Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 5:1 मरकुस 5:2 मरकुस 5:3 मरकुस 5:4 मरकुस 5:5 मरकुस 5:6 मरकुस 5:7 मरकुस 5:8 मरकुस 5:9 मरकुस 5:10 मरकुस 5:11 मरकुस 5:12 मरकुस 5:13 मरकुस 5:14 मरकुस 5:15 मरकुस 5:16 मरकुस 5:17 मरकुस 5:18 मरकुस 5:19 मरकुस 5:20 मरकुस 5:21 मरकुस 5:22 मरकुस 5:23 मरकुस 5:24 मरकुस 5:25 मरकुस 5:26 मरकुस 5:27 मरकुस 5:28 मरकुस 5:29 मरकुस 5:30 मरकुस 5:31 मरकुस 5:32 मरकुस 5:33 मरकुस 5:34 मरकुस 5:35 मरकुस 5:36 मरकुस 5:37 मरकुस 5:38 मरकुस 5:39 मरकुस 5:40 मरकुस 5:41 मरकुस 5:42 मरकुस 5:43



मरकुस 5:7 पर दृष्टिकोण
इस उपदेश में यहूद-गजगज से भरे एक पिरामिड के सामने यीशु मसीह के रूप में परमेश्वर के पुत्र की सत्ता का स्पष्ट प्रदर्शन होता है। मनुष्य के जीवन में कठिन परिस्थितियाँ आने पर दुष्ट आत्माओं का शासन-तंत्र टूटते हुए दिखाई देता है; यहाँ एक आत्मा-घृणा से भरा आदमी शैतान की पकड़ से मुक्त होकर ईश्वरीय सत्ता के सामने आ खड़ा होता है। यह पाठ उस समय का है जब गड़बड़ी के बीच यीशु ने बुरी ताकत पर लगाम लगाई और एक विश्वसनीय पहचान के साथ भक्ती-उद्धार की दिशा दिखाई।
मुख्य भावनात्मक संदेश
कड़ापन और भय के बीच भी असुरक्षितता में मानव-जीवन परमेश्वर के सामने खुलता है। यीशु के सामने यह दावा है कि वह परमप्रधान परमेश्वर के पुत्र है; दमनकारी शक्तियाँ भी इस पहचान को मानती हैं। यह दृश्य दिखाता है कि उद्धारकर्ता के पास ही दुष्ट शक्तियों पर जीतने की क्षमता है और वे स्वयं उसे पहचाने बिना भी उससे अनुरोध करते हैं।
दो-तीन प्रमुख विषय
अन्य संदर्भ
यद्यपि यह घटना मरकुस के सुसमाचार में है, परन्तु earlier संदर्भों में यीशु प्रभुत्व के साथ प्रकट होता है (मत्ती 8:29) और नबियों-घोषणा में परमेश्वर के साथ आध्यात्मिक सत्ता का प्रत्यक्ष प्रदर्शन होता है (1 राजा 17). यह तीनों संकेत करते हैं कि परमेश्वर के पुत्र के रूप में यीशु का अधिकार जाहिर है।
व्यावहारिक चिंतन
हमारे जीवन में भी कई बार भय और अंधकार के घेरे आते हैं, पर हमारी आस्था को यीशु की पहचान से प्रेरणा मिलती है। कमजोरियों के सामने भरोसा रखें कि यीशु के नाम से बुराई पर जीत संभव है और दया के साथ उद्धार संभव है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
मरकुस 5:7 में दुष्ट आत्मा की चिल्लाहट एक क्रूर सत्ता के विरुद्ध यीशु की प्रभुता की घोषणा है। यह दिखाता है कि उद्धारकर्ता के पास शक्तियों पर नियंत्रण है और वही मानव जाति के लिए सच्ची मुक्ति की राह है।
Cross-references (संक्षेप)
1) मत्ती 8:29 — यीशु की प्रभुत्व का स्पष्ट उद्घोष; 2) 1 राजा 17 — परमेश्वर की सत्ता और अविश्वास के बीच नाटक; 3) मरकुस 1:24 — उद्धारकर्ता की पहचान और दुष्ट आत्माओं के विरुद्ध संघर्ष।
Notes on exact quotations: न तो इस प्रविष्टि में पूर्ण उद्धरण उद्धृत हैं, और न कोई नया वाक्यांश जो विशिष्ट टिप्पणीकारों के शुद्ध उद्धरण का प्रत्यक्ष उल्लेख करता है। यदि लेखकगण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke) ने किसी पंक्ति का संक्षिप्त प्रयोग किया हो, तो उसे नीचे उद्धृत किया जा सकता है।
कथन-रेखा: इस पाठ में यीशु की पहचान और अधिकार दोनों एक साथ उभरते हैं—जो उद्धार के लिए आवश्यक है और जो भय को छोड़कर विश्वास की ओर प्रेरित करता है।