1 कुरिन्थियों 7:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं यह चाहता हूँ, कि जैसा मैं हूँ, वैसा ही सब मनुष्य हों; परन्तु हर एक को परमेश्‍वर की ओर से विशेष वरदान* मिले हैं; किसी को किसी प्रकार का, और किसी को किसी और प्रकार का।

1 कुरिन्थियों 7:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद्य परिचय और पृष्ठभूमि

1 कुरिन्थियों अध्याय 7 में पुत्रवत विवाह, तलाक और सेवक-जीवन के व्यवहारिक प्रश्नों पर पवित्र आत्मा की दिशा many देते हैं। इस समय पॉल ने यह स्पष्ट किया कि ईश्वर की इच्छा प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न-भिन्न वरदानों के साथ आती है। इस verse में वह यह बतलाते हैं कि भले ही उनकी दृष्टि मानवजाति के लिए एक समान भावनात्मक चाह को प्रकट करे, पर परम पिता परमेश्वर ने हर एक को अपनी-अपनी विशेष कृपा, करुणा और सेवाओं के लिए अलग-अलग वरदान दिए हैं। यह संदेश कुल मिलाकर ईसाई जीवन के विविधibilitical क्षेत्र में सामान्य समन्वय का संकेत देता है: एक ही ईश्वर के अधीन बहुधा विविध प्रतिभाएँ और अवसर।

आयत का पाठ

“मैं यह चाहता हूँ, कि जैसा मैं हूँ, वैसा ही सब मनुष्य हों; परन्तु हर एक को परमेश्‍वर की ओर से विशेष वरदान मिले हैं; किसी को किसी प्रकार का, और किसी को किसी और प्रकार का।”

मुख्य पाठ का अर्थ

यह 메시य परमेश्वर के विविध वरदानों की मान्यता को स्पष्ट करता है। पॉल स्वयं एक धार्मिक-समझ वाला ठहराव दिखाते हुए कहते हैं कि वे अपनी इच्छा नहीं थोपते, बल्कि परमेश्वर के आह्वान के लिए हर जन के पास एक अलग विशेषता है। इसका अर्थ है कि ईश्वर के साथ एकजुट रहते हुए, व्यक्तियों के भीतर विभिन्न आह्वान और कार्य होते हैं—किसी को आत्मिक तपस्या, किसी को प्रचार, किसी को सेवा-कार्य, आदि। यह विविधता कभी-भी संकीर्णता नहीं बल्कि ईश्वर में एकता के भीतर प्राप्त विविध सेवाओं की गवाही देती है।

  • एकता में विविधता: चर्च एक शरीर के समान है, जहां हर सदस्य का अपना भाग है, और सभी भाग मिलकर पूर्ण बनते हैं।
  • परमेश्वर की कृपा का वितरण: हर आत्मा को कुछ-न-कुछ वरदान दिया गया है ताकि वह परमेश्वर की महिमा के लिए मुख्य सेवक बन सके।

अन्य दार्शनिक-आशयों से यह दृष्टिकोण मिलता है—जैसे कि रोम 12 और1 पतरस 4—जहाँ विविध चित्त और मगर एक आत्मा के अनुसार विविध-कार्य समालोचित हैं। यहाँ 1 कुरिन्थियों 7 बताता है कि सामाजिक स्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, परमेश्वर की कृपा से प्रत्येक को एक-एक वरदान मिलता है।

- व्यक्तिगत उत्तरदायित्व: अपने जीवन-कार्य में आप किस प्रकार के वरदान के साथ बुलाए गए हैं, इसका चिंतन करें।

- चर्च में सहभागिता: विविधताओं के बावजूद एकता बनाए रखना, ताकि हर सदस्य अपनी-अपनी क्षमता से ईश्वर की महिमा करे।

- नम्रता और सम्मान: दूसरों के वरदानों को मानना और उन्हें पीठ-पीछे नहीं, बल्कि सहयोगी देखना आवश्यक है।

- रोम 12:6-8: हर एक के पास विभिन्न अंशों में दया और सेवापूर्ण वरदान मिलते हैं; एकता में विविधता।

- एक पाठ के अन्य उद्धृत स्रोत: 1 पतरस 4:10-11 बताता है कि हर एक द्वारा दिया गया वरदान इस प्रकार है कि उसे दूसरों के लिए सेवकत्व बन सके।

- 1 कुरिन्थियों 12:4-11: पवित्र आत्मा के वरदानों का विविध होना, पर एक उद्देश्य—ईश्वर की महिमा।

इस आयत में पॉल दिखाते हैं कि संसार के हर व्यक्ति के पास परमेश्वर की ओर से विशिष्ट वरदान हैं—किसी को कुछ, किसी को कुछ भिन्न प्रकार के। इस विविधता में भी ईश्वर की एकता बनती है, जो चर्च को संतुलित रूप से संचालित करती है। इस दृष्टिकोण से जीवन-पथ में अपनी-अपनी योग्यताओं को पहचाने और एक-दूसरे के वरदानों के साथ सहयोग करें।

नोट: नीचे के उद्धरणों में उल्लेखित ख्याति-युक्त टिप्पणीकारों के ठोस शीर्षक के भीतर सर्वाधिक से अधिक स्पष्ट उद्धरण स्वीकृत है। “मैं यह चाहता हूँ, कि जैसा मैं हूँ, वैसा ही सब मनुष्य हों…”—यह पंक्ति पॉल के समान उद्देश्य की याद दिलाती है कि चर्च का उद्देश्य एकात्मकता और सेवा का संतुलन है।

सूचनात्मक क्रॉस-रेफरेंसेस के लिए दिशानिर्देश: रोम 12:6-8; 1 पतरस 4:10-11; 1 कुरिन्थियों 12:4-11।

ईश्वरीय वरदानों की यह उ‍चित पहचान हमें समझाती है कि विविधता समाज और चर्च के लिए आवश्यक है, लेकिन उद्देश्य एक ही है: परमेश्वर की महिमा और जगत की भलाई melalui सेवा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 7:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 19:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 19:11 (HINIRV) »
उसने उनसे कहा, “सब यह वचन ग्रहण नहीं कर सकते, केवल वे जिनको यह दान दिया गया है।

1 कुरिन्थियों 9:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 9:5 (HINIRV) »
क्या हमें यह अधिकार नहीं, कि किसी मसीही बहन को विवाह कर के साथ लिए फिरें, जैसा अन्य प्रेरित और प्रभु के भाई और कैफा करते हैं?

रोमियों 12:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 12:6 (HINIRV) »
और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न-भिन्न वरदान मिले हैं, तो जिसको भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे।

1 कुरिन्थियों 7 (HINIRV) Verse Selection

1 कुरिन्थियों 7:1 1 कुरिन्थियों 7:2 1 कुरिन्थियों 7:3 1 कुरिन्थियों 7:4 1 कुरिन्थियों 7:5 1 कुरिन्थियों 7:6 1 कुरिन्थियों 7:7 1 कुरिन्थियों 7:8 1 कुरिन्थियों 7:9 1 कुरिन्थियों 7:10 1 कुरिन्थियों 7:11 1 कुरिन्थियों 7:12 1 कुरिन्थियों 7:13 1 कुरिन्थियों 7:14 1 कुरिन्थियों 7:15 1 कुरिन्थियों 7:16 1 कुरिन्थियों 7:17 1 कुरिन्थियों 7:18 1 कुरिन्थियों 7:19 1 कुरिन्थियों 7:20 1 कुरिन्थियों 7:21 1 कुरिन्थियों 7:22 1 कुरिन्थियों 7:23 1 कुरिन्थियों 7:24 1 कुरिन्थियों 7:25 1 कुरिन्थियों 7:26 1 कुरिन्थियों 7:27 1 कुरिन्थियों 7:28 1 कुरिन्थियों 7:29 1 कुरिन्थियों 7:30 1 कुरिन्थियों 7:31 1 कुरिन्थियों 7:32 1 कुरिन्थियों 7:33 1 कुरिन्थियों 7:34 1 कुरिन्थियों 7:35 1 कुरिन्थियों 7:36 1 कुरिन्थियों 7:37 1 कुरिन्थियों 7:38 1 कुरिन्थियों 7:39 1 कुरिन्थियों 7:40

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें