Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 10:1 1 कुरिन्थियों 10:2 1 कुरिन्थियों 10:3 1 कुरिन्थियों 10:4 1 कुरिन्थियों 10:5 1 कुरिन्थियों 10:6 1 कुरिन्थियों 10:7 1 कुरिन्थियों 10:8 1 कुरिन्थियों 10:9 1 कुरिन्थियों 10:10 1 कुरिन्थियों 10:11 1 कुरिन्थियों 10:12 1 कुरिन्थियों 10:13 1 कुरिन्थियों 10:14 1 कुरिन्थियों 10:15 1 कुरिन्थियों 10:16 1 कुरिन्थियों 10:17 1 कुरिन्थियों 10:18 1 कुरिन्थियों 10:19 1 कुरिन्थियों 10:20 1 कुरिन्थियों 10:21 1 कुरिन्थियों 10:22 1 कुरिन्थियों 10:23 1 कुरिन्थियों 10:24 1 कुरिन्थियों 10:25 1 कुरिन्थियों 10:26 1 कुरिन्थियों 10:27 1 कुरिन्थियों 10:28 1 कुरिन्थियों 10:29 1 कुरिन्थियों 10:30 1 कुरिन्थियों 10:31 1 कुरिन्थियों 10:32 1 कुरिन्थियों 10:33



1 कुरिन्थियों 10:17 का संक्षिप्त पाठ और संदर्भ
पद यह बताता है कि चर्च में ईश्वर की एकता कैसे दिखाई देती है—वयस्क बनाम युवा, अलग-अलग पारिवारिक पृष्ठभूमि या अन्य सामाजिक विविधताओं के बावजूद, हमें एक ही रोटी में भाग लेकर एक देह बनने की अनुभूति होती है। पवित्र भोजन के प्रतीक के द्वारा प्रेरित Paul बताते हैं कि जो एक आस्था से निर्बंधित हैं, वे सब मिलकर ईश्वर के चुने हुए समाज का भाग हैं।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य एकता की गहराई को उभारता है: एक रोटी के भाग बनने से एक ही देह की अनुभूति बनती है। लोग भिन्न-भिन्न कारणों से अलग दिखते हैं, पर वे सब एक ही आहार के साथ एक हो जाते हैं और एक परमात्मा के दर्शक बनते हैं। यहाँ “हम सब उसी एक रोटी में भागी होते हैं” से प्रश्न उठता है कि कैसे ईमानदार विश्वासियों के बीच कार्यक्रमों, संस्कारों या सेवकारी भूमिकाओं के भेद के बावजूद प्रेम और हिस्सेदारी की एकता बनती है।
दो–तीन प्रमुख विषय
समान विचारधारा के स्रोत (क्रॉस-रेफ़रेंस)
व्यावहारिक चिंतन
हम अपने मंडल में विविधता के बावजूद एक दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखें। जो भिन्न पृष्ठभूमियों से आते हों, उनके साथ सहयोग और साझा भोजन में सन्निकटता बढ़े—यही व्यवहारिक परिणाम है। हर अवसर पर एकता के प्रतीक के रूप में प्रेम और सेवाभाव को प्रमुख रखें, ताकि बाहरी दिखावट से परे दिल की एकता स्पष्ट हो।
संक्षिप्त सार
1 कुरिन्थियों 10:17 एक मजबूत स्मृति देत है कि विश्वासियों के समूह में आस्तिक सहभागिता एकता की पराकाष्ठा है—एक ही रोटी, एक देह और उसी एक आशा में सभी भागीदार। इससे प्रेरित होकर हम एक दूसरे के साथ प्रेम, सम्मान और सेवाभाव बनाये रखें।
इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे सार्वजनिक डोमेन के संतुष्टिपूर्ण विचारों के नमूने को समाहित किया गया है। उनके सीधे उद्धरण आधिकारिक रूप से संक्षेप में उद्धृत नहीं किए गए, पर उनके विचारों से प्रेरित एकीकृत व्याख्या प्रस्तुत की गई है।