Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
निर्गमन 10:1 निर्गमन 10:2 निर्गमन 10:3 निर्गमन 10:4 निर्गमन 10:5 निर्गमन 10:6 निर्गमन 10:7 निर्गमन 10:8 निर्गमन 10:9 निर्गमन 10:10 निर्गमन 10:11 निर्गमन 10:12 निर्गमन 10:13 निर्गमन 10:14 निर्गमन 10:15 निर्गमन 10:16 निर्गमन 10:17 निर्गमन 10:18 निर्गमन 10:19 निर्गमन 10:20 निर्गमन 10:21 निर्गमन 10:22 निर्गमन 10:23 निर्गमन 10:24 निर्गमन 10:25 निर्गमन 10:26 निर्गमन 10:27 निर्गमन 10:28 निर्गमन 10:29


निर्गमन 10:12 – immediate setting
इसी प्रसंग में यहोवा मूसा से कहता है कि मिस्र देश पर फिर से एक दया-नियंत्रण का चक्र होगा—टिड्डियाँ भूमि के बचे हुए अन्न, ओलों आदि को चट करने के लिए आ जाएँ। यह वचन उस घटना-श्रृंखला का भाग है जिसमें परमेश्वर ने मिस्र के नौजलवासियों को उनके दमन के कारण कठोर कर दिया और इस्रायलों के लिए निश्चल मार्ग खोला गया।
ईश्वर और विश्वास के बारे में टेक-फ्रेम
यह verses दिखाती है कि परमेश्वरा के हाथ में राष्ट्रों का नियंत्रण है और वह समय-समय पर अपने लोगों के लिए परीक्षा और उद्धार की योजना बनाते हैं। टिड्डियाँ एक चेतावनी और शुद्धिकरण की वस्तु बनकर आती हैं: वे अस्थिरता, क्षणिकता और लापरवाही का प्रतीक हैं, परन्तु परमेश्वर के उद्देश्य के आगे वे कार्य करती हैं। यह दिखता है कि विश्वास तब मजबूत होता है जब परमेश्वर का आदेश स्पष्ट और प्रेरित हो, और भक्तजन उसे पालन करते हैं।
कुंजी शब्द और चित्र
- टिड्डियाँ: दैवीय अभिशाप का रूप; यह संकेत कि धरती की वस्तुएँ निर्भर नहीं, वरन परमेश्वर की इच्छा के अधीन हैं।
- भूमि का अन्न: विपत्ति के समय आवश्यकताओं की आपूर्ति पर एक चेतावनी; परमेश्वर अपनी प्रजाति के लिए आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।
संबद्ध संदर्भ
पुरातन-चरित से सीख
Matthew Henry के अनुसार, यह दण्ड-भय के समय में भी परमेश्वर का संरक्षण दिखाता है—जो अपने लोगों के साथ प्रेम और न्याय दोनों दिखाता है। Albert Barnes कहते हैं कि यह घटना परमेश्वर के क्रोध के न्यायसंगत प्रदर्शन का संकेत है, ताकि मसीही आस्था में भय और पवित्रता बनी रहे। Adam Clarke इस बात पर जोर देते हैं कि टिड्डियों का आना मिस्र के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को जड़ से हिला देता है, जिससे लोग परमेश्वर की सत्ता को स्वीकार करने के लिए विवश हों।
इन विचारों के साथ, एक छोटा-सा सार यह है कि प्रभु के आदेश पर चलना विश्वास का परीक्षण है और उसकी सहायता में ही वास्तविक सुरक्षा है।
आज की प्रैक्टिकल शिक्षा