Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 5:1 मरकुस 5:2 मरकुस 5:3 मरकुस 5:4 मरकुस 5:5 मरकुस 5:6 मरकुस 5:7 मरकुस 5:8 मरकुस 5:9 मरकुस 5:10 मरकुस 5:11 मरकुस 5:12 मरकुस 5:13 मरकुस 5:14 मरकुस 5:15 मरकुस 5:16 मरकुस 5:17 मरकुस 5:18 मरकुस 5:19 मरकुस 5:20 मरकुस 5:21 मरकुस 5:22 मरकुस 5:23 मरकुस 5:24 मरकुस 5:25 मरकुस 5:26 मरकुस 5:27 मरकुस 5:28 मरकुस 5:29 मरकुस 5:30 मरकुस 5:31 मरकुस 5:32 मरकुस 5:33 मरकुस 5:34 मरकुस 5:35 मरकुस 5:36 मरकुस 5:37 मरकुस 5:38 मरकुस 5:39 मरकुस 5:40 मरकुस 5:41 मरकुस 5:42 मरकुस 5:43



कथन-सरल समझ: मरकूस 5:29 का सार
इस पद का सार यह है कि एक रोगी माता के आग्रह और यीशु के स्पर्श से उसकी बहती चोट-भीगती बीमारी पल भर में चली गई और उसे उसकी बीमारी से मुक्ति मिली।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह मारकुस की गवाहीगत कथा सामान्य तौर पर यीशु की शक्ति के बारे में बोलती है—जो बीमारों की शारीरिक त्रुटियों को पल में ठीक कर देता है। संदर्भ यह दिखाता है कि विश्वास और यीशु की अनुमति से बीमारी पर अधिकार पाया जा सकता है। यह घटना एक पुराने नियम की स्थितियों के विपरीत, नई नये अभ्यास की शुरुआत को संकेत करती है कि यीशु स्वयं उपचारकर्ता हैं और उनका स्पर्श जीवन और स्वास्थ्य को लौटाता है।
व्याख्या-नोट्स
- तत्काल असर: रोगी के शरीर में अचानक परिवर्तन हुआ; यह दिखाता है कि प्रभु के वरदान में समय नहीं लगता।
- आत्म-समझ: रोगी ने अपने अनुभव से जाना कि वह “अच्छी” हो गई है—यह संकेतन व्यक्तिगत निश्चय और साक्षात्कार का परिणाम है, न कि केवल चिकित्सा परिणाम।
- विश्वास की भूमिका: आसपास के लोग भी यह मानते हैं कि यीशु ने बीमारी पर विजय पाई है; यह विश्वास की सामूहिक स्मरण-शक्ति है जो चमत्कार के अर्थ को पुष्ट करती है।
थीमेटिक बिंदु
संबद्ध पदों के संदर्भ (संक्षेप में)
- मरकुस 5:34—यीशु ने महिला के विश्वास को संबोधित करते हुए कहा कि उसकी faith उसे स्वास्थ्य के साथ जुड़ने का अवसर देती है।
- लूका 8:48—“डरो मत, तुम्हारा विश्वास तुम्हे बचाएगा” जैसी प्रेरक वाक्यांश, यहाँ भी विश्वास की प्रतिक्रिया बताती है।
- मत्ती 9:22—यीशु के स्पर्श से अनेक रोगों के उपचार का चित्र, जो इस घटना के समान प्रकृति का संकेत देता है।
संक्षिप्त Practical takeaway
– परिस्थिति चाहे कितनी ही कठिन हो, प्रभु पर भरोसा रखें। - एक स्पर्श-आधारित faith से जीवन में नई(restoration) लौट आई है। - दूसरों के बारे में सम्मानपूर्वक विश्वास का उद्गम बने, ताकि वे भी चमत्कारिक परिवर्तन का अनुभव कर सकें।