भजन संहिता 125:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु जो मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, उनको यहोवा अनर्थकारियों के संग निकाल देगा! इस्राएल को शान्ति मिले! (नीति. 2:15)

भजन संहिता 125:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 125:5 — संदर्भित पाठ का सेटिंग और व्याख्या

प्यारे परमेश्वर के भक्त यह शांति-भरे अनुभव के साथ चलते हैं, किन्तु जो लोग मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, वे आपके सामने अस्थिरता और विनाश का सामना करेंगे। इस श्लोक में यह स्पष्ट किया गया है कि ईश्वर उन लोगों को कौन-सी सीमा में रखेंगे जो छल-फरेब या अनैतिक मार्ग अपनाते हैं, जबकि शान्ति उन के विश्वासियों के लिए अंतःस्थाई पोषण बनती है।

ईश्वर के बारे में क्या प्रकट होता है

यह श्लोक ईश्वर की न्यायशीलता और कृपाशीलता दोनों का संयुक्त चित्र प्रस्तुत करता है। विश्वासियों के लिए वह सुरक्षा और शांति देता है, परन्तु दुष्ट मार्ग पर चलने वालों को साता है—यानी उनकी चाल में स्पष्ट परिणाम होते हैं। यह उद्धार-योजनाओं में ईश्वर की कटाक्षपूर्ण निष्कामता नहीं, बल्कि उनके नियत-निर्णय की पुष्टि है, जिसमें वह संयमपूर्वक दंड भी करते हैं ताकि लोक सत्य के प्रति लौटें।

महत्त्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • टेकड़े मार्ग — एक पथ जो ईश्वर के निर्देशों के विपरीत है; सजगता से दूर हटना और निरपेक्षता में धोखा देना।
  • अनर्थकारियों के संग निकाल देगा — दुष्टताओं के साथ उनका भाग्य समाप्त होगा; ईश्वर न्यायिक क्रिया से दूरी बनाते नहीं हैं।
  • इस्राएल को शान्ति मिले — परमेश्वर की देह है कि उनके लोक को अखंड शांति और सामंजस्य मिले; यह आंतरिक तथा सामूहिक दोनों प्रकार की शांति को दर्शाता है।

अन्य पवित्र ग्रंथ से सम्बद्ध संदर्भ

- नीति-शास्त्रों 2:15 से संकेत मिलता है कि दुष्ट मार्गों को अपनने वालों के प्रभाव विनाशकारी हो सकते हैं, और ज्ञानपूर्वक आचरण ही सच्ची चतुरता है।

- भजन संहिता 1:6 के साथ तुलना में यह दिखता है कि धर्मी का मार्ग स्थिर रहता है जबकि दुष्टों का मार्ग जल्दी नष्ट होता है।

- निर्गमन 33:14 में दाऊद के समय-संदर्भ के समान लोग जो शांति से चलते हैं, उन्हें ईश्वर का विशिष्ट संरक्षण मिलता है।

आज के संदर्भ में अनुप्रयोग

1) अपने आचरण की दिशा स्पष्ट रखें — अपने निर्णयों में ईश्वर की मार्गदर्शकियों को प्राथमिकता दें।

2) विपरीत परिस्थितियों में भी शांति बनाए रखें — कठिनाइयों के बीच आत्म-नियंत्रण और सत्य की पकड़ मजबूत करें।

3) समुदाय में सत्य और निष्ठा को बनाए रखना — एक-दूसरे के ऊपर प्रेमपूर्ण निगरानी और प्रेरणा के साथ नैतिक मार्ग पर चलते रहें।

व्यावहारिक सार

जो लोग ईश्वर की इच्छा के विरुद्ध चलते हैं, उनके लिए समाज और आचरण में अस्थिरता है; किन्तु शांति में रहने वाले वफादार रहते हैं और उन्हें ईश्वर का संरक्षण मिलता है। यह पाठ हमें स्मरण कराता है कि सत्य और नैतिकता में दृढ़ रहने से न केवल हमारी आत्मा सुरक्षित रहती है, बल्कि समुदाय भी शांति के पथ पर चलता है।

संदर्भ-उद्धरण (संकेत)

क्लिन्ट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टीका-उद्धरण मिलते हैं; यहाँ आवश्यक स्थान पर उनके संकेतन दिये गये हैं:

Adam Clarke कहते हैं: “....”

Albert Barnes कहते हैं: “...।”

Matthew Henry कहते हैं: “...。”

सारांश

भजन संहिता 125:5 हमें यह दिखाता है कि ईश्वर शांति के पथ पर चलने वालों की सुरक्षा करता है जबकि विपरीत मार्ग चुनने वालों को उनके कर्मों के अनुसार परिणाम भुगतने पड़ते हैं। आधुनिक जीवन में भी यह शिक्षा सच है: जो नैतिकता और सत्य के साथ चलता है, उसे स्थिरता और शांति मिलती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 125:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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