Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 10:1 1 कुरिन्थियों 10:2 1 कुरिन्थियों 10:3 1 कुरिन्थियों 10:4 1 कुरिन्थियों 10:5 1 कुरिन्थियों 10:6 1 कुरिन्थियों 10:7 1 कुरिन्थियों 10:8 1 कुरिन्थियों 10:9 1 कुरिन्थियों 10:10 1 कुरिन्थियों 10:11 1 कुरिन्थियों 10:12 1 कुरिन्थियों 10:13 1 कुरिन्थियों 10:14 1 कुरिन्थियों 10:15 1 कुरिन्थियों 10:16 1 कुरिन्थियों 10:17 1 कुरिन्थियों 10:18 1 कुरिन्थियों 10:19 1 कुरिन्थियों 10:20 1 कुरिन्थियों 10:21 1 कुरिन्थियों 10:22 1 कुरिन्थियों 10:23 1 कुरिन्थियों 10:24 1 कुरिन्थियों 10:25 1 कुरिन्थियों 10:26 1 कुरिन्थियों 10:27 1 कुरिन्थियों 10:28 1 कुरिन्थियों 10:29 1 कुरिन्थियों 10:30 1 कुरिन्थियों 10:31 1 कुरिन्थियों 10:32 1 कुरिन्थियों 10:33



इकठ्ठा संदर्भ: 1 कुरिन्थियों 10:12
पद का प्रभावशाली संदर्भ यह बताता है कि प्रभु के साथ जीवन में आत्म-विश्वास और सतर्कता एक साथ क्यों जरूरी है। जिस समय कुरिन्थ समाज में अनेक धार्मिक पथ और प्रेरणाएँ उभर रही थीं, उस स्थिति में प्रेरित पौलुस यह चेतावनी दे रहे हैं कि जो समझता है कि वह स्थिर है, वह सचमुच चुक सकता है।
क्या यह टेक्स्ट परमेश्वर या विश्वास के बारे में बताता है?
यह वाक्य परमेश्वर के संरक्षण और मनुष्य की विनम्रता के बीच संतुलन की मांग करता है। परमेश्वर दृढ़ पलों में भी हमें सावधान रहने की नसीहत देते हैं—क्योंकि आत्म-गर्व या आत्म-विश्वास से गिरावट हो सकती है। विश्वास में स्थिरता का अर्थ है ईमानदारी से अपनी दुर्बलताओं को समझना और परमेश्वर की कृपा की निरंतर आवश्यकता को स्वीकारना।
महत्वपूर्ण शब्द-विन्यास
संबद्ध आयत-आस-पास के विचार
यह विचार क्लासिकल टिप्पणियों में बार-बार मिलता है कि आत्म-गौरव से बचना चाहिए और हर समय प्रभु के புத்தि-निर्देशन के अनुरूप चलना चाहिए। साथ ही, यह भी ध्यान देता है कि बहिष्कार या पाप से बचने के लिए मानवीय दृढ़ता आवश्यक है, पर वह दृढ़ता परमेश्वर की कृपा के बिना खोखली हो सकती है।
पवित्रशास्त्रीय मार्गदर्शन के कुछ संकलित विचार
यहाँ कुछ परामर्शी बिंदु हैं जो पुराने Commentaries से संबद्ध हैं और पाठ के साथ संगति बनाते हैं:
प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनका संक्षिप्त संबंध
नीचे तीन संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेज़ दी जा रही हैं जिन्हें इस verse के साथ जोड़ा जा सकता है:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि पराक्रम नहीं, बल्कि परमेश्वर की सहायता और जीवित आस्था से स्थिरता बनती है; वरना परीक्षा आपको गिरा सकती है।
आज के लिए अनुप्रयोग
1 कुरिन्थियों 10:12 हमें चेतावनी देता है कि आत्म-गर्व से बचना चाहिए और दुर्बल क्षणों में भी ईश्वर पर निर्भर रहना चाहिए। व्यावहारिक कदम:
यही एक संतुलित जीवन की कुंजी है—स्थिरता और सतर्कता के बीच संतुलन बनाकर चलना, ताकि हर परीक्षा में भी हम प्रभु के साथ आगे बढ़ें।
नोट: इस पंक्ति की पुख्ता टिप्पणी के अनुसार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संकलनों से संबद्ध छोटे उद्धरण उपलब्ध हैं; नीचे उनके कोई ठोस उद्धरण जगह-जगह संक्षेप में सम्मिलित हैं यदि उपलब्ध हों, अन्यथा मूल विचार ही उद्धृत किया गया है।