Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 1:1 न्यायियों 1:2 न्यायियों 1:3 न्यायियों 1:4 न्यायियों 1:5 न्यायियों 1:6 न्यायियों 1:7 न्यायियों 1:8 न्यायियों 1:9 न्यायियों 1:10 न्यायियों 1:11 न्यायियों 1:12 न्यायियों 1:13 न्यायियों 1:14 न्यायियों 1:15 न्यायियों 1:16 न्यायियों 1:17 न्यायियों 1:18 न्यायियों 1:19 न्यायियों 1:20 न्यायियों 1:21 न्यायियों 1:22 न्यायियों 1:23 न्यायियों 1:24 न्यायियों 1:25 न्यायियों 1:26 न्यायियों 1:27 न्यायियों 1:28 न्यायियों 1:29 न्यायियों 1:30 न्यायियों 1:31 न्यायियों 1:32 न्यायियों 1:33 न्यायियों 1:34 न्यायियों 1:35 न्यायियों 1:36


न्यायियों 1:34 का अर्थ
अर्थ स्पष्ट है: मूर्तियों-सा कठोर असफलता के साथ, एमोरियों ने दानियों को पहाड़ी प्रदेश में घेरकर भगा दिया और तराई-मैदानों में आकर बसने नहीं दिया। इसका भाव यह है कि कुछ जातियाँ देखने में पराक्रमशाली हो सकती थीं, परन्तु यह प्रत्यक्ष रूप से यह दर्शाता है कि उनके पास क्षेत्रीय नियंत्रण के कारण दानियों के लिए स्थायी निवास संभव नहीं रहा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ जुदा-से एक संघर्ष के हिस्से के रूप में आता है, जहां यहूदियों-प्रमुखों के पूर्व उपनिवेशों के भीतर विविध जनजातियाँ अपने-अपने क्षेत्र संरक्षित करने की कोशिश कर रही थीं। दानियों का क्षेत्र पश्चिमी किनारे पर स्थित था, पर एमोरियों की आक्रामकता ने उनके लिए तराई में रहने को कठिन बना दिया। यह परिस्थिति यह दर्शाती है कि सफलता-या असफलता के पीछे सिर्फ युद्ध-रण नहीं, बल्कि भू-स्थिति, चढ़ाव-उतार और क्षेत्रीय नियंत्रण की सामरिक स्थितियाँ भी थीं।
विश्लेषणात्मक टिप्पणियाँ
संयुक्त विचार
यह वाक्य यह बताता है कि परमेश्वर के लोग जब शत्रु-शक्ति के सामने साझा सुरक्षा से वंचित होते हैं, तब वे भू-स्थिति के कारण असुरक्षित रहते हैं। परन्तु ईश्वर के अनुसार, यह असफलता व्यक्तिगत दोष या विश्वास-केन्द्रित कमी से अधिक, सामरिक परिदृश्य और भौगोलिक सीमाओं का परिणाम हो सकता है।
संघर्ष से प्रेरित 2-3 विशिष्ट संदर्भ
इन संदर्भों में दिखता है कि क्षेत्रीय नियंत्रण और सुरक्षा के सवाल कभी-कभी युद्ध-शास्त्र से अधिक भू-स्थिति पर निर्भर रहते हैं, और यह इस पाठ के केंद्रीय विचार से जुड़ता है।
संक्षिप्त अनुप्रयोग
कथन-उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
मैथ्यू हेनरी, अगरब Barnes, और Adam Clarke के उद्धरण विशिष्ट रूप से इस पाठ के लिए उपलब्ध होते हैं, तो पाठकगण को उनके संक्षिप्त, स्पर्शपूर्ण टिप्पणी हेतु नोट किया गया है। नीचे उद्धृत संक्षेप सामान्यत: उनके दृष्टिकोण का संकेत देते हैं:
मैक्थ्यू हल्के शब्दों में कहते हैं कि क्षेत्रीय सुरक्षा और नीति-निर्णय ईश्वर के लोगों के लिए तत्काल चिंता बन जाती है; Barnes यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर के लोग अपनी स्थिति के अनुसार धैर्य और परिश्रम से ऊपर उठते हैं; Clarke इसे इतिहास की क्रमिक जिम्मेदारी के साथ देखते हैं।
निष्कर्ष
न्यायियों 1:34 में एमोरियों द्वारा दानियों को पहाड़ी देश में धकेलना और तराई में आने से रोकना एक वास्तविक भू-स्थिति-आधारित संघर्ष है। यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय नियंत्रण कितनी बाधाओं को जन्म देता है, और परमेश्वर के लोग इसे कैसे देखते हैं: विश्वास, अभ्यास, और सामरिक समझ के साथ।