Old Testament
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सीधा अर्थ—यह verses कहती है: परमेश्वर बढ़ाने वाला है; न लगाउनेवाला और न सींचनेवाला अपने आप प्रमुख होते हैं, बल्कि परमेश्वर वृद्धि देता है।
1 कुरिन्थियों 3:7 का यह उद्धरण पौलुस के बीच चर्च के भीतर दलों के कलह के संदर्भ में है। वे कह रहे हैं कि क्षेत्रीय योगदानों से ईश्वर का काम नहीं बढ़ता, बल्कि ईश्वर अपनी योजना के अनुसार बढ़ाता है। हमारे श्रम का लक्ष्य यह है कि हम अपने भगवान पर भरोसा करें, कि जो कुछ भी होता है, वह ईश्वर के उद्देश्य के अनुरूप होता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पहला कुरिन्थियों का पत्र एक बहुधर्मी समाज में कैसे एक ईश्वर-उन्मुख समुदाय बना रहे, इस पर है. यहाँ पौलुस ने चर्च के नेताओं के बीच महत्त्व को विवेकपूर्ण तरीके से देखाया है—कौन सा काम किसके द्वारा किया गया, किसकी सफलता असली है। वे बताते हैं कि मानव प्रयासों से नहीं, बल्कि परमेश्वर के वरदान और कृपा से वृद्धि होती है।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
संदर्भ-श्रृंखला
1) जो ल gardener और सींचनेवाला शब्द एक टीम-कार्य का चित्रण करते हैं; यह याद दिलाता है कि चर्च के भीतर विविध सेवा उसी एक परमेश्वर की वृद्धि से फलती-फूलती है।
2) अन्य प्रेरित लेखन से तुलना: परमेश्वर के काम में मानव भूमिका एक साधन है, रहनुमा नहीं; हमारी आस्था और नेतृत्व का महत्व भी है, पर वृद्धि परमेश्वर के हाथों में है।
3) मातृकृत विचारों से: सफलता का मापदंड साधारण अनुश्रवण नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा से बढ़ना है।
पवित्र-शास्त्रीय उद्धरण के संकेत
मथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के उद्धरणों से यह स्पष्ट होता है कि कार्य का असली स्रोत परमेश्वर ही है; मानव फल का आधार नहीं. (नोट: नीचे केवल वही संक्षिप्त पंक्तियाँ संक्षेप के रूप में उद्धृत हैं, पूरा टेक्स्ट उद्धरण नहीं दिया गया है.)
“परमेश्वर जो बढ़ानेवाला है”—यह उनकी सहायता से है कि हम सेवक बनकर भी एकत्र कर पाते हैं।
थीमेटिक सूची
व्यावहारिक takeaway
हम जो कुछ करते हैं उसमें ईश्वर की कृपा और उसकी योजना को प्राथमिक मानें। हमारी भूमिकायों के बावजूद, परिणाम परमेश्वर के हाथों में हैं; इसलिए 겉으로 दिखने वाले योगदान से घृणा नहीं, बल्कि उसकी कृपा पर आस्था बनाएं।
क्रॉस-रेफरेंसे
यथार्थ से जुड़ा एक छोटा संदर्भ: दो स्थान जो संदेश को गहराई देते हैं—परमेश्वर का कृपापूर्ण कार्य, चर्च के भीतर मसीह-आस्था, और समर्पण की आवश्यकता। समझे जाने वाले बिंदु हैं: