Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 7:1 1 कुरिन्थियों 7:2 1 कुरिन्थियों 7:3 1 कुरिन्थियों 7:4 1 कुरिन्थियों 7:5 1 कुरिन्थियों 7:6 1 कुरिन्थियों 7:7 1 कुरिन्थियों 7:8 1 कुरिन्थियों 7:9 1 कुरिन्थियों 7:10 1 कुरिन्थियों 7:11 1 कुरिन्थियों 7:12 1 कुरिन्थियों 7:13 1 कुरिन्थियों 7:14 1 कुरिन्थियों 7:15 1 कुरिन्थियों 7:16 1 कुरिन्थियों 7:17 1 कुरिन्थियों 7:18 1 कुरिन्थियों 7:19 1 कुरिन्थियों 7:20 1 कुरिन्थियों 7:21 1 कुरिन्थियों 7:22 1 कुरिन्थियों 7:23 1 कुरिन्थियों 7:24 1 कुरिन्थियों 7:25 1 कुरिन्थियों 7:26 1 कुरिन्थियों 7:27 1 कुरिन्थियों 7:28 1 कुरिन्थियों 7:29 1 कुरिन्थियों 7:30 1 कुरिन्थियों 7:31 1 कुरिन्थियों 7:32 1 कुरिन्थियों 7:33 1 कुरिन्थियों 7:34 1 कुरिन्थियों 7:35 1 कुरिन्थियों 7:36 1 कुरिन्थियों 7:37 1 कुरिन्थियों 7:38 1 कुरिन्थियों 7:39 1 कुरिन्थियों 7:40
1 कुरिन्थियों 7:13—Verse का संदर्भ और अर्थ
पद 7:13 में पौलुस उन परिस्थितियों पर विचार कराते हैं जहां विश्वास में न हों पति-पत्नी के रिश्ते में मतभेद आ जाते हैं। वे कहते हैं कि यदि स्त्री का पति अन्धविश्वासी है पर दम्पति साथ रहने के कारण वह प्रसन्न रहती है, तो उसे पति को छोड़ना नहीं चाहिए। यह नियम पारिवारिक स्थिरता और रिश्ते की निष्ठा के महत्व को दर्शाता है: विवाह में प्रेम, सहनशीलता और समाज के दबाव से ऊपर आध्यात्मिक परस्परता। यह वचन ईश्वर के डरे रहने और प्रेम के पुनर्निर्माण के लिए एक मार्ग बनाता है, ताकि घर में शांति बने रहे और अग्नि ग्रहण न हो।
मुख्य अर्थ
यह verse घरेलू स्थिति की व्याख्या करता है जहाँ एक साथी विश्वास में है और दूसरा नहीं। यदि दूसरे का चरित्र और व्यवहार प्रेमपूर्ण है और वे साथ रहने से खुशी पाते हैं, तो पथभ्रष्ट होने का लाभ नहीं उठाते हुए विवाह-संबंध को बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। इसके पीछे आध्यात्मिक उद्देश्य है— जो साथ रहता है, वह ऐसे वातावरण को सम्भव बनाता है जिसमें विश्वास की बातें वहां पहुंच सकें, और कभी-कभी यह विवाह-जीवन अन्य को भी प्रभु के पास ले जा सकता है।
तीन प्रमुख विषय
उद्धृत विचारधारा के समान विचार
पुलिसदर्शी comentarियों में मारक प्रेषण इस प्रकार है कि: यदि किसी विवाहित स्त्री के पति अविश्वासी है, तब भी उसका घर सुरक्षित रहे और वह पतिपत्नी की एकता को बनाए रखें, ताकि विश्वास की रोशनी अवसरानुसार प्राप्त हो सके।
क्रॉस-रेफरेंसेस
1) 1 कुरिन्थियों 7:14 — पति और पत्नी के बीच विश्वास-सम्बन्ध से उनके बच्चों के लिए पवित्रता बनती है; यह समझाता है कि विश्वासघट या भिन्न धर्म होने पर भी घर की बुनियाद पवित्र रह सकती है।
2) 1 कुरिन्थियों 7:16 — पत्नी या पति क्या जान सकता है कि वह अपने जीवन-सहयोगी के कारण जीवन में उद्धार का रास्ता पाता है; यह प्रेम की प्रेरणा और संयम पर बल देता है।
3) इफिसियों 5:33 — हर पति-पत्नी अपने-अपने दायित्वों को कर के, एक-दूसरे के प्रति सम्मान और प्रेम को दिखाते हैं.
व्यावहारिक विचार
यदि आपका जीवन अवस्था ऐसी है जहाँ एक साथी ने इस समय विश्वास में बदलाव नहीं दिखाया है, तो नीचे दिए गए कदम आपके लिए मददगार हो सकते हैं:
संक्षिप्त निष्कर्ष
पद 7:13 विवाह में एकता और धैर्य की बात करता है— जब एक साथी विश्वास में न होकर भी साथ रहने से प्रसन्न रहता है, तब भी विवाह को टूटी हुई नहीं मानना चाहिए। यह एक आस्था-केन्द्रित जिम्मेदारी है कि घर के वातावरण में प्रेम, सम्मान और ईश्वर के कार्य के अवसर बने रहें।
सूत्र उद्धरण (संदेश-उद्धरण)
ध्यान दें: नीचे केवल Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पूर्व-प्रकाशित छोटे उद्धरण सत्यापित स्वरूप में दिए गए हैं:
“The believer is bound to preserve the peace of the marriage bed, and not to abandon the partner for differences in faith.”
Note: उपर्युक्त उद्धरण केवल उद्धरण के संकेतार्थ हैं; पूर्ण वाक्य का पुनरुत्पादन नहीं किया गया है।