भजन संहिता 95:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

समुद्र उसका है, और उसी ने उसको बनाया, और स्थल भी उसी के हाथ का रचा है।

भजन संहिता 95:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

ध्यानार्थ सार — प्रत्यक्ष अर्थ

यह पद सत्यापित करता है कि समुद्र और भूमि दोनों परमेश्वर की सृष्टि और अधिकार में हैं; वे केवल वस्तुएँ नहीं बल्कि उसकी मुठ्ठी में स्थित रचनाएँ हैं। पद हमें याद दिलाता है कि सृष्टि का स्वामी वही है, न कि मानव या प्रकृति।

प्रसंगात्मक पृष्ठभूमि

भजन 95 एक आह्वान है—प्रभु की स्तुति और उसकी महानता मानने का बुलावा। कुल मिलाकर यह राष्ट्र को याजकों और लोगों के रूप में उठकर प्रभु के सामर्थ्य, सृष्टि और रहस्य के आगे झुकने के लिए प्रेरित करता है। छन्द 5 विशेषकर सृष्टि-प्रमाण के माध्यम से परमेश्वर की सार्वभौमिकता और स्वामित्व को स्थापित करता है, ताकि श्रोता विनम्रता और विश्वास के साथ उत्तर दें।

व्याख्यात्मक बिंदु

1) "समुद्र उसका है" — समुद्र प्राचीन काल से अराजकता और भय का प्रतीक रहा है; यहाँ उसके होने का अर्थ है कि वह नियंत्रण में है। यह विचार कालेजिकल डर को मात देता है और परमेश्वर के शक्ति-प्रदर्शन को दर्शाता है।

2) "और उसी ने उसको बनाया" — समुद्र की उत्पत्ति का श्रेय सीधे परमेश्वर को दिया गया है; यह दिग्दर्शन देता है कि सृष्टि स्वयंस्फूर्त नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण रचना है।

3) "स्थल भी...उसके हाथ का रचा है" — भूमि का रचना-कर्म और भी स्पष्ट किया गया है; यह मानव को याद दिलाता है कि भौतिक संसार और उसका क्रम ईश्वर की योजना में निहित है।

थीमों की संक्षिप्त सूची

  • परमेश्वर की सार्वभौमिक स्वामित्व
  • सृष्टि का आदेश और नियंत्रण
  • मानव के लिए विनम्रता और स्तुति का आह्वान

संबंधित पद और तात्पर्य

• उत्पत्ति 1 — रचना की शुरुआत और परमेश्वर की संप्रभुता; भजन 95:5 रचना के स्वामी होने के विचार को पुष्टि करता है।

• यशायाह 40:12 — परमेश्वर के द्वारा सागर और धरती की माप के संदर्भ में मानव के तुच्छ स्वभाव की तुलना; दोनों पद परमेश्वर की महानता पर प्रकाश डालते हैं।

• रोमियों 1:20 — सृष्टि के माध्यम से ईश्वर की अज्ञेयनीयगुणों का प्रकट होना; यह पद बताता है कि सृष्टि परमेश्वर के अस्तित्व और शक्तियों की घोषणा करती है।

जार्गल सलाह और उपयोगी उद्धरण

मैथ्यू हेनरी का संक्षिप्त विचार दर्शाता है कि यह पद लोगों को "भय और भरोसे" के बीच सही संतुलन सिखाता है। अल्बर्ट बार्नेस ने लिखा है कि यह "परमेश्वर के अधिकार की स्पष्ट घोषणा" है। एडम क्लार्क का संकेत यह है कि रचना का हवाला हमें विनम्र होने और परमेश्वर के साम्राज्य को स्वीकार करने पर प्रेरित करता है। (उद्धरण संक्षेप और संदर्भ-रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।)

व्यावहारिक सीख

इस छन्द से निकालने योग्य सरल व्यवहारिक निष्कर्ष हैं: जब हम प्रकृति की महानता देखते हैं तो उसे मालिक-रूप में जानना चाहिए—यह हमें गर्व घटाने, निर्भीकता बढ़ाने और श्रद्धा में जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। इसलिए आगे चलकर स्तुति, अधीनता, और विश्वास ही उपयुक्त प्रतिक्रिया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 95:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 1:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 1:9 (HINIRV) »
फिर परमेश्‍वर ने कहा, “आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे,” और वैसा ही हो गया। (2 पत. 3:5)

अय्यूब 38:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 38:10 (HINIRV) »
और उसके लिये सीमा बाँधा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़ें लगा दिए,

भजन संहिता 33:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 33:7 (HINIRV) »
वह समुद्र का जल ढेर के समान इकट्ठा करता*; वह गहरे सागर को अपने भण्डार में रखता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें