Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 1:1 न्यायियों 1:2 न्यायियों 1:3 न्यायियों 1:4 न्यायियों 1:5 न्यायियों 1:6 न्यायियों 1:7 न्यायियों 1:8 न्यायियों 1:9 न्यायियों 1:10 न्यायियों 1:11 न्यायियों 1:12 न्यायियों 1:13 न्यायियों 1:14 न्यायियों 1:15 न्यायियों 1:16 न्यायियों 1:17 न्यायियों 1:18 न्यायियों 1:19 न्यायियों 1:20 न्यायियों 1:21 न्यायियों 1:22 न्यायियों 1:23 न्यायियों 1:24 न्यायियों 1:25 न्यायियों 1:26 न्यायियों 1:27 न्यायियों 1:28 न्यायियों 1:29 न्यायियों 1:30 न्यायियों 1:31 न्यायियों 1:32 न्यायियों 1:33 न्यायियों 1:34 न्यायियों 1:35 न्यायियों 1:36
न्यायियों 1:28 — अर्थ का स्पष्ट संकेत
यहोवा की सहायता से जब इस्राएली शक्तिशाली हुए, तब उन्होंने कनानियों के विरुद्ध युद्ध में जीत प्राप्त की, परन्तु उन्हें पूरी रीति से न निकाला गया। इसका तात्पर्य है कि विनाश और निष्कासन की योजना पूर्ण नहीं थी, जिससे कनानी अवशेष अपना प्रभाव बनाए रहे।
पृष्ठभूमि
यात्नर के बाद न्यायियों का काल इस्राएल के लिए चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि वे मिलकर नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय समूहों के भीतर लड़ते रहे। यह पंक्ति विशेष रूप से उस अवस्था को दर्शाती है जहाँ इस्राएली ने लाभ तो प्राप्त किया, परन्तु उन्हें कानूनी-आचरण के अनुसार पूर्ण दबाव नहीं दिया गया। इससे आगे जाकर देश के भीतर असंतुलन बना रहा और कनानी समुदायों के धार्मिक-आचार-व्यवहार के प्रभाव बने रहे।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
मुक्ति को समझने के लिए 2–3 प्रमुख क्षण
1) विजय के समय भी नैतिक अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि अधर्म के विरुद्ध पूर्ण सामर्थ्य स्थाई रहे।
2) भीतर के दबावों के कारण बाहरी शक्ति के साथ संतुलन बनाए रखना कठिन होता है; इसलिए विश्वास और धार्मिक समर्पण निरन्तर बनाये रखना चाहिए।
संबद्ध क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनके संकेत
- धर्मशास्त्र के पुराने नियम में आचरण और अनुशासन का महत्व बारम्बार आता है; यह भाग हमें स्मरण कराता है कि विजय के साथ-साथ धार्मिक शुद्धता भी अनिवार्य है।
- एक-दूसरे के साथ एकता और पूर्णता के लिए परमेश्वर के निर्देशों का पालन आवश्यक रहता है ताकि बाहरी विजय स्थाई हो।
कथात्मक-थीम: मुख्य संदेश
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम भी आज अपनी परिस्थितियों में देखते हैं कि सफलता मिलते ही आचरण की शुद्धता को भुलना नुकसान देता है। अपने जीवन में परमेश्वर के आदेशों के अनुपालन को मजबूत बनाकर, प्रोत्साहन और दबाव के समय भी सच्ची भक्ति बनाए रखना चाहिए।
पूर्वाग्रह-रहित संदर्भ
1) योहोवा की सहायता पर निर्भरता बनाये रखना; 2) समुदाय में धार्मिक शुद्धता बनाए रखना; 3) आचरण-विनय के साथ विजय का लाभ उठाना।
एम. हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क के संक्षिप्त संकेत
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