विचारों से समायोजन संकेतित हैं: “विश्वास के कारण ही खोज निकलती है” (संवाद-उद्धरण के रूप में सार) और “ईश्वर का वचन सच होता है” जैसे विचार, जिन्हें हमने पाठ के अनुरूप सहज ढंग से आधुनिक संदर्भ में समाहित किया है।