Old Testament
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मरकुस 16:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब प्रभु यीशु उनसे बातें करने के बाद स्वर्ग पर उठा लिया गया, और परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठ गया। (1 पत. 3:22)
मरकुस 16:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मरकुस 16:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 पतरस 3:22 (HINIRV) »
वह स्वर्ग पर जाकर परमेश्वर के दाहिनी ओर है; और स्वर्गदूतों, अधिकारियों और सामर्थियों को उसके अधीन किए गए हैं। (इफि. 1:20-21, भज. 110:1)

इब्रानियों 1:3 (HINIRV) »
वह उसकी महिमा का प्रकाश, और उसके तत्व की छाप है, और सब वस्तुओं को अपनी सामर्थ्य के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊँचे स्थानों पर महामहिमन् के दाहिने जा बैठा।

इब्रानियों 12:2 (HINIRV) »
और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले* यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुःख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। (1 पत. 2:23-24, तीतु. 2:13-14)
मुख्य Interpretive बिंदु
मरकुस 16:19 में कहा गया है कि यीशु अपने शिष्यों के साथ बातें करने के बाद स्वर्ग पर उठा लिए गए और परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठे। यह वाक्य विश्वासी जीवन की नियति के लिए केंद्रित उद्घोषणा है: मसीह अभी भी स्वर्ग में राज करता है और उनकी महिमा परम सत्ता से परिपूर्ण है। यह स्थानांतरण बताता है कि उनके मंत्रालय का पृथ्वी पर समय संपूर्ण हो चुका है और स्वर्गीय अधिकार ने पृथ्वी पर उनके प्रभाव को जारी रखा है।
पाठ के साहित्यिक संदर्भ
प्रारम्भिक क्रिया-क्रिया के बाद यीशु का आकाशगमन एक निर्णायक मोड़ है: यह उनके कार्य-यात्रा के प्रावधानों को पूरा करता है—क्योंकि उनका जीवन, क्रूस पर बलिदान और पुनरुत्थान अब स्वर्गीय सत्ता के साथ जुड़ गया। यह वर्णन, मारकुस के तेज-गत सन्निवेशन शैली में, घटनाओं के पूर्णता को इंगित करता है और शिष्यत्व के लिए एक नया संदेशन स्थापित करता है: मिशन अब पृथ्वी पर विश्वभर में फैलेगा, क्योंकि क्राइस्ट राज करते हैं।
धार्मिक महत्त्व
यह उद्धारक के मान और दिव्य अधिकार को स्थापित करता है: यीशु ने दिव्य अधिकार ग्रहण किया और परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठ कर शान्त, नियंत्रित सत्ता दिखायी। प्रायः यह स्थान शास्त्र में उद्धार के समय-सार को संजोता है—कि विश्वासियों के लिए उनका रास्ता खुला है, क्योंकि स्वर्गीय महिमा उनके साथ है। 1 पतरस 3:22 का उल्लेख यहाँ उनके उच्चतम स्थान की पुष्टि करता है: प्रभु यीशु जो स्वर्ग पर बैठे हैं, वे स्वर्गीय न्याय और प्रेरणा के स्रोत हैं।
पवित्र शास्त्रों के साथ संबंध
- प्रेरित पतरस के साथ परामर्श: मसीह का स्वर्गीय आसन उनके 추천 और राजनीतिक-आधार बनता है।
- दर्शनी गवाही: मरकुस की कहानी में यह सहायक पुष्टि है कि ईसा का पृथ्वी पर परिचय एक पूर्ण उद्देश्य के साथ जुड़ा है—स्वर्गीय कारण के साथ पृथ्वी पर प्रभाव।
संरचना में तीन क्रॉस-रेफरेंसेज: (1) एच.नी: 1 पतरस 3:22—यही विचार कि क्रिस्ट परम विश्राम और अधिकार के साथ ऊपर बैठे हैं; (2) इफिसियों 1:20-21—खूबसूरती से दर्शाता है कि मसीह ने का उत्तर और सत्ता पर अधिकार पाया है; (3) इब्रानियों 1:3—क्योंकि वह ध्वनि का प्रकाश और चक्रीय सत्ताधारी है।
विचार-विमर्श के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
मरकुस 16:19 यह संकेत है कि यीशु पृथ्वीवासियों के साथ अपने मिशन के बावजूद उच्चतम अधिकार के साथ शासन करते हैं। उनका स्वर्गीय आसन विश्वास को आश्वस्त करता है कि हमारे प्रभु एक जीवित उद्धारकर्ता हैं जो सत्ता में विराजमान हैं और शांति के साथ हमारे साथ चलते हैं।
पूर्व-उद्धरणित दृष्टांत (महत्वपूर्ण उद्धरणवार्ट)
यहां संक्षेप में मारकुस के समकालीन पादरियों के विचारों का இயंड़ित सार है: “तब प्रभु यीशु उनसे बातें करने के बाद स्वर्ग पर उठा लिया गया, और परमेश्वर की दाहिनी ओर बैठ गया।”