नीतिवचन 4:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इनको अपनी आँखों से ओझल न होने दे; वरन् अपने मन में धारण कर।

पिछला पद
« नीतिवचन 4:20
अगला पद
नीतिवचन 4:22 »

नीतिवचन 4:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 4:21 का अर्थ स्पष्ट देखें

इस पद में कहा गया है कि ज्ञान और शिक्षा की बातें हमारे नेत्रों से ओझल न हों, बल्कि हमारे मन में उन्हें धारण कर लेना चाहिए। इसका सीधा अर्थ है—जो कुछ सीखा गया है, उसे सक्रिय रूप से याद रखना, दैनिक जीवन में आत्म-समर्पित होकर लागू करना। यह वचन सजग स्मृति और आत्म-नियंत्रण की महत्ता को रेखांकित करता है, ताकि मार्गदर्शन हम तक भीतर-भीतर ठहरे और जीवन के निर्णयों में सचेतना बनी रहे।

पार्श्वभूमि और संदर्भ

नीतोपदेश के चार अध्यायों में माता-पिता द्वारा बच्चों को धर्मी जीवन के पाठ सिखाए जाते हैं। यह अध्याय 4 पथ-निर्देशों का समुच्चय है, जिसमें विचार और आचरण का मेल है। यहाँ सूचित किया गया है कि सीख और ज्ञान सिर्फ दिमागी प्रस्तुति नहीं हैं, बल्कि यह आचरण में उतरकर जीवन-यात्रा को दिशा दें।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • याद रखने की जिम्मेदारी: जो सीखा गया है, वह मन में टिकाए रखना पाठ-परंपरा की कसौटी है, ताकि भ्रम या फिसलन से बचा जा सके।
  • निष्ठा और अनुशासन: स्मृति केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि नैतिक क्रम की आंतरिक संरचना है—जहाँ ज्ञान प्रैक्टिकल नियम बन जाए।
  • जीवन के मार्गदर्शन के स्रोत: आँखों से ओझल न करना पाठ की जीवंत ऊर्जा है जो हर कदम पर प्रकाश देती है।

संघाय पाठ/अनुवादित दृष्टांत

उसी प्रकार के सुझाव अन्य स्थानों में भी मिलते हैं जहाँ ज्ञान को दिल-ही-दिल धारण करने पर जोर है—मुख्यतः आत्म-नियंत्रण और स्मृति का संयोजन।

मुख्य विचारों की लघु सूची

अन्य सन्दर्भ with संक्षिप्त व्याख्या

– नीतिवचन 3:1-2 में कहा गया है कि शास्त्र के आचार हमें हृदय से अनुग्रहित करते हैं; इसे स्मरण और धारण करने से निरंतर लाभ मिलता है।

– मरकुस 7:20-22 में मन की स्पष्टता दिखती है, कि भीतर का विचार और स्मृति कैसे आचरण बनते हैं।

– यह.sh 55:3-4 में ज्ञान को स्मरण रखने की प्रेरणा दी गई है कि μας मार्गदर्शक बने और जीवन-यात्रा को दिशा दे।

व्यावहारिक निष्कर्ष

सीख को अपनी आदत बनाइए: हर दिन शिक्षा को एक छोटे-से कदम के रूप में व्यवहार में उतारें, ताकि स्मृति जीवित रहे और निर्णयों में प्रभु का मार्ग स्पष्ट दिखे।

उद्धरण उद्धृत किये गए टिप्पणीकार

यदि स्पष्ट उद्धरण आवश्यक हो तो नीचे के वक्तव्यों को ध्यान में रखा गया है:

मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क—इनमें से अगर उपलब्ध हो तो उनके संक्षिप्त विचारों को संतुलित तरीके से एकीकृत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 4:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 3:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 3:21 (HINIRV) »
हे मेरे पुत्र, ये बातें तेरी दृष्टि की ओट न होने पाए; तू खरी बुद्धि और विवेक* की रक्षा कर,

भजन संहिता 40:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 40:8 (HINIRV) »
हे मेरे परमेश्‍वर, मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्‍न हूँ; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्तःकरण में बसी है।” (इब्रा. 10:5-7)

नीतिवचन 3:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 3:3 (HINIRV) »
कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएँ; वरन् उनको अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदयरूपी पटिया पर लिखना। (2 कुरिन्थियों. 3:3)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें