नीतिवचन 14:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

बुद्धिमान डरकर बुराई से हटता है, परन्तु मूर्ख ढीठ होकर चेतावनी की उपेक्षा करता है।

पिछला पद
« नीतिवचन 14:15
अगला पद
नीतिवचन 14:17 »

नीतिवचन 14:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीति-वचन 14:16 — महत्त्व और संदर्भ

यह वाक्य बुद्धिमानी का एक सरल, मगर गहरा सिद्धान्त बताता है: जो समझदारी से डरता है और बुराई से दूर रहता है, वही सुरक्षित रहता है; जबकि मूर्ख व्यक्ति जब चेतावनियों को अनदेखा करता है, तब वह जोखिम में पड़ता है। यह चरित्र-आधारित तुलनात्मक संदेश है: विवेकशीलता और डरे हुए मन से लिया गया साक्षर निर्णय जीवन की कठिनाइयों से बचाता है।

इसके मूल संदर्भ और संदेश

नीति-वचन के संग्रह में यह पंक्ति एक सामान्य बाजार-जीवन और परिवार-जीवन में पाई जाने वाली नैतिक धारा को दर्शाती है। यहाँ “बुद्धिमान” वह है जो ईश्वर की इच्छा और समाजिक संकेतों को ध्यान में रखकर कदम उठाता है; “डर” से अभिप्राय है भक्ति-भावना से प्रेरित एक सम्मानपूर्ण डर जिसे हम पतिक्रम के विरुद्ध सावधान रहने के रूप में देखते हैं। इसके विपरीत “मूर्ख” ऐसा व्यक्ति है जो चेतावनियों के बावजूद धृण-प्रवृत्ति में गंवद्ध रहता है और परिणामस्वरूप हानियों का सामना करता है।

मुख्य संदेश का सार

  • ज्ञानशील-डर से सुरक्षा मिलती है: विवेकपूर्ण भय—यानी ईश्वर-भय और सतर्कता—बुराई से बचाव का मार्ग है।
  • चेतावनी की उपेक्षा से जोखिम बढ़ता है: मूर्खताओं का परिणाम असावधानी और नुकसान होता है।

अनुकरणीय थीम्स और विश्वसनीय समझ

यह वचन ऐसी प्रवृत्तियों की पहचान करता है जिनसे व्यक्ति अपने जीवन को दिशा दे सकता है: भय/समझदारी, चेतावनी स्वीकारना, और बुराई से दूरी बनाना। यह ईश्वरीय धारणाओं के अनुरूप है कि नीति-शास्त्र और चरित्र-निर्माण में विवेक प्रमुख है। साथ ही यह बताता है कि परमेश्वर के भय से प्रेरित विवेक जीवन के जोखिमों को घटाता है और स्थिर-रहने का भरोसा देता है।

cross-references (संक्षिप्त संकेत और व्याख्या)

नीतिवचन 3:7— संतुलित सावधानी और ईश्वर के भय के साथ ऐसी विनम्रता दिखाने की प्रवृत्ति; अत्यधिक आत्म-विश्वास से बचना।

नीतिवचन 22:3— समझदार व्यक्ति खतरे से पहले ही दूरी बना लेता है; मूर्ख हमेशा ठोकर खाता है।

यशायाह 11:3-4— परमेश्वर की दृष्टि में बुद्धिमान निर्णय में न्याय और भलाई का मार्ग है, भय नहीं।

जनप्रिय अंतर्दृष्टियाँ — 2–3 विचार

1) सुरक्षित जीवन के लिए विवेक और ईश्वर-भय आवश्यक है; जोखिम तभी घटते हैं जब चेतावनियाँ मान ली जाएँ।

2) चेतावनी का मानना व्यक्ति को बुराई से बचाकर स्तर-निर्धारण की दिशा देता है।

devotional reflection (आध्यात्मिक विचार)

कभी-कभी डर एक जोखिम-चिन्ह बनकर आता है, न कि भयभीत करने वाला भाग। इस वचन को याद करें: बुद्धिमान डर कर कदम बढ़ाते हैं—वे खतरे को पहचाने, लेकिन ईश्वर की सहायता पर भरोसा रखकर आगे बढ़ते हैं। अपने जीवन में उन परिस्थितियों को पहचाने जहाँ चेतावनियाँ मिलने पर भी हमने जल्दबाजी में निर्णय लिए—ताकि अब से वे चेतावनियाँ हमारा मार्गदर्शक बनें।

उद्धृत विचार (सूचीबद्ध संक्षेप):

  • बुद्धिमान डर से हटकर बुराई से बचते हैं; यह विवेक का कार्य है।
  • चेतावनियों की उपेक्षा मूर्खता को जन्म देती है और नुकसान लाती है।

इन वचनों के साथ हमारे संकेत: धैर्य, विनम्रता, और परमेश्वर की शिक्षा का पालन—यही वास्तविक सुरक्षा और जीवन की स्थिरता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 14:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 22:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 22:3 (HINIRV) »
चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़कर दण्ड भोगते हैं।

नीतिवचन 3:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 3:7 (HINIRV) »
अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। (रोम. 12:16)

1 थिस्सलुनीकियों 5:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 थिस्सलुनीकियों 5:22 (HINIRV) »
सब प्रकार की बुराई से बचे रहो। (फिलि. 4:8)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें