मत्ती 7:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब तेरी ही आँख में लट्ठा है, तो तू अपने भाई से कैसे कह सकता है, ‘ला मैं तेरी आँख से तिनका निकाल दूँ?’

पिछला पद
« मत्ती 7:3
अगला पद
मत्ती 7:5 »

मत्ती 7:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 7:4 पर टिप्पणी — अपनी आँख के लटकے के कारण दूसरे की आँख देखना

पाठ का संक्षिप्त अवलोकन: मत्ती 7 अध्याय में यीशु ने न्याय करने के लिए चेतावनी दी है कि हम पहले अपने भीतर की धारणाओं और दोषों को दूर करें, ताकि हम दूसरों की कमियों को सही ढंग से पहचान और सुधार सकें। मत्ती 7:4 स्पष्ट करता है कि जब हमारे पास kendi आँखी में लट्ठा होता है, तब हम कैसे दूसरों की आँख से तिनका निकालने की बात कर सकते हैं। यह आयातित पाठ मानवीय स्वार्थ, विवेक और प्रेम की सही कसौटी को उजागर करता है।

पद का आध्यात्मिक पाठ

यह वाणी बताती है कि दूसरों की भूलों को देखने से पहले हमें अपने भीतर की त्रुटियों को देखना चाहिए। जब हमारी दृष्टि दोषों से धुँधली होती है, तो हमारा न्याय करने का लाभ शुद्ध नहीं रहता। यीशु का उद्देश्य है कि संत-संशय में भी प्रेम और विनम्रता बनी रहे—हम दूसरों को सुधारने के लिए मानसिक तौर पर तैयार हों, पर यह सुधार तब ही विश्वसनीय होता है जब हमारे स्वयं के दोषों पर पकड़ हो और हम दयालुता से बाद में मार्गदर्शन दें।

इस अध्याय में मुख्य शिक्षण

  • स्व-आलोचना की महत्त्वपूर्ण आवश्यकता: अपनी कमियों को पहचानना और उन्हें सुधारना पहले आवश्यक है।
  • न्याय-निष्ठा में नम्रता: दूसरों के दोषों पर निर्भर रहते हुए भी प्रेमपूर्ण व्यवहार बनाए रखना।
  • उचित परामर्श और दया: जब हम किसी के दोष का संकेत दें, तो उसी समय अपने चमत्कारपूर्ण प्रेम और विनम्रता को साथ रखना।

अन्य बाइबिल पाठों के तर्कशील संबद्ध

यह पद अन्य जगहों के साथ परस्पर जुड़ता है: - मत 7:1–5 — न तो आप पर तानेबाजी होने दें और न ही पहले अपनी कमियों को ग्रहण करें; आत्मनिरीक्षण के बिना दूसरों को न देखें। - लूका 6:41–42 — क्यों तू अपने भाई की आँख देखकर अपने अपने आप को कैसे नहीं देख पाता? तिनकों के बजाय अपने वस्त्र की साफ-सफाई पर ध्यान दें। - याकूब 4:11–12 — निंदक या परिवर्तक नहीं; एक ही विधि और एक ही न्याय के स्रोत पर निर्भर रहें।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

जब भी आप किसी की गलती पर विचार करें, पहले अपने आप से पूछिए: - क्या मैं स्वयं इसे पूरी ईमानदारी से देख रहा हूँ? - क्या मेरे भीतर का प्रेम और विनम्रता इस निर्देश को संभालने के लिए पर्याप्त है? - क्या मैं सुधार के अवसर के साथ दया, प्रेरणा और सहायता भी दे रहा हूँ?

संक्षेप (总结)

इस वाक्य का संदेश स्पष्ट है: सही ढंग से सुधार तब संभव है जब हमारे पास अपनी कमियों के प्रति ईमानदारी, नम्रता और प्रेम हो। दूसरों की आँख से तिनका निकालना तब तक उचित नहीं जब हम अपने लट्ठे को नहीं देखते। यह संयम केवल वास्तविक परिवर्तन लाता है, न कि अधिक क्षुद्रता और दोषारोपण।

पढ़ने योग्य संदर्भ

यहां कुछ cross-reference विचार कर सकते हैं: - मत्ती 7:1–5 — न्याय न कर पाने का नैतिक विवेक; आंतरिक स्वतंत्रता बनाये रखने की आवश्यकता। - लूका 6:41–42 — अपनी आँखों के कारण दूसरों को देखने की भूमिका पर विवेक। - याकूब 4:11–12 — एक ही कानून, एक ही न्याय के स्रोत की याद दिलाने वाला निष्कर्ष।

योगदान उद्धरण: नीचे वर्णित तीनों प्राचीन टिप्पणीकारों के संक्षिप्त पंक्तियाँ केवल संदर्भ हेतु उद्धृत हैं और पूर्ण पाठ नहीं हैं: - Matthew Henry से: "One who condemns others while himself neglected must be humbled." (शीघ्र संक्षेप) - Albert Barnes से: "The proverb invites self-examination before judging another." - Adam Clarke से: "Before correcting others, one should correct himself."

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 7:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

इस बाइबल अंश से संबंधित समानांतर वचन चित्र अभी उपलब्ध नहीं हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें