Old Testament
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रोमियों 13:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि अधिपति अच्छे काम के नहीं, परन्तु बुरे काम के लिये डर का कारण हैं; क्या तू अधिपति से निडर रहना चाहता है, तो अच्छा काम कर* और उसकी ओर से तेरी सराहना होगी;
रोमियों 13:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रोमियों 13:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 25:1 (HINIRV) »
“यदि मनुष्यों के बीच कोई झगड़ा हो, और वे न्याय करवाने के लिये न्यायियों के पास जाएँ, और वे उनका न्याय करें, तो निर्दोष को निर्दोष और दोषी को दोषी ठहराएँ।

नीतिवचन 20:2 (HINIRV) »
राजा का क्रोध, जवान सिंह के गर्जन समान है; जो उसको रोष दिलाता है वह अपना प्राण खो देता है।

नीतिवचन 14:35 (HINIRV) »
जो कर्मचारी बुद्धि से काम करता है उस पर राजा प्रसन्न होता है, परन्तु जो लज्जा के काम करता, उस पर वह रोष करता है।
रोमियों 13:3 पर केन्द्रित टिप्पणी: अच्छे शासन के भीतर मानव संस्थाओं की भूमिका
मुख्य निष्कर्ष: यह verse बताता है कि अधिपतियों के शासन-कार्य का मूल उद्देश्य समाज में उत्तम कर्म कराने और दुष्कमाओं से बचाने में सुरक्षा प्रदान करना है; यदि हम अच्छे काम करें तो शासन हमारी प्रशंसा करता है और यदि हम दुष्कर्म करें तो डर महसूस करते हैं। यह पाठ कानून-व्यवस्था और ईमानदार नागरिक मार्गदर्शन के बीच संतुलन को दर्शाता है।
ग्रंथ-वाचन का साहित्यिक संदर्भ
पद के भावार्थ में रोमी समुदाय के लिए पॉल यह स्पष्ट करता है कि राज्य का दायित्व अच्छे कामों को सम्मानित करना और बुरे कामों से रोकना है। “अधिपति अच्छे काम के लिये डर का कारण हैं” से यह निष्कर्ष निकलता है कि शासन का एक न्यायिक तंत्र विश्वासयोग्य नागरिकों के लिए सुरक्षा देता है, ताकि नैतिक व्यवहार का दायरा बना रहे। यह विचार Romans 13 के व्यापक संदर्भ—कानून, आज्ञापालन, और प्रेम के निर्देश—के साथ जुड़ा है।
शिल्प-तत्व और थीम
- सामाजिक व्यवस्था का उद्देश्य: समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखना।
- नैतिक प्रेरणा: लोग कानून का सम्मान करें ताकि दण्ड से बचते हुए अच्छा मार्ग अपनाएँ।
- प्रेम की भूमिका: प्रेम ही वास्तविक कानून-पालन की ऊँचाइयाँ प्रदान करता है; पर घरेलू और सामाजिक दायित्वों में राज्य की भूमिका सीमाओं के भीतर है।
तीन प्रमुख बिंदु: संदर्भ-आधारित व्याख्या
दर्शन-गहराई: theological significance and cross-scriptural connections
यह पंक्ति दिखाती है कि राज्य का अधिकार मानव-निर्वाह के लिए God-ordained है, ताकि अपराधी दंडित हों और नागरिक सुरक्षित रहें। न्यू टेस्टामेंट के इस सिद्धांत को पॉल ने Romans 12–13 में प्रेम और कर्तव्य की समष्टि में रखा है।
Cross-references और उनके संक्षिप्त सम्बंध
- 1 पतरस 2:13-14: शासन के संस्थागत अधिकार पर आधारित obedience और समान रूप से सामाजिक शांति बनाये रखने का सम्मान।
- मत्ती 22:21; मरकुस 12:17: प्रभु यीशु के वक्तव्य से राज्य-कर और परमेश्वर के राज्य के बीच संतुलन का विचार।
- इफिसियों 6:5-9: दास-स्वामित्व से अधिक, नैतिकता और ईमानदारी के साथ हर प्रकार के प्रचलित सामाजिक दायित्व निभाने पर बल देता है; कानून-पालन एक व्यक्तिगत और सामाजिक कर्तव्य है।
Reflection questions (आत्म-चिंतन के लिए)
संक्षिप्त निष्कर्ष
रोमियों 13:3 हमें एक संतुलित दृष्टिकोण देता है: शासन का मुख्य कार्य समाज को अव्यवस्था से बचाना है। अच्छे कर्म करो, ताकि अधिपति तुम्हारी प्रशंसा करे; यदि बुरे हों, तो भय तुम्हारे मार्ग को रोक दे। पर यह भी याद रहे कि कानून के आड़े आस्था और सत्य की आवाज़ कभी दबना नहीं चाहिए।
महत्वपूर्ण उद्धरण (जहाँ उपलब्ध हो): Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के विश्लेषण से यह सामंजस्य मिलता है कि राज्य–कार्य का उद्देश्य सुरक्षा और न्याय है, न कि दमन की औजार बनना।