Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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निर्गमन 10:4 का पाठ-विवेक: टिड्डियाँ आना
पद 4 का सन्निर्देश मिस्र के कुरेदते समय की घटनाओं के बीच आता है, जब परमेश्वर ने नूह के बच्चों से भीषण संकेत दिए थे ताकि फिरौन द्वारा ब्रह्मदेश के दासत्व से उनकी जनता को मुक्त किया जा सके। यहाँ टिड्डियों के आक्रमण की चेतावनी परमेश्वर की सत्ता और देश के दर्द के प्रति उसकी चित्ताकर्षक सच्चाई को उजागर करती है।
ईश्वर का स्वरूप और विश्वास पर यह पाठ क्या बताता है
यह पाठ दिखाता है कि परमेश्वर अपने प्रचारित उद्देश्यों के अनुसार समय-सारिणी के मालिक हैं। आगमी दयालु चेतावनी के द्वारा वह मिस्र के अंध विश्वास और दासता के उपायों को एक स्पष्ट मोड़ देता है, ताकि मिस्र और इस्राइल के बीच एक निर्णायक फर्क बन जाए। विश्वास उसी बंदी-जाल से बाहर निकलने की आशा से जुड़ता है, जब परमेश्वर की ओर पलटा जाता है।
मुख्य शब्दों और प्रतीकों की स्पष्टि
अनुदेश और संबंधित आयतें
ऊपर के विचार को समझने में नीचे की आयतें मदद देती हैं, जहां अन्य संकेतक मिस्र-निर्गम का महत्वपूर्ण क्रम स्थापित करते हैं:
इन संबद्ध पाठों में, टिड्डियों का आक्रमण एक चेतावनी के रूप में आता है जो फिरौन के फैसलों को बदल सकता है और ईश्वर के उद्धार के मार्ग को खोल सकता है।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
हम अपने समय में भी देखते हैं कि चरम संकट ईश्वर की सत्ता के आह्वान और आत्म-निर्भरता की कमजोरी को उजागर करते हैं। संकट से उबरने के लिए हमें अनुशासन, प्रार्थना और विश्वास से कदम बढ़ाने चाहिए, क्योंकि ईश्वर कर्तव्यों के साथ अपने लोगों की रक्षा करते हैं और जो परमेश्वर के आदेशों के अनुसार चलते हैं, उन्हें सुरक्षा देता है।
संरचना-उद्धरण और पारस्परिक संकेत
यह संदेश Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमैन संदर्भों में टिका हुआ एक समेकित भाव है। विशेष उद्धरण नीचे दिए हैं:
“क्योंकि यदि परमेश्वर अपना सामर्थ्य प्रदर्शित करता है, तो मनुष्य कितना भी गर्वीला हो—उसके सामने टिक नहीं पाता।”
नोट: ऊपर उद्धृत पंक्ति सार-सार एक समेकित तात्पर्य के रूप में दी गई है; विशिष्ट पूर्ण वाक्य उनके प्रकाशित टिप्पणियों से संक्षेपित रूप में लिया गया है।
उद्धृत साहित्य से संकेत
1) Matthew Henry के शब्दों में: परमेश्वर की प्रताड़ना और उद्धार यदि किसी को सच्चे कर्तव्य-चेतना से नहीं रोका तो वह तब भी उद्धार की दिशा में बढ़ता है।
2) Albert Barnes के विचारों में: कठिन समय में परमेश्वर की चेतावनियाँ मानवीय हृदय को मोड़ती हैं ताकि वह उनकी अनुमति में लौट आये।
3) Adam Clarke के निबंध में: टिड्डियों का प्रतीकात्मक आक्रमण नैतिक-आत्मा की चंचलता पर चोट करता है और दासता से मुक्ति की प्रार्थना को प्रबल करता है।