Old Testament
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जकर्याह 10:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैं उन्हें मिस्र देश से लौटा लाऊँगा, और अश्शूर से इकट्ठा करूँगा, और गिलाद और लबानोन के देशों में ले आकर इतना बढ़ाऊँगा कि वहाँ वे समा न सकेंगे।
जकर्याह 10:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 10:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 11:11 (HINIRV) »
वे मिस्र से चिड़ियों के समान और अश्शूर के देश से पंडुकी की भाँति थरथराते हुए आएँगे; और मैं उनको उन्हीं के घरों में बसा दूँगा, यहोवा की यही वाणी है।

जकर्याह 8:7 (HINIRV) »
सेनाओं का यहोवा यह कहता है, देखो, मैं अपनी प्रजा का उद्धार करके उसे पूरब से और पश्चिम से ले आऊँगा*;

मीका 7:14 (HINIRV) »
तू लाठी लिये हुए अपनी प्रजा की चरवाही कर*, अर्थात् अपने निज भाग की भेड़-बकरियों की, जो कर्मेल के वन में अलग बैठती हैं; वे पूर्वकाल के समान बाशान और गिलाद में चरा करें।
जकर्याह 10:10 पर टिप्पणी (HINIRV)
वचन का संदर्भ: यह वाक्य जकरियाह की भविष्यवाणी का हिस्सा है जहाँ परमेश्वर अपने चिह्नित लोगों को बंधनों से मुक्त कर के वापस बुलाने और फिर उन्हें एक समृद्ध, सुरक्षित समाज में स्थापित करने का आश्वासन देता है। संदर्भ में यह कहावत पूर्व के दिग्भ्रम और अन्याय के बाद एक नई, सुदृढ़ जुड़ाव और राष्ट्र की पुनःस्थापना की योजना को उजागर करती है।
मुख्य सार
पंक्ति पुरुषार्थ से नहीं, बल्कि परमेश्वर की दया और कर्तव्यपरायणता से है: यह वाक्य बताता है कि ईश्वर अपने लोगों को मिस्र के दासत्व से छुड़ा कर अन्य क्षेत्रों – अश्शूर, गिलाद, लबानोन – तक फैली सुरक्षा और समृद्धि के बीच इकठ्ठा करेगा, ताकि वे अत्यधिक बढ़ जाएं और एकता में रहते हुए सत्ता या दबाव में न आ सकें। यह पुनर्स्थापना एक वार्ता-आधार पर आधारित है जिसमें परमेश्वर का वादा, उसकी शक्ति और लोगों की विश्वास-योग्यता समाहित है।
मुख्य विषय
कुछ प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेस
• यिर्मयाह 31:10–11 — परमेश्वर अपने चिह्नित लोगों को फिर से बुलाने और उनकी रक्षा करने का जागरूक वादा करते हैं। यह पुनर्स्थापना के विषय से मेल खाता है कि प्रभु सब जोखिमों के बीच भी उसकी योजना को आगे बढ़ाते हैं।
• इब्रानियों 11:9–10 — आस्था के कारण अब्राहम के जैसे लोग वादे के देश की ओर सिर्रफ-उद्धार की प्रतीक्षा में रहते हैं; यह स्थायित्व की महत्व को दर्शाता है।
• योशु 23:14–16 — परमेश्वर के वादे के अनुरूप निवृत्त होकर भी आगामी सतर्कता और निष्ठा आवश्यक है; भागीदारी और संतुलन बना रहता है।
व्यावहारिक विचार
हमारे लिए यह संदेश आत्म-विश्वास के साथ यह सीख देता है कि जीवन के कठिन मार्गों में भी परमेश्वर की योजना व्यापक है। कठिन समय में हमारे लिए एकता, समुदायिक समर्थन और विश्वास की स्थिरता बनाए रखना अहम है। जैसे कि वह लोग जो मिस्र से निकले, वैसी नये जीवनशैली, समाज-निर्माण और आपसी सहायता को अपनाते थे, आज कल भी हम अपने दायित्वों और समुदाय के प्रति निष्ठा बनाए रखें।
संक्षिप्त समापन
जकर्याह 10:10 में दिये गये उद्धार के संदेश में दुख और दासत्व के बाद एक नए राष्ट्र-सम्पर्क, सुरक्षा और बढ़ती सहभागिता की आशा है—जो ईश्वर की कृपा और उसकी सरकार की दृढ़ता पर आधारित है। यह याद दिलाता है कि परमेश्वर अपने लोगों को एक साथ उल्लेखनीय रूप से बना कर रखते हैं ताकि वे बाहरी दबावों के बावजूद एकजुट रहें।
संदर्भ-नोट: यह हवा-सा वादा निरंतर विश्वास के साथ पूरा होता है—यही कारण है कि परमेश्वर अपने लोगों को कभी अकेला नहीं छोड़ते।