Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 शमूएल 1 1 शमूएल 2 1 शमूएल 3 1 शमूएल 4 1 शमूएल 5 1 शमूएल 6 1 शमूएल 7 1 शमूएल 8 1 शमूएल 9 1 शमूएल 10 1 शमूएल 11 1 शमूएल 12 1 शमूएल 13 1 शमूएल 14 1 शमूएल 15 1 शमूएल 16 1 शमूएल 17 1 शमूएल 18 1 शमूएल 19 1 शमूएल 20 1 शमूएल 21 1 शमूएल 22 1 शमूएल 23 1 शमूएल 24 1 शमूएल 25 1 शमूएल 26 1 शमूएल 27 1 शमूएल 28 1 शमूएल 29 1 शमूएल 30 1 शमूएल 31



मुख्य व्याख्या बिंदु
यह वाक्य बताता है कि परमेश्वर अपनी सत्ता से पलिश्ती को हराकर इस्राएलियों की मदद करते हैं, जब शमूएल होमबलि चढ़ा रहा था। यह बताता है कि परमेश्वर की प्रेरणा और उनकी क्रिपा ही इस्राएली जीत की असली कारण है, न कि वीरता या रणनीति בלבד। पलिश्ती वीरों के सामने भगवान ने एक मधुर, पर शक्तिशाली डर पैदा किया और इस्राएलियों ने विजय पाई।
पाठ-वैकल्पिक साहित्यिक संदर्भ
पाठ के आस-पास के घटनाक्रम में शमूएल का नेतृत्व, इस्राएलियों की पुकार और परमेश्वर की प्रतिक्रिया प्रमुख हैं। यहाँ एक पवित्र संघर्ष के बीच से ईश्वर की सहायता दर्शाई गई है, जो इस्राएल के धर्मिक पुनर्जागरण के लिए संकेत है।
लिटरेरी context (साहित्यिक संदर्भ)
1 शमूएल 7 अध्याय में शमूएल का अद्भुत導कत्व और इस्राएल की धार्मिक जागृति दिखती है। पलिश्ती से लगातार संघर्ष के बीच, Israel का fasting, prayer और worship का पुनःस्थापना—होमबलि के समय—ईश्वर की कृपा के लिये मार्ग प्रशस्त करती है। वास्तव में यहाँ “बादल का गरजना” एक चेतावनी और सहायता दोनों है: परमेश्वर अपने बच्चों के साथ है और उनकी आस्था पर क्रिया करता है।
धार्मिक महत्व
अन्य पवित्र शास्त्रीय संदर्भ के साथ संबंध
1) यह घटना डैनियल-बर्स्टन जैसी ऐतिहासिक प्रशंसा-आह्वान की याद दिलाती है कि परमेश्वर के सामने कृपा और भय समान रूप से रहते हैं।
2) पवित्र शास्त्र में बादल और गरजना अक्सर परमेश्वर के आगमन-निर्देशन के संकेत होते हैं; यह पाठ बताता है कि ईश्वर संकट में अपनी ताकत दिखाते हैं ताकि संकल्प दृढ़ हो।
3) राजा दाऊद के समय की युद्ध-आस्थाओं में भी परमेश्वर की सहायता की पुष्टि मिलती है कि भक्ति से युद्ध की दिशा बदल जाती है।
Reflection questions (सोचने के प्रश्न)
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 शमूएल 7:10 में दिखती परमेश्वर की कृपा और सामर्थ्य इस बात का प्रमाण है कि विजय उनका है जो प्रभु से जुड़कर अपनी आस्थाओं को दृढ़ बनाते हैं। पलिश्ती की हार भगवान के नाम की महिमा और इस्राएल की धार्मिक जागृति का प्रभाव है।
Cross-references (संयुक्त संदर्भ) और उनके संक्षिप्त अर्थ
यशायाह 30:18—परमेश्वर की दया और न्याय के लिए प्रतीक्षा करने की शिक्षा।
यहूदा 1:24-25—ईश्वर जो हमारी धारणाओं से परे है, वह हमारी रक्षा करता है और हमें सुरक्षित रखता है।
भजन 18:13-17—युद्ध में परमेश्वर की प्रत्यक्ष सहायता और उद्धार का गीत।
नोट: इस पाठ के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे सार्वजनिक डोमेन टीका-लेखकों के शब्द सीधे उद्धृत नहीं किए गए हैं; यदि उपयुक्त मिले तो छोटे-चोटे पंक्तिबद्ध उद्धरण केवल आवश्यक स्थानों पर दिए जा सकते हैं।