Old Testament
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मीका 6:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्या मैं कपट का तराजू और घटबढ़ के बटखरों की थैली लेकर पवित्र ठहर सकता हूँ?
मीका 6:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 6:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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लैव्यव्यवस्था 19:36 (HINIRV) »
सच्चा तराजू, धर्म के बटखरे, सच्चा एपा, और धर्म का हीन तुम्हारे पास रहें; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ जो तुमको मिस्र देश से निकाल ले आया।

नीतिवचन 16:11 (HINIRV) »
सच्चा तराजू और पलड़े यहोवा की ओर से होते हैं, थैली में जितने बटखरे हैं, सब उसी के बनवाए हुए हैं।

मीका 6:11 पर प्रकाश: कपट की तराजू/घटबढ़ की थैली से पवित्रता नहीं मिलती
यह पाठ.Prophet मीका परमेश्वर के साथ सही व्यवहार की मांग करते हैं। वह इस नसीहत में बतलाते हैं कि ईमानदारी और निष्कपट आचरण बिना ही धर्म का आचमन ठहर नहीं सकता। रब् से सत्य और नैतिकता की मांग करते समय वह स्पष्ट कर देते हैं कि बाहरी पवित्रता या धार्मिक रीति-रिवाज केवल दिखावा हो सकता है, यदि दिल में कपट और अन्याय बने रहते हैं।
प्यारा पाठ के पीछे का संदर्भ
मीका 6 में परमेश्वर के न्याय और दया की मांग का मूल संदेश है: व्यवस्था के दायरे में जीवनयापन करते समय भी परमेश्वर की हृदय-निष्ठा सबसे ऊपर है। 6:11 में यह विचार स्पष्ट रूप से उभरता है कि परमेश्वर कपट और भ्रष्ट उपायों से भरे हुए चाले नहीं देखेंगे।>
यह वाक्य एक प्रकार का प्रश्न-संकेतन है जो जाँचता है कि क्या कोई व्यक्ति जाल-बनाए हुए तराजुओं और घटबढ़ की थैलियों के द्वारा न्याय प्राप्त कर सकता है। इसका मुख्य बिंदु है- धार्मिक दिखावे से नहीं, बल्कि सत्यपूर्ण आचरण से ही परमेश्वर को प्रसन्न किया जा सकता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुसंगत बाइबिल संदर्भ
यह विचार अन्यubat सिद्धांतों के साथ जुड़ता है:
व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) आचरण में पारदर्शिता रखें—यही वास्तविक धर्म है। अपने व्यवहार के हर क्षेत्र में सच बोलना, अपनी क्षमताओं के अनुसार निष्कपट रहना और अन्याय से बचना।
2) बाहरी प्रतीकों से पहले दिल की सच्चाई—चाहे धार्मिक प्रतीक हों या सामाजिक प्रतिष्ठा, परमेश्वर पहले दिल की सच्चाई देखता है।
3) समाज के साथ न्याय—कपट से जलती-जलती चीजें भी शुद्ध नहीं हो सकतीं; इसलिए अपने रिश्तों और आर्थिक व्यवहार में पारदर्शिता और निष्पक्षता को आगे बढ़ाएं।
एक संक्षिप्त समरी
मीका 6:11 यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर कपटपूर्ण तराजू या घटबढ़ की थैली से पवित्रता नहीं चाहते। असली धर्म दिल की ईमानदारी और समाज के प्रति न्याय की मांग करता है। बाहरी रीति-रिवाज जब तक अंदर से पवित्रता नहीं जड़ लेती, तब तक टिकाऊ नहीं होते। यह संदेश हमें हर दिन अपने आचरण की कसौटी पर ईमानदार रहने के लिए प्रेरित करता है।
उद्धृत अनुशंसा ग्रंथों के संकेत
यह Commentary Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरणों के छोटे-छोटे कथनों के अनुरूप है। आवश्यकता पड़ने पर इन टिप्पणीकारों के स्पष्ट वाक्यों के उद्धरण दिए जा सकते हैं, किन्तु यहाँ संक्षेप में उनका पथ-पानी प्रभाव शामिल है ताकि पठन सरल रहे।
Cross-references: याकूब 2; यशायाह 1; प्रेरितों के क्रिया 5