Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 4:3 पर टिप्पणी (HINIRV)
व्याख्या संदर्भ: इस वचन में लेखक अपने बचपन के दिनों की याद दिलाकर पाठक को आर्शीवादपूर्ण जीवन-मार्ग के मूल की ओर ले जाता है। प्रसिद्ध पवित्र ग्रंथों के अनुसार प्रेरित पिता के निर्देश और माता द्वारा प्रेमपोषित सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहता है। इस भिन्न-भिन्न पारिवारिक दायित्वों की तस्वीर को प्रदर्शित करके, लेखक हमें यह सिखाते हैं कि जवानी के समय में निर्णयात्मक दृष्टि कितनी महत्वपूर्ण है।
मुख्य विचारधारा
यह वचन अपने पिता की स्मृति को याद करता है—“मैं भी अपने पिता का पुत्र था, और माता का एकलौता दुलारा था”—जो जीवन के आरम्भिक वर्षों में सीखने की प्रक्रिया को प्रकट करता है। यहाँ माता-पिता की भूमिका, परिवार की सुरक्षा, और विरासत की चेतना एक साथ उभरती है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि बचपन से मिली सीख ही आगे के चरित्र-निर्माण की नींव बनती है।
तीन प्रमुख विषय
関連 पद (Cross-references)
1) लाभ-संबंधी मार्गदर्शन के महत्व के बारे में ברית-उद्धरण: माता-पिता की शिक्षा के प्रति सम्मान—(संकेत दे सकता है) कि बच्चों को सही पथ पर टिके रहने के लिए अनुशासन जरूरी है।
2) दयालु मार्गदर्शन के साथ बुद्धिमत्ता: बच्चों के लिए विवेकपूर्ण निर्णय लेने का समय—स्पष्ट नैतिक मार्गदर्शन से जुड़ा है।
3) परिवार-आधार की सुरक्षा: परिवार के प्रेम और संरक्षा से जीवन के अंधकार को रोका जा सकता है।
व्यावहारिक विचार
अपने आचरण में, बच्चों के रूप में मिली शिक्षा को पहचानें और उसे आज के समय में कैसे लागू करें, इस पर विचार करें। माता-पिता के निर्देश और पारिवारिक प्रेम को अपने निर्णयों के स्रोत के रूप में मानें। युवा पाठकों के लिए यह संदेश है कि सही मार्ग चुनना सीखना, और सीखते समय माता-पिता की सलाह को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
संक्षिप्त निष्कर्ष
नीतिवचन 4:3 हमें स्मरण कराता है कि जीवन-यात्रा में प्रारम्भिक शिक्षा और पारिवारिक सुरक्षा कैसी दिशा तय करती है। यह वचन बताता है कि दृढ़ता और संतुलन के साथ माता-पिता की सीख लेना ही सही मार्ग की शुरुआत है, ताकि चरित्र निर्माण और अनुभव का फल जीवन-भर मिलता रहे।
लेखन-उद्धरण और संदर्भ
यदि आवश्यक हो, तो समानांतर टिप्पणीकारों के भाव-सार्ष्मिक अवलोकन इस प्रकार हैं: मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डोमेन विचारों को इस पाठ के साथ समाहित किया गया है—परंतु किसी भी पूर्ण वाक्य का उद्धरण केवल हल्के संकेत के रूप में है और मूल पाठ से हटा नहीं किया गया है.