Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 3:1 1 कुरिन्थियों 3:2 1 कुरिन्थियों 3:3 1 कुरिन्थियों 3:4 1 कुरिन्थियों 3:5 1 कुरिन्थियों 3:6 1 कुरिन्थियों 3:7 1 कुरिन्थियों 3:8 1 कुरिन्थियों 3:9 1 कुरिन्थियों 3:10 1 कुरिन्थियों 3:11 1 कुरिन्थियों 3:12 1 कुरिन्थियों 3:13 1 कुरिन्थियों 3:14 1 कुरिन्थियों 3:15 1 कुरिन्थियों 3:16 1 कुरिन्थियों 3:17 1 कुरिन्थियों 3:18 1 कुरिन्थियों 3:19 1 कुरिन्थियों 3:20 1 कुरिन्थियों 3:21 1 कुरिन्थियों 3:22 1 कुरिन्थियों 3:23



संक्षेप में — संदर्भ और परिस्थिति
1 कुरिन्थियों 3:13 में पौलुस उस दिन की चर्चा कर रहा है जब ईश्वर प्रत्येक सेवा और निर्माण के मूल्य को परखेंगे। संदर्भ में वह बतलाता है कि मसीही समुदाय में कुछ लोग आध्यात्मिक निर्माण को गुणा कर रहे हैं जबकि अन्य स्वार्थी या अस्थिर सामग्री से काम कर रहे हैं। यह वचन विशेष रूप से उन कार्यों के परिणाम और उनकी स्थायित्वता पर केंद्रित है।
केंद्रीय अर्थ
पौलुस का कहना है कि हर किसी के काम की परीक्षा होगी—"वह दिन" परमेश्वर के न्याय का समय है जब काम आग के माध्यम से परखे जाएंगे। आग यहाँ परीक्षण का रूपक है: क्या कार्य परमेश्वर के प्रति सच्चे मन और शुद्ध प्रेरणा से किए गए थे, अथवा मानवीय स्वार्थ, अधिकार प्रदर्शन या अस्थायी उपलब्धि के लिए? सच्चे और परमात्मा केन्द्रित निर्माण स्थायी ठहरेंगे; जिनका आधार सांसारिक, क्षणिक या आत्मगौरव था, वे नष्ट हो जाएंगे।
मुख्य विषय
संबंधित पद और संक्षिप्त व्याख्या
मत्ती 7:20-23 — यीशु ने भी सच्चे फल (works) पर चर्चा की; बाह्य दिखावट पर्याप्त नहीं है, वास्तविकता का परीक्षण होगा। यह 1 कुरिन्थियों 3:13 की आग वाली परख के विचार से मेल खाता।
2 कुरिन्थियों 5:10 — सभी हमें शरीर में या बाहर के, क्राइस्ट के न्यायालय के सामने खड़े होकर अपने कर्मों का हिसाब देंगे; यह आयत सीधे उस दिन और परीक्षा के विषय को पुष्टि करती है।
इब्रानी 4:12 — परमेश्वर का वचन हृदय और इरादों को परखने वाली तलवार है; यह भी बताता है कि केवल बाह्य कर्मों से अधिक, मनोवृत्ति की भी जांच होगी।
व्यावहारिक चिंतन
इस श्लोक से प्रेरणा लेकर व्यक्तिगत और आध्यात्मिक जीवन में निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए: पहले, अपने प्रेरण स्रोत की जाँच करें—क्या आपकी सेवा प्रेम, दया और ईश्वर की महिमा के लिए है? दूसरे, दीर्घकालिक प्रभाव पर विचार करें: क्या आप ऐसे आध्यात्मिक बीज बो रहे हैं जो स्थायी रहेंगे? तीसरे, पारदर्शिता और विनम्रता बढ़ाएँ—क्योंकि जो छुपा है, वह भी उस दिन प्रकट हो जाएगा।
मध्यम टिप्पणी—मूल टिप्पणियों से सार
म्याथ्यू हेनरी ने लिखा है कि परमेश्वर की परीक्षा से लोगों के दिलों तथा कार्यों की नीयत उजागर होती है; अल्बर्ट बार्न्स ने आग को परीक्षण और परिणाम के संकेत के रूप में देखा; एडम क्लार्क ने बतलाया कि केवल बाह्य रूप से दिखने वाले कार्य पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। (उल्लेख: उपर्युक्त टिप्पणियाँ सार रूप में पुनर्निर्मित हैं और किसी एक वाक्य का शाब्दिक उद्धरण नहीं दिया गया है।)
संक्षिप्त समापन
1 कुरिन्थियों 3:13 हमें स्मरण कराता है कि हमारे कर्म केवल आज के लिए नहीं बल्कि उस अंतिम परीक्षा के लिए भी बनते हैं। यह वचन आंतरिक सत्यता, नीयत की शुद्धता और ईश्वर के न्यायपूर्ण मूल्यांकन की आवश्यकता पर जोर देता है। जीवन की सेवा में स्थायित्व और विनम्रता अपनाएँ, ताकि उस दिन आपके कार्यों का सामना आत्मविश्वास से कर सकें।