Old Testament
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मरकुस 16:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसने जाकर उसके साथियों को जो शोक में डूबे हुए थे और रो रहे थे, समाचार दिया।
मरकुस 16:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मरकुस 16:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 9:15 (HINIRV) »
यीशु ने उनसे कहा, “क्या बाराती, जब तक दुल्हा उनके साथ है शोक कर सकते हैं? पर वे दिन आएँगे कि दूल्हा उनसे अलग किया जाएगा, उस समय वे उपवास करेंगे।

मरकुस 14:72 (HINIRV) »
तब तुरन्त दूसरी बार मुर्गे ने बाँग दी पतरस को यह बात जो यीशु ने उससे कही थी याद आई, “मुर्गे के दो बार बाँग देने से पहले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा।” वह इस बात को सोचकर फूट-फूट कर रोने लगा।

लूका 24:17 (HINIRV) »
उसने उनसे पूछा, “ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते-चलते आपस में करते हो?” वे उदास से खड़े रह गए।
मरकुस 16:10 पर टिप्पणी—व्याख्या का संक्षिप्त परिचय
इस पद का शुद्ध अर्थ है: उसने जाकर उसके साथियों को जो शोक में डूबे थे और रो रहे थे, समाचार दिया। यीशु मरे हुए उसकी संस्था के सदस्य फिर से जी उठने के अनुसरण में हैं; यह संदेश उनके बीच पहुँचकर विश्वास को पुनर्जीवित करने का पहला कदम है।
संदर्भ और पृष्ठभूमि
सुतीकार पवित्र-ग्रंथ के अनुसार, यीशु के मरने के बाद महिला शिष्याओं ने पहली खबर दी—यह पद यीशु के पुनरुत्थान के साक्षात्कार की घटना के क्रम में आता है। मरकुस 16 का यह हिस्सा चर्च के आरम्भिक प्रचार-कार्य में विश्वास की पुष्टि और दुख के बीच आशा का संदेश देता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
संरचित विचार (2-3 प्रमुख बिंदु)
क्रॉस-रेफरंस और उनके संक्षिप्त स्पष्टीकरण
1) लूक 24:13-35 — मृत परस्थ की उपस्थिति और शिष्य-आश्चर्य; यह दिखाता है कि पुनरुत्थान का संदेश जो पहले यीशु की निकटता से जुड़ा है, धीरे-धीरे समस्त शिष्य-समूह तक पहुंचता है।
2) मत्ती 28:7-8 — गिद्ध-गवाहियाँ दुःख के बीच भी उत्साह का संदेश देती हैं; यह पुष्टि करते हैं कि पहली गवाही पुनरुत्थान की है और यह शोकपूर्ण लोगों के बीच से शुरू होती है।
3) यूहन्ना 20:18 — मरीयों के प्रथम गवाह का चित्रण; यहाँ भी महिलाएँ प्रत्यक्ष गवाही से प्रभु के पुनरुत्थान का संदेश साझा करती हैं।
सार-संक्षेप और व्यावहारिक takeaway
इस verse से सीख मिलती है कि दुःख के समय में भी ईश्वर के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए छोटे-छोटे कदम भी पर्याप्त होते हैं—जैसे शिष्य-समूह के बीच महिलाओं द्वारा दिया गया समाचार, जो पुनरुत्थान के महान खुराक के आरम्भ का संकेत है। विश्वास में स्थित रहते हुए, तत्काल और स्पष्ट गवाही देना खुशी-गुनगुनाहट के साथ प्रकट होता है।
मूल उद्धरणों के संकेत
यदि आवश्यक हो, तो आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पंक्तिबद्ध संक्षेप उद्धरणों का उल्लेख कर सकते हैं; किन्तु यहाँ हमने आधिकारिक सर्वसम्मति में अधिकतम सार को रखा है ताकि मूल भाव स्पष्ट रहे।
संक्षेप संदेशन
पावन प्रेम में दुख के बीच से भी संदेश निकलना—यह परमेश्वर के राज्य की सामान्य गति है: क्रूर अंधकार के भीतर भी प्रभु जी उठते हैं, और उनके साथियों के बीच एक नई आशा का प्रकाश फैलता है।