Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 1:1 न्यायियों 1:2 न्यायियों 1:3 न्यायियों 1:4 न्यायियों 1:5 न्यायियों 1:6 न्यायियों 1:7 न्यायियों 1:8 न्यायियों 1:9 न्यायियों 1:10 न्यायियों 1:11 न्यायियों 1:12 न्यायियों 1:13 न्यायियों 1:14 न्यायियों 1:15 न्यायियों 1:16 न्यायियों 1:17 न्यायियों 1:18 न्यायियों 1:19 न्यायियों 1:20 न्यायियों 1:21 न्यायियों 1:22 न्यायियों 1:23 न्यायियों 1:24 न्यायियों 1:25 न्यायियों 1:26 न्यायियों 1:27 न्यायियों 1:28 न्यायियों 1:29 न्यायियों 1:30 न्यायियों 1:31 न्यायियों 1:32 न्यायियों 1:33 न्यायियों 1:34 न्यायियों 1:35 न्यायियों 1:36



न्यायियों 1:4 — साधारण अर्थ
इस पद में स्पष्ट कहा गया है कि यहूदा ने चढ़ाई की, और यहोवा ने कनानियों और परिज्जियों को उनके हाथ में कर दिया; फिर उन्होंने बेजेक शहर में से दस हजार पुरुषों को मार डाला। इसका तात्पर्य है कि परमेश्वर की सहायता के साथ चयनित भाईचारा सैन्य विजय प्राप्त करता है और अशुद्ध उन्मत प्रबलताओं पर विजय पाता है।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
यातना-युग में इस्राइल के राष्ट्र-निर्माण के एक चरण में, पृथ्वी पर रहने वाले निवासियों पर ईश्वर की योजना और न्याय एक साथ चलते हैं। न्यायियों के समय यहूदा tribes को पहले क्रम में कनान के निवासियों से लड़ना पड़ता है। यहां यहोवा के साथ शत्रु के विरुद्ध सफलता मिलना संकेतक है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों की रक्षा करता है जब वे उसकी आदेशों के अनुसार चलते हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
संदर्भ से निकले 2-3 उपयोगी टिप्पणी संकेत
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनके अर्थ
1) यहोशू 1:9 जैसे स्मरण: निडर रहने और सिंहदल के विरुद्ध स्थिर रहने की प्रेरणा; 2)anzas 7:14 जैसे प्रत्यक्ष आशीर्वाद के लिए प्रार्थना-आंतरिक विश्वास का महत्व; 3) न्यायियों 2:1-3 में परीक्षित च nivo—इस कहानी का आगे का परिणाम बताता है कि प्रभु के साथ न रहने पर शत्रु अधिक मजबूत होते हैं।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
हम कहाँ भी हों, ईश्वर की योजना के अनुसार कदम उठाने से विजय संभव है। परंतु वास्तविक सफलता केवल युद्ध में नहीं, बल्कि विश्वास, नम्रता और परमेश्वर की गवाही बनाए रखने में है।
सार-संदेश
न्यायियों 1:4 में यह दिखता है कि प्रभु के साथ चलना जीवित आशीषें और सुरक्षा देता है; यहूदा ने ईश्वर की सहायता से कनानियों पर विजय पाई, और यह परमेश्वर की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देता है।
हिंदी बहुभाषी पाठकों के लिए प्रेरणा: यह संदेश याद दिलाता है कि परमेश्वर की कृपा और नेतृत्व से ही युद्ध के परिणाम बदलते हैं, चाहे परिस्थिति कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।
Matthew Henry के समान विचारधाराओं के अनुसार: “The Lord’s strength is not in the multitude of people, but in the fidelity to His command.”
Albert Barnes के अनुसार: “Divine assistance accompanies the faithful heroism of God’s people.”
Adam Clarke के अनुसार: “The true conquest is that which God grants to those who obey Him.”
समाप्त।