Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 10:1 1 कुरिन्थियों 10:2 1 कुरिन्थियों 10:3 1 कुरिन्थियों 10:4 1 कुरिन्थियों 10:5 1 कुरिन्थियों 10:6 1 कुरिन्थियों 10:7 1 कुरिन्थियों 10:8 1 कुरिन्थियों 10:9 1 कुरिन्थियों 10:10 1 कुरिन्थियों 10:11 1 कुरिन्थियों 10:12 1 कुरिन्थियों 10:13 1 कुरिन्थियों 10:14 1 कुरिन्थियों 10:15 1 कुरिन्थियों 10:16 1 कुरिन्थियों 10:17 1 कुरिन्थियों 10:18 1 कुरिन्थियों 10:19 1 कुरिन्थियों 10:20 1 कुरिन्थियों 10:21 1 कुरिन्थियों 10:22 1 कुरिन्थियों 10:23 1 कुरिन्थियों 10:24 1 कुरिन्थियों 10:25 1 कुरिन्थियों 10:26 1 कुरिन्थियों 10:27 1 कुरिन्थियों 10:28 1 कुरिन्थियों 10:29 1 कुरिन्थियों 10:30 1 कुरिन्थियों 10:31 1 कुरिन्थियों 10:32 1 कुरिन्थियों 10:33



1 कुरिन्थियों 10:25 (HINIRV) — तत्काल संदर्भ और अर्थ
पृष्ठभूमि: पॉल ने कुरिन्थ में ईसाई समुदाय के बीच सुरक्षा, भोजन के बारे में त्यौहारों और अजनबी प्रथाों के मुद्दों पर स्पष्ट निर्देश दिए थे। इस पंक्ति में वे उन चीजों के संबंध में बात कर रहे हैं जो किराने की दुकानों में पब्लिक बाजारों में सामान्यतः मिलती थीं, विशेष कर पवित्र-वस्तुओं के भाव और गोष्ठियों के भोज में भाग लेने से जुड़ी संवेदनाओं के समय।
यह पाठ क्या बताता है—परामर्श और विवेक के कारण
यह वचन स्पष्ट करता है कि यदि भोजन आम दुकानों में मिल रहा हो, जिसे कस्साइयों द्वारा बेचा जा रहा हो, तब उसे खा लेने में विवेक की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इसका तात्पर्य है कि- बाहर की वस्तुओं के बारे में हमारे निर्णय आधारित होते हैं न कि अनावश्यक पाबंदियों पर। परमेश्वर के पक्ष से, विवेक से चलना आत्म-स्वास्थ्य और निर्भरता का प्रतीक है, न कि बाहरी धार्मिक पद्धतियों का कठोर पालन।
शब्दार्थ और चित्ताकर्षक चित्र
“कस्साइयों के यहाँ बिकता है” से संकेत मिलता है कि यहां भोजन बाजारों में उपलब्ध है—कभी-कभी धार्मिक या पवित्र वस्तुओं से जुड़ा हुआ भाव। “खाओ और विवेक के कारण कुछ न पूछो” का अर्थ है: यदि आपकी आस्था और विश्वास के साथ टकराव पैदा न हो, और दूसरों के लिए आंतरिक निर्भीकता बनी रहे, तो भोजन के विषय में अति प्रश्न न किया जाए। यह प्रोत्साहन है कि ईमानदार, शांत विवेक के अनुसार निर्णय लिया जाए, न कि फौरन आचार संहिता या सामाजिक दबाव के कारण।
अन्य प्रत्यक्ष पाठ-विचार (Cross-references)
आज के लिए व्यवहारिक अनुप्रयोग
- जब किसी भोजन या व्यवहार पर समुदाय के पूर्वाग्रह चुनौती प्रदान करे, तब विवेक से निर्णय लें और प्रेम को ऊँचाइयों पर रखें।
- सामाजिक दबाव में भी शांतिपूर्ण संवाद बनाए रखें, ताकि अन्य भी विश्वास से जुड़ें और भ्रम में न पड़ें।
- weak-स्थिरता के साथ न मानें कि हर वस्तु पवित्र है; प्रत्येक स्थिति में ईश्वर की करुणा और प्रेम को मुख्य रखें।
एक संयुक्त टिप्पणी का सार
इस वचन में पॉल हमें सूचित करता है कि न केवल बाहरी क्रिया बल्कि आंतरिक विवेक, प्रेम और सामाजिक बंधनों की जिम्मेदारी भी ईश्वर के राज्य के भीतर चलने के लिए आवश्यक है। जैसे पुराने और नए धार्मिक समुदायों में मानक भिन्न हो सकते हैं, वैसे ही विश्वासियों को साहस के साथ विवेक-आधारित निर्णय लेने चाहिए, ताकि मन और समाज एक दूसरे के प्रति सम्मानयुक्त बना रहे।
उद्धरण संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों के प्रासंगिक विचारों के साथ यह संकलन बना है।