भजन संहिता 144:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उनके मुँह से तो झूठी बातें निकलती हैं, और उनके दाहिने हाथ से धोखे के काम होते हैं।

भजन संहिता 144:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 144:8 का सरल अर्थ

इस आयत में कहा गया है कि इंसानों के मुख से झूठ निकलते हैं और उनके दाहिने हाथ से धोखे के काम होते हैं; यानी उनके बोल और कर्म धोखे से प्रेरित होते हैं और सत्य से विचलित रहते हैं। यह एक स्पष्ट चेतावनी है कि संसार में दिखावे और आडम्बर के पीछे असली में छल-छुपा हो सकता है, और यह चर्च-समाज के लिए आत्म-परख का अवसर है कि अपने जीवन को सत्य और सत्यनिष्ठा के अनुरूप बनाए रखें।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

भजन संहिता 144 एक प्रकार की दुआ है जिसमें दाऊद परमेश्वर के संरक्षण, सुरक्षा और सहायता के लिए प्रार्थना करता है। यह उनके दिनों की बुराइयों और दुष्कर्मों के विरुद्ध परमेश्वर की न्यायपूर्ण स्थिति को दिखाता है। इस अध्याय का संदर्भ सामान्य रूप से दैनिक सुरक्षा, युद्ध-यात्रा, और आशीषों के लिए भगवान की सहायता की माँग से जुड़ा है। किन्तु Verse 8 में यह स्थिति उजागर होती है कि दुनिया में सत्यता का अभाव क्यों बन सकता है—शासन और समाज में धोखा, झूठ और असत्यता का बोलबाला।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

- चींटी की तरह छोटे-छोटे कर्म भी सत्य के साथ हों, वरना बड़े- बड़े दावे भी धोखे में बदले रहते हैं।

- मुख से झूठ निकलना और हाथों से धोखा देना एक साथ दिखाता है कि नैतिक भ्रष्टाचार कैसे व्यक्तिगत आचार-व्यवहार को प्रभावित करता है।

- यह आयत श्रद्धालुओं को सच बोलने, निष्ठा बनाए रखने और भगवान की राह में सत्य के मार्ग पर टिके रहने की प्रेरणा देती है, विशेषकर कठिन परिस्थितियों में।

मूल विचारों के 2-3 आवश्यक बिंदु

  • सत्य और धोखे का द्वन्द्व श्रद्धा-जीवन की कसौटी है।
  • धर्मयुद्ध नहीं, बल्कि आचरण की सत्यनिष्ठा परमेश्वर के निकटता का माप है।
  • झूठे शब्द और धोखे के व्यवहार सामाजिक सुरक्षा और भरोसे को हानि पहुँचाते हैं, इसलिए दैवीय मानदंडों के अनुरूप जीवन जीना चाहिए।

अन्य आयतों से सम्बद्ध संकेत

नवीन-वचन 12:22 में एक समान विचार मिलता है: असत्य का पुल टूटता है, सत्य पर टिके रहने से ही जीवन की बुनियाद मजबूत होती है।

याकूब 3:11-12 बताता है कि जंगली भाषाएँ कैसे फूट-फूटकर माध्यम बनती हैं; बोल-चाल में सच बोलना और एकता बनाए रखना कितना आवश्यक है।

जातक 6:3 की अंश-आयतें दिखाती हैं कि नीति और आचरण दोनो एक दूसरे को प्रभावित करते हैं; व्यक्ति के कर्म उनके विश्वास को प्रकट करते हैं।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

हम अपने शब्द और कर्म मिलकर जोधते रहें। झूठ या धोखे के कार्यक्रम से बचें; सत्यनिष्ठा, निष्ठा और प्रेम से व्यवहार करें, ताकि हमारा जीवन परमेश्वर के सत्य के साथ संतुलित रहे और समाज में विश्वास बना रहे।

याद रखने योग्य पाठ

परमेश्वर की सहायता के बिना और समाज की चालाकी के बावजूद, सत्य के मार्ग पर चलना ही वास्तविक सुरक्षा और आशीषों का स्रोत है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 144:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 12:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 12:2 (HINIRV) »
प्रत्येक मनुष्य अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के होंठों से दो रंगी बातें करते हैं।

यशायाह 44:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 44:20 (HINIRV) »
वह राख खाता है*; भरमाई हुई बुद्धि के कारण वह भटकाया गया है और वह न अपने को बचा सकता और न यह कह सकता है, “क्या मेरे दाहिने हाथ में मिथ्या नहीं?”

भजन संहिता 41:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 41:6 (HINIRV) »
और जब वह मुझसे मिलने को आता है, तब वह व्यर्थ बातें बकता है, जब कि उसका मन अपने अन्दर अधर्म की बातें संचय करता है; और बाहर जाकर उनकी चर्चा करता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें