भजन संहिता 7:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

देख दुष्ट को अनर्थ काम की पीड़ाएँ हो रही हैं, उसको उत्पात का गर्भ है, और उससे झूठ का जन्म हुआ।

भजन संहिता 7:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 7:14 का तत्काल संदर्भ और व्यापक संदर्भ

भजन संहिता 7 में परमेश्वर के न्याय और निष्ठा की कसौटी प्रस्तुत की गई है। इस पद में दुष्ट व्यक्ति के आंतरिक परिणामों का चित्रण है: उसकी पवित्र-निंदात्मक योजनाओं के भीतर पीड़ा, गर्भवत उत्पत्ति और झूठ का जन्म। यह कहें कि दुष्ट अपने ही कर्मों के कारण घनिष्ठ असंतोष और असफलता के गर्भ में पड़ता है, जो अंततः उसकी चालों को उजागर कर देता है।

ईश्वर और विश्वास का यह पाठ क्या बताता है

यह पाठ सच्चे न्याय और नैतिक परिणामों के प्रत्यक्ष प्रमाण की ओर संकेत करता है: दुष्टता दूर नहीं रहती, बल्कि अपने भीतर एक असंतुलन और पीड़ा पैदा कर लेती है। परमेश्वर निष्ठा से देखता है कि कौन क्या बोता है—झूठ, हिंसा, और उत्पात के पाप अपने आप ही पलते हैं, और समय आने पर सच का प्रकाश सामने आ जाता है। यह विश्वास में सुरक्षा देता है कि ईश्वर के हृदय-नियति में सच और न्याय अंततः स्थापित होते हैं।

महत्वपूर्ण शब्दावली और छवियाँ स्पष्ट करना

  • ": यहाँ दुष्ट की योजना के जन्म या विकसित होने की तस्वीर है—यानी उसकी चालनाओं से उत्पन्न परिणाम और खतरे जो समाज पर पड़ते हैं।
  • ": पाप की सतह से नहीं, बल्कि उसके आंतरिक विवेक के विरोध में जन्मी धारणाएं और बोली—यानी असत्य और छल-प्रपंच का प्रकट होना।

अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस और उनका छोटा परिचय

ये संदर्भ पाठ के विचारों को गहराई देते हैं, बिना उनके पूर्ण टेक्स्ट को उद्धृत किए:

  • यशायाह 59:2–3— पाप के कारण दूरी और असत्य का प्रवाह।
  • नीतिवचन 26:27— जो बीज डाले वही फल पाता है; दुष्ट की चालों का परिणाम सामने आता है।
  • रोमियों 2:6–8— ईश्वर न्याय के अनुसार प्रत्येक कर्म का प्रतिफल देता है।

इन संदर्भों से ज्ञात होता है कि कर्मों के परिणाम समय पर नहीं रुकते, पर परमेश्वर की न्याय-पथ पर अंततः सत्य उजागर होता है।

पढ़ने की रणनीति और आज के लिए आवेदन

आज के संदर्भ में यह पाठ हमें सिखाता है कि पथ पर चलना—चालाक योजना बनाना, धोखा देना या हिंसा से जीतना—स्वयं एक आंतरिक विफलता है जो अंततः टूटे हुए रिश्तों, अस्थिरता और मनो-आत्मिक पीड़ा को जन्म देती है। ईश्वर के सामने जीवन की सत्यता रखना, और दूसरों के प्रति सच्चे प्रेम और निष्पक्षता दिखाना, सुरक्षा और शांति का मार्ग है।

हिन्हाई (HINIRV) पाठ का संक्षिप्त सार

दुष्ट की पीड़ा और झूठ का जन्म ही उसकी चोट का परिणाम है; परमेश्वर की निष्ठा और न्याय अंततः सत्य को उजागर करते हैं, और जीवन का मार्ग सत्य और प्रेम पर टिकता है।

व्यावहारिक आज की बातें:

  • झूठ और दुष्प्रचार से दूर रहें; सच को सम्मान दें।
  • अपने आंतरिक कर्मों पर नजर रखें—जो बोया वही फला।
  • आस-पड़ोस में निष्पक्षता और करुणा दिखाएं; अन्याय के विरुद्ध सत्य का पक्ष लें।

नोट: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण इस संस्करण में आवश्यकतानुसार समाहित हैं।

उद्धरण संकेत: “उत्तपात का गर्भ” एवं “झूठ का जन्म” के भावी व्याख्या में इन पंक्तियों के निहितार्थ स्पष्ट करते हैं; यदि आप इन प्राचीन टिप्पणीकारों के शब्दों के संपूर्ण उद्धरण देखना चाहें, तो वे उनके तृतीयक टिप्पणी-संसाधनों में मिलेंगे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 7:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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अय्यूब 15:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 15:35 (HINIRV) »
उनको उपद्रव का गर्भ रहता, और वे अनर्थ को जन्म देते है* और वे अपने अन्तःकरण में छल की बातें गढ़ते हैं।”

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तुम में सूखी घास का गर्भ रहेगा, तुम से भूसी उत्‍पन्‍न होगी; तुम्हारी साँस आग है जो तुम्हें भस्म करेगी।

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फिर अभिलाषा गर्भवती होकर पाप को जनती है और पाप बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्‍पन्‍न करता है।

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