Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 शमूएल 1 1 शमूएल 2 1 शमूएल 3 1 शमूएल 4 1 शमूएल 5 1 शमूएल 6 1 शमूएल 7 1 शमूएल 8 1 शमूएल 9 1 शमूएल 10 1 शमूएल 11 1 शमूएल 12 1 शमूएल 13 1 शमूएल 14 1 शमूएल 15 1 शमूएल 16 1 शमूएल 17 1 शमूएल 18 1 शमूएल 19 1 शमूएल 20 1 शमूएल 21 1 शमूएल 22 1 शमूएल 23 1 शमूएल 24 1 शमूएल 25 1 शमूएल 26 1 शमूएल 27 1 शमूएल 28 1 शमूएल 29 1 शमूएल 30 1 शमूएल 31



क्यों यह पद मायने रखता है
1 शमूएल 11:8 हमें यह दिखाता है कि यशायती संकट में परमेश्वर के लोग कितनी एकसूत्रता से तैयार रहते हैं। जब राजा के चयन और समुदाय की सुरक्षा की दिशा सामने आई, तब यह स्पष्ट हुआ कि इस्राएली समाज के विशाल स्वरूप में एक संगठित संगठन और नेतृत्व की आवश्यकता कितनी बड़ी है। श्लोक में गिनती से न केवल सेना की क्षमता का आकलन होता है, बल्कि यह भी सिद्ध होता है कि परमेश्वर के लोग कब और कैसे एकजुट होकर अड़चन का सामना करते हैं।
पौरुष्ठीय संदर्भ और मूल संदर्भ
यह घटनाक्रम बिशपिक संघर्ष से पहले का है, जहां शमूएल के द्वारा यहूदी और इस्राएली दोनों के सरदारों को एक साथ लाकर बड़ी संख्या का वितरण किया गया। तीन लाख इस्राएली और तीस हजार यहूदी—यह आँकड़ा बतलाता है कि देश के भीतर की सहायता और समन्वय कितना व्यापक था। यह मुख्यतः यह दर्शाता है कि जनता के विभाजन के बावजूद एकता के साथ आगे बढ़ना संभव था, जब सही नेतृत्व और एक स्पष्ट उद्देश्य हो।
मुख्य संदेश
इस verse का मूल संदेश यह है कि सामूहिक संकट के समय स्थानीय-स्थानीय समूहों की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समुदाय की एकता और समन्वय प्रमुख है। यह भी स्पष्ट है कि परमेश्वर के उद्देश्य की दिशा में गति तब ही संभव होती है जब नेतृत्व लोगों को एकत्रित कर दे और उन्हें संभावनाओं के साथ आगें बढ़ने के लिए प्रेरित करे।
पार्श्विक थीम्स
संदर्भित बाइबिल पाठ और क्रॉस-रेफरेंस
यहां कुछ प्रायोगिक cross-references हैं जिनसे पाठक आयतनिक दृष्टिकोण समझ सकें:
इन क्रॉस-रेफरेंसों का संक्षेप में अर्थ यह है कि कठिन समय में एक साथ चलना और योजना बनाना परमेश्वर की सहायता को अनुभव करने का मार्ग बनता है।
आध्यात्मिक devotional अंतर्दृष्टि
यह श verse हमें याद दिलाते हुए प्रेरणा देता है कि संगठन और एकता से ही भय को परास्त किया जा सकता है। जब हम एक साथ खड़े होते हैं, तो परमेश्वर हमारे बीच एक नया सामर्थ्य उभारते हैं। अपने जीवन के कठिन समय में भी हम एक-दूसरे को जोड़ें, अपने समुदाय को मजबूत करें, और परमेश्वर के उद्देश्य के लिए एक संकल्पित कदम उठाएं।
कथन-आधारित उद्धरण (Public-domain commentator से संक्षिप्त संकेत)
Adam Clarke और Matthew Henry आदि के पारस्परिक विचारों से प्रेरणा मिलती है कि शासन और जनसमूह का संयोजन परमेश्वर की योजना के अनुरूप चलना है। यदि कभी किसी उद्धरण का उल्लेख किया गया हो, तो यह केवल संज्ञानात्मक संदर्भ के लिए है; ठीक वही शब्द अनुसार संदर्भित पाठ में उद्धृत हैं।