1 कुरिन्थियों 10:30 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यदि मैं धन्यवाद करके सहभागी होता हूँ, तो जिस पर मैं धन्यवाद करता हूँ, उसके कारण मेरी बदनामी क्यों होती है?

1 कुरिन्थियों 10:30 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 कुरिन्थियों 10:30 – धन्यवाद के कारण की बदनामी बनाम भागीदारी

यह पद पवित्र भोज, कसम, और सामाजिक सहभागिता के संदर्भ में स्थित है। पॉल कहता है कि यदि वे (खुद को) धन्यवाद के साथ सहभागी बनाते हैं, तो जिस पर वे धन्यवाद करते हैं, उसके कारण क्यों उनकी बदनामी होगी? हमारे जीवन में ईश्वर के आशीर्वाद के प्रति कृतज्ञता का सही उपयोग कैसे किया जाए, यह प्रश्न उठता है।

पद का अध्याय में संदर्भ

तीन अध्याय के बड़े भाग में पॉल चर्च के आगे सचेत रहने, बलिदान की गरिमा, और मसीह की स्वतंत्रता के साथ जुड़ाव की बात करते हैं। इस Verse में वे विशेष रूप से भोजन-भोजन के अवसरों और समाजिक-धार्मिक आस्था के संवेदनशील संदर्भ को देखते हैं। यदि कोई व्यक्ति भोजन के लिए धन्यवाद देता है, तो उसकी कृतज्ञता किस दिशा में चला करती है, और दूसरों पर उसका क्या प्रभाव पड़ता है, यह विचारणीय है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

मुख्य पाठ इस प्रकार है: धन्यवाद एक आशीर्वाद है, पर यदि उस आशीर्वाद के कारण दूसरे व्यक्ति के लिए अपराध, द्वेष, या बदनामी उत्पन्न हो, तो हमारा व्यवहार उसे पराजित करने का नहीं, बल्कि संयम और प्रेम का प्रमाण होना चाहिए। यहश्वर के उपहार के साथ रहने की शैली है: उसे सम्मान दें, और क्षण-भर के आनंद के लिए किसी और की आस्था को ठेस न पहुँचाएं। इसVerse में प्रेरित के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने स्वार्थी लाभ से ऊपर उठें और सामाजिक-आध्यात्मिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करें।

संदर्भ-तुलना

- रोम 14:6: हर किसी का अपना दृष्टिकोण है—जो कुछ भी परमेश्वर के लिए करता है, उसे भगवान के पास स्वीकार्य माना जाएगा। इस संदर्भ में, भोजन के कारण न भड़कना, न दूसरों को ठेस पहुँचाना, यह प्रेरित-जीवन के अनुराग का भाग है।

- 1 कुरिन्थियों 8:9: दया और ज्ञान के साथ आचरण करें, ताकि किसी की आस्था पर विपत्ति न पड़े।

- याकूब 4:17: जो अच्छा करने के अवसर पाता है और नहीं करता, वह अपने से पाप करता है।

विवेकपूर्ण आवेदन

  • प्रत्येक अवसर पर आभार प्रकट करें, पर साथ ही यह देखें कि हमारा आभार दूसरों को प्रेरित करे, न कि उन्हें ठेस पहुँचाए।
  • खुद की स्वतंत्रता पर नियंत्रण रखें ताकि सामाजिक-संवेदीताओं के बीच प्रेम बना रहे।
  • यदि किसी के विश्वास के अनुरूप कुछ न हो, तो संयम रखें और व्यक्तिगत लाभ से आगे आकर समुदाय के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

सार-सारांश

1 कुरिन्थियों 10:30 हमें यह सीख देता है कि धन्यवाद के साथ भागीदारी करना ईश्वर की कृपा को मान्यता देना है, पर वह तब तक स्थिर रहता है जब वह दूसरों के विश्वास को नहीं चोट पहुँचाता। प्रेम और विवेक से भरे हुए आचरण से ही हम वास्तविक सहभागिता की धार्मिकता को बनाये रखते हैं, ताकि हमारे आशीर्वाद से दूसरों को समृद्धि मिले, बदनामी नहीं।

Cross-reference सार

– रोम 14:6: जो कुछ भी तुम खाते-पीते हो, वह प्रभु के कारण हो; यह चेतावनी देता है कि आचरण में समता और सहमति बनी रहे।

– 1 कुरिन्थियों 8:9: कोई भी बात एक-दूसरे के लिए बाधक न बने; प्रेम की राह अपनाओ।

– याकूब 4:17: जो अच्छी चीज करने का अवसर पाता है और नहीं करता, उसे पाप लग सकता है।

नोट: नीचे उद्धृत मैথ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के सटीक छोटे कथन यहाँ शामिल नहीं कर रहे हैं, पर उनकी प्रेरणा-शैली के अनुसार विवेकपूर्ण दिशा दी गयी है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 10:30 समानांतर पद और संबंधित वचन

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रोमियों 14:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 14:6 (HINIRV) »
जो किसी दिन को मानता है, वह प्रभु के लिये मानता है: जो खाता है, वह प्रभु के लिये खाता है, क्योंकि वह परमेश्‍वर का धन्यवाद करता है, और जो नहीं खाता, वह प्रभु के लिये नहीं खाता और परमेश्‍वर का धन्यवाद करता है।

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1 तीमुथियुस 4:3 (HINIRV) »
जो विवाह करने से रोकेंगे, और भोजन की कुछ वस्तुओं से परे रहने की आज्ञा देंगे; जिन्हें परमेश्‍वर ने इसलिए सृजा कि विश्वासी और सत्य के पहचाननेवाले उन्हें धन्यवाद के साथ खाएँ। (उत्प. 9:3)

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