Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 शमूएल 1 1 शमूएल 2 1 शमूएल 3 1 शमूएल 4 1 शमूएल 5 1 शमूएल 6 1 शमूएल 7 1 शमूएल 8 1 शमूएल 9 1 शमूएल 10 1 शमूएल 11 1 शमूएल 12 1 शमूएल 13 1 शमूएल 14 1 शमूएल 15 1 शमूएल 16 1 शमूएल 17 1 शमूएल 18 1 शमूएल 19 1 शमूएल 20 1 शमूएल 21 1 शमूएल 22 1 शमूएल 23 1 शमूएल 24 1 शमूएल 25 1 शमूएल 26 1 शमूएल 27 1 शमूएल 28 1 शमूएल 29 1 शमूएल 30 1 शमूएल 31



1 शमूएल 29:5 का पार्श्व-विवेचन
परिस्थिति का अभीष्ट: दाऊद पानीर क्षेत्र में नहीं, पर फिलिस्ती सैनिकों के साथ जाकर युद्ध कर रहा है। खरे तौर पर यह पाठ शाऊल के लोगों के साथ दाऊद के स्थानांतर को लेकर उत्पन्न तनाव को दर्शाता है। आज के संदर्भ में यह बताता है कि परमेश्वर के साथ विश्वास रखने वाले की सुरक्षा और पहचान कितनी अस्थिर परिस्थितियों में भी अस्थिर नहीं होती।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो संकेत मिलते हैं
पानीर के युद्ध से पहले दाऊद के विषय में बहुधा यह चिंता होती है कि लोग उन्हें गलत समझते हैं या उनकी निंदा करते हैं। इस पंक्ति में सभा-मनोरंजन के पीछे का सच यह है कि लोगों के तर्क और प्रचार के विपरीत परमेश्वर का उद्देश्य कभी गलत नहीं होता; और दाऊद, जो वर्षों से सीधी निर्भरता में ईश्वर की योजना के अनुरूप चलते आ रहा है, उसे भी अक्सर बाहरी टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। यह दिखाता है कि विश्वास-जीवन में बाहरी अनुमोदन से अधिक महत्त्व ईश्वर की चुनी हुई राह पर आजीवन टिके रहना है।
महत्वपूर्ण शब्दों और इमेजों की स्पष्टता
“यह वही दाऊद नहीं” शब्दावली यह संकेत देती है कि भीड़-समुदाय की दृष्टि में व्यक्ति की महानता और नाम-यश हमेशा स्थिर नहीं रहते; पर परमेश्वर के दृष्टिकोण मेंदानामय उद्देश्य चलता है। सच्ची शक्ति केवल युद्ध-कौशल में नहीं, बल्कि ईश्वर के अनुसरण में है, जो दाऊद के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी ओर अग्रसर है।
संलग्न पाठ संदर्भ
1 शमूएल 29 में, फिलिस्ती सैनिकों के साथ दाऊद की मनोनुकूलता पर शाऊल का प्रत्यक्ष भय और गड़बड़ योजनाएं घटित होती हैं। यह पाठ दर्शाता है कि जब परमेश्वर किसी के साथ रहता है, तब उसकी सुरक्षा इस संसार की परिस्थितियों से परे होती है।
संबद्ध अन्य उद्धरणों के संकेत
- पुराने प्रवचन-व्याख्याओं में यह सामान्य विचार मिलता है कि दाऊद के भाग्य का वास्तविक आधार ईश्वर की योजना है (जैसे कि Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के टिप्पणी-उद्धरण)।
- क्रॉस-रेफरन्स विचार:
इन संदर्भों से समझ आता है कि भीड़-प्रवृत्ति के बीच भी ईश्वर के स्मरण और विश्वास एक शांतिपूर्ण राह दिखाते हैं।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
याद रखें: वास्तविक वीरता वही है जो ईश्वर के साथ सुरक्षा और भरोसे पर टिके रहते हुए रास्ता चुनती है, भले ही लोग कुछ भी कहें।
नोट: यदि किसी पाठ-तकनीकी शब्दावली के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण उपलब्ध हों, वे उपरोक्त सार में समाहित किए गए हैं।