मत्ती 7:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे कपटी, पहले अपनी आँख में से लट्ठा निकाल ले, तब तू अपने भाई की आँख का तिनका भली भाँति देखकर निकाल सकेगा।

पिछला पद
« मत्ती 7:4
अगला पद
मत्ती 7:6 »

मत्ती 7:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

हिंदी टीका—मत्ती 7:5 (HINIRV)

पूर्वावलोकन: इस वाक्य में यीशु हमारी दृष्टि की नैतिकता की सच्चाई पर उजाला डालते हैं। वह कहते हैं कि दूसरों की गलतियों को ठीक से देखने से पहले self-examination (आत्मिक जांच) करना आवश्यक है। हर प्रवचन के भीतर यह तत्त्व है कि सत्य जीवन में तब तक धार नहीं पकड़ता जब तक हृदय की पवित्रता और सच्चाइ की खोज नहीं हो जाती।

पद का परिचय—सम्बन्ध और संदर्भ

यह वाक्य मत्ती के स्पष्ट नैतिक निर्देशों का हिस्सा है जो Sermon on the Mount का भाग है। यहाँ यीशु एक प्रचलित दुविधा को स्पष्ट करते हैं: दूसरों के दोषों को देखने में कुशल बनना आसान है, परन्तु अपने आप को परखना कठिन है। यदि कोई अपने दोषों को नहीं पहचान पाता, तो वह निर्बल और अयोग्य बन जाता है ताकि वह सच्चे परिवर्तन के योग्य न बन सके।

मुख्य शास्त्रीय पाठ का अर्थ

“हे कपटी, पहले अपनी आँख में से लट्ठा निकाल ले, तब तू अपने भाई की आँख का तिनका भली भाँति देखकर निकाल सकेगा।” यह आदर्श एक आंतरिक नैतिकता की माँग है—स्वयं को सुधारने के लिए ईमानदार आत्म-आलोचना आवश्यक है। बिना खुद को सच्चे प्रकाश में देखने के, किसी अन्य की ग़लती को निकालना, अक्सर दिखावे का व्यवहार बन जाता है। कपट से बचना है तो पहले अपने भीतर की अविश्वसनीयता और अहंकार को हटाओ।

पंरा, मुख्य शिक्षण और अन्य विवरण

इस वाक्य के पीछे एक प्रेरक सिद्धांत है: हमारे मूल्यांकन का दायरा तब सही बनता है जब हम अपने दोषों को ठीक करने के लिए संघर्ष करते हैं। यदि एक व्यक्ति अपने आंतरिक “लट्ठे” को नहीं पहचान पाता, तो वह दूसरों के छोटे दोषों पर भी कठोर जज्जमेंट करता है और स्वयं को निर्दोष दिखाने की कोशिश करता है। यह शिक्षा शुद्धता, दया, और आत्म-सुधार के संतुलन की मांग करती है—एक ऐसी वास्तविकता जो सामाजिक रिश्तों में भी सुचारुता लाती है।

छोटी-सी तुलना: अन्य आयतों से सम्बद्ध विचार

  • उद्धार-आस्था और विवेक: कई स्थानों पर बाइबल प्रेम, दया और संयम के साथ आलोचना की कमी के बारे में चेतावनी देती है—यह वाक्य भी उसी धारा से जुड़ा है।
  • यथार्थ न्याय और करुणा: दूसरों की कमियों को देखने के समय करुणा और आत्म-निरीक्षण एक साथ रहते हैं, ताकि बहस और उपदेश में प्रेम बना रहे।
  • हृदय की स्पष्टता: बाहरी धार्मिकता से अधिक आंतरिक सत्य महत्वपूर्ण है—जो इस वाक्य के मूल में है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

जीवन में इसका सीधा पाठ है: आलोचना से पहले आत्म-समालोचना करें। आप अपने भीतर के चिन्हों—घृणा, अहंकार, जलन—की जाँच करें, ताकि दूसरों के दोषों को देखते समय भी दयालु रहें। यह मार्गदर्शक विचार इस प्रकार उपयोगी है:

  • किसी पर टिप्पणी करने से पहले दस सेकंड रुककर सोचे कि क्या आप वही दोष अपने भीतर भी देखते हैं।
  • यदि आप सचेत होकर सुधार की प्रक्रिया शुरू करते हैं, तो संबंधों में ईमानदारी और विश्वास बढ़ता है।

अन्वय संदर्श—सूत्रीय उद्धरण

संक्षेप में, यह वाक्य Henry, Barnes और Clarke के चर्चित व्याख्यानों के अनुरूप आत्म-निरीक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालता है—कि बाहरी पवित्रता तभी सृजित होती है जब आंतरिक पवित्रता का निर्माण हो।

संदर्भ उद्धरण (यदि उपलब्ध):

“पहले अपनी आँख में से लट्ठा निकाल ले, तब तू अपने भाई की आँख का तिनका भली भाँति देखकर निकाल सकेगा।”

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संदर्भ और दलील)

1) लूका 6:41–42: भीतर और बाहर की दृष्टि की समानता बताता है—जो अपनी आँख से लट्ठा नहीं निकाल सकता, वह दूसरे की आँख के तिनके को कैसे देख सकेगा।

2) मत्ती 23:26: बाहरी धार्मिकता के पीछे आंतरिक पवित्रता की कमी पर बल देता है—यही मूल संदेश यहाँ भी है।

3) रोम 2:1: प्रत्येक को अपने ही कर्मों के अनुसार परखा जाना चाहिए—स्वयं की जिम्मेदारी स्वीकारना आवश्यक है।

सार-सारांश

यह शिक्षा हमें यह स्मरण दिलाती है कि सच्ची नैतिकता आत्म-परिशोधन से आती है, न कि दूसरों की गलतियों के उजागर करने से। यदि हम पहले अपने भीतर की लट्ठी निकाल दें, तो हमारे द्वारा किए गए तैनात आलोचनात्मक निष्कर्ष दयालु और लाभप्रद होंगे।

नोट: इस Commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्थक अवलोकनों के स्वर शामिल हैं; जहां उपयुक्त रहा, वहाँ उनके विचारों के छोटे-छोटे उद्धरण संक्षेप में सम्मिलित किये गए हैं ताकि पाठक को पारंपरिक व्याख्या की दिशा मिलती रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 7:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लूका 6:42 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 6:42 (HINIRV) »
और जब तू अपनी ही आँख का लट्ठा नहीं देखता, तो अपने भाई से कैसे कह सकता है, ‘हे भाई, ठहर जा तेरी आँख से तिनके को निकाल दूँ?’ हे कपटी*, पहले अपनी आँख से लट्ठा निकाल, तब जो तिनका तेरे भाई की आँख में है, भली भाँति देखकर निकाल सकेगा।

भजन संहिता 51:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 51:9 (HINIRV) »
अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।

मत्ती 23:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 23:13 (HINIRV) »
“हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उसमें प्रवेश करते हो और न उसमें प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें