Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
नीतिवचन 30:1 नीतिवचन 30:2 नीतिवचन 30:3 नीतिवचन 30:4 नीतिवचन 30:5 नीतिवचन 30:6 नीतिवचन 30:7 नीतिवचन 30:8 नीतिवचन 30:9 नीतिवचन 30:10 नीतिवचन 30:11 नीतिवचन 30:12 नीतिवचन 30:13 नीतिवचन 30:14 नीतिवचन 30:15 नीतिवचन 30:16 नीतिवचन 30:17 नीतिवचन 30:18 नीतिवचन 30:19 नीतिवचन 30:20 नीतिवचन 30:21 नीतिवचन 30:22 नीतिवचन 30:23 नीतिवचन 30:24 नीतिवचन 30:25 नीतिवचन 30:26 नीतिवचन 30:27 नीतिवचन 30:28 नीतिवचन 30:29 नीतिवचन 30:30 नीतिवचन 30:31 नीतिवचन 30:32 नीतिवचन 30:33



नीतिवचन 30:27 पर टिप्पणी—थोड़ा-सा पूर्वपाठ और उसका महत्व
वचन 30:27 में टिड्डियों की गतिविधि का छोटा-सा विवरण दिया गया है, जिसका शीर्षक है कि ये समूह-यात्रा करते हुए भारी संख्या में आते-चलते रहते हैं, भले ही वे राजा नहीं। इस संदर्भ में शास्त्री बताते हैं कि यहाँ गुण-दर्शनीय मसालों (यहाँ दयालु, संगठित समूह) की दृष्टि से सहज प्रायः साधारण जीवों के पीछे एक गहरी कलात्मक शिक्षा है: छोटे जीव भी एक साथ आकर बड़े प्रभाव डालते हैं, और परमेश्वर की सृष्टि का निरीक्षण क्रमशः व्यवस्था और सामंजस्य की उपस्थिति को दर्शाता है।
केंद्रीय अर्थ
यह शास्त्रीय एक-वाक्य-उक्ति समूह में एक संकेत देता है: असामान्य शक्ति प्रकृति के समान ही सामाजिक संघटनों में प्रकट होती है। टिड्डियाँ व्यक्तियों की नहीं, बल्कि समुदायों की शक्ति से संचालित होती हैं—परन्तु उनके द्वारा लाई गई आपातकालीन या अचानक होने वाली पूछताछ भी किसी योजना के भीतर होती है। यहाँ ज्ञान यह है कि परमेश्वर की रचना में छोटे-छोटे सदस्य भी एक बड़ी गति बनाते हैं, और यह क्रम व्यवस्था में निपुण है।
तीन मुख्य विषय
प्रासंगिक संदर्भ
निष्कर्ष यह है कि नीचे दिए गए पाठ इस विचार को समर्थन देते हैं:
व्यावहारिक विचार
हम कैसे छोटे-छोटे कृत्यों को एक साथ जोड़कर बड़े उद्देश्य की सेवा कर सकते हैं? अपने परिवार, साथियों या समुदाय में एकजुटता दिखाएं, ताकि एक छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम दे सकें। यह भी याद रखें कि परमेश्वर सभी को उनके स्थान और समय के अनुरूप संचालित करता है; हमारा भाग है उसकी योजना के साथ सहमति बनाये रखना।
संक्षिप्त निष्कर्ष
नीतिवचन 30:27 हमें सिखाता है कि सरल, एकत्र और अनुशासित समूहों की शक्ति ईश्वर की व्यवस्था के भीतर एक सुव्यवस्थित तरंग बनाती है। छोटे जीवों की एकता प्रेरक पाठ है—प्रकृति की गहराई में एक सुव्यवस्थित क्रम की अनुभूति।
: इस अनुच्छेद में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सीधे पूरी उद्धरण नहीं दिए गए हैं, पर उनके मूल विचारों से प्रेरित विश्लेषण एक संयुक्त टिप्पणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।