1 शमूएल 8:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु जो बात उन्होंने कही, 'हम पर न्याय करने के लिये हमारे ऊपर राजा नियुक्त कर दे,' यह बात शमूएल को बुरी लगी। और शमूएल ने यहोवा से प्रार्थना की।

पिछला पद
« 1 शमूएल 8:5
अगला पद
1 शमूएल 8:7 »

1 शमूएल 8:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

पाठ का परिचय

1 शमूएल 8 में इस्राइल के लोग राजा की माँग का प्रसंग आता है जब वे न्याय और सुरक्षा के लिए शासन की व्यवस्था चाहते हैं। शमूएल के समय इजरायल ने यहोवा के आयोग से निर्भर रहने का संकेत दिया था; परन्तु लोगों ने राजा के रूप में एक मनुष्य के शासन की मांग कर डाली। इस दलील में राजतंत्र की मानवीय दृष्टि और परमेश्वर की स्वीकृति के बीच टकराहट उभरती है।

कथन के भीतर verse 6 का विश्लेषण

शमूएल 8:6 कहता है कि लोगों ने जो कहा, “हम पर न्याय करने के लिये हमारे ऊपर राजा नियुक्त कर दे,” यह बात शमूएल को बुरी लगी और उसने यहोवा से प्रार्थना की। इस एक वाक्य में दोनों पक्ष स्पष्ट होते हैं: लोगों की जिज्ञासा और शमूएल का गहरा संवेदनशीलता। यहोवा के राज्य व्यवस्था के अनुसार, शासक का चयन उसकी कृपा से और धार्मिक-नैतिक मानकों के अनुसार होना चाहिए, न कि mere राजनीतिक लाभ के लिए। शमूएल की प्रतिक्रिया उनकी आध्यात्मिक जिम्मेदारी को दर्शाती है—वे जानते थे कि परमेश्वर का अधिपत्य, मनुष्यों के बीच सत्ता-प्रवृत्ति से ऊपर है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • विश्वास की सुरक्षा बनाम मानव स्वार्थ: लोग एक ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जो सैन्य ताकत और प्रशासनिक नियंत्रण प्रदान करे; परंतु यह गहरा सवाल है कि क्या ऐसी व्यवस्था परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप है?
  • नेतृत्व की जिम्मेदारी: शमूएल अपने कर्तव्य में दृढ़ रहे—वे परमेश्वर से मार्ग-दर्शन माँगते हैं ताकि राजाओं के नीतिगत दबाव में भी सत्य रह सके।

अन्य पवित्र ग्रंथों से सम्बन्ध ( cross-references )

• डेविड के शासन की घटनाओं के पहले, इस्राइल के लोग राजा के साथ जुड़ते हैं; यह दिखाता है कि मानवीय व्यवस्था कभी-कभी परमेश्वर की योजना से विभ्रमित हो जाती है। छोटे से हिस्से में यह तुलना यह स्पष्ट करती है कि राजा के गुण और उसकी नैतिकता परमेश्वर के नियम के अनुरूप हों तोही kudos, अन्यथा यह सुरक्षा-आशा नहीं दे पाता।

• पवित्रशास्त्र में अन्य ठहरावों से संकेत मिलता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए एक ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें उनका भरोसा उसका प्रभुत्व और पवित्र विधान में बने।

• उद्धारकर्ता के आने के पूर्व भी बल और सत्ता के मानक प्रभु के प्रतिश्रुति के अनुरूप होने चाहिए—यही मुख्य संदेश है।

कथा-संबंधी अन्य विचार

हिनिर्व अनुवाद के अनुसार कहानी का संदेश यह है कि लोगों की मांग पर राजा द्वारा प्रशासन संभव है, परंतु यह भी एक चेतावनी है कि मानवीय नियंत्रण कभी-कभी परमेश्वर के सृजन के बाहर निकलता है। शमूएल का प्रार्थनात्मक रुझान दर्शाता है कि सही मार्ग तब ही मिलता है जब परमेश्वर का मार्ग पहले माना जाए।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • हम भी समय-समय पर सत्ता और निर्णय के लिए प्रयास करते हैं; परन्तु हमें पहले परमेश्वर की इच्छा पूछनी चाहिए।
  • नेतृत्व के चयन में नैतिकता, धर्म और दया को सर्वोपरि रखना चाहिए; वरना सामाजिक सुरक्षा के बजाय खतरे बढ़ते हैं।

संक्षेप सार

1 शमूएल 8:6 में यह स्पष्ट है कि परमेश्वर के राज्य के नियम और मानव-राज्य की इच्छा में spesso संघर्ष रहता है। शमूएल की प्रतिक्रिया—यहोवा से मार्ग-दर्शन माँगना—हम सबके लिए प्रेरणा है कि सत्ता के संदर्भ में भी ईमानदारी, नैतिकता और परमेश्वर के अभिमान-रहित मार्ग को नहीं छोड़ना चाहिए। यह टेक्स्ट हमें यह याद दिलाता है कि हमारी प्राथमिकता परमेश्वर की इच्छा होनी चाहिए, ताकि किसी भी शासन की स्थापना में परमेश्वर की दृष्टि बनी रहे।

संक्षिप्त उद्धरण (योग्यतापूर्ण)

ईतिहासिक धारणा के अनुसार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के कुछ संदेशों से मिलती-जुलती अभिव्यक्तियाँ संक्षेप में साथ दी जा सकती हैं। यदि exact quotes उपलब्ध हों, वे नीचे उद्धृत हैं:

“तू अपने निर्णय पर निर्भर कर, परन्तु परमेश्वर की योजना ऊपर है।” (उद्धृत सार)

“नेतृत्व मांगना ठीक है, पर परमेश्वर के कानून के तहत होना चाहिए।” (उद्धृत सार)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 8:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 15:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 15:11 (HINIRV) »
“मैं शाऊल को राजा बना के पछताता हूँ*; क्योंकि उसने मेरे पीछे चलना छोड़ दिया, और मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं किया।” तब शमूएल का क्रोध भड़का; और वह रात भर यहोवा की दुहाई देता रहा।

याकूब 1:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
याकूब 1:5 (HINIRV) »
पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्‍वर से माँगो, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी।

1 शमूएल 12:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 12:17 (HINIRV) »
आज क्या गेहूँ की कटनी नहीं हो रही? मैं यहोवा को पुकारूँगा, और वह मेघ गरजाएगा और मेंह बरसाएगा; तब तुम जान लोगे, और देख भी लोगे, कि तुम ने राजा माँगकर यहोवा की दृष्टि में बहुत बड़ी बुराई की है।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें