Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 17:1 2 राजाओं 17:2 2 राजाओं 17:3 2 राजाओं 17:4 2 राजाओं 17:5 2 राजाओं 17:6 2 राजाओं 17:7 2 राजाओं 17:8 2 राजाओं 17:9 2 राजाओं 17:10 2 राजाओं 17:11 2 राजाओं 17:12 2 राजाओं 17:13 2 राजाओं 17:14 2 राजाओं 17:15 2 राजाओं 17:16 2 राजाओं 17:17 2 राजाओं 17:18 2 राजाओं 17:19 2 राजाओं 17:20 2 राजाओं 17:21 2 राजाओं 17:22 2 राजाओं 17:23 2 राजाओं 17:24 2 राजाओं 17:25 2 राजाओं 17:26 2 राजाओं 17:27 2 राजाओं 17:28 2 राजाओं 17:29 2 राजाओं 17:30 2 राजाओं 17:31 2 राजाओं 17:32 2 राजाओं 17:33 2 राजाओं 17:34 2 राजाओं 17:35 2 राजाओं 17:36 2 राजाओं 17:37 2 राजाओं 17:38 2 राजाओं 17:39 2 राजाओं 17:40 2 राजाओं 17:41



2 राजाओं 17:36 पर एक नज़र: परमेश्वर के साथ सच्चा भय बनाये रखना
यह पद मिस्र देश से निकाले जाने के संदर्भ में एक सचेत चेतावनी देता है: बादशाह-राजों के दौरान इज़राइलियों को जो शक्ति-बल मिला वह solely परमेश्वर के कारण था, अन्य सभी मानवीय उपायों से नहीं। यहाँ यहोवा के अद्भुत उपकार और उसी के विरुद्ध विश्वासी-तत्व की चूक दोनों का संतुलन उजागर होता है।
पद का अध्याय में स्थान
2 राजाओं 17 माहौल में बिनामीलित राज्य का इतिहास उभरता है। शासकों की वैधता और जनता की आस्था के बीच, कई बार उन्होंने अन्य देवताओं को भी मान लिया—परन्तु भगवान का निर्देश और भय सर्वोपरि था। इस विशेष पद में, नबी-निर्देशों के विपरीत, मिस्र-देश के बल और भुजा की शक्ति पर भरोसा किया गया, जो कि परमेश्वर के निर्णय के विरुद्ध है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
पवित्र ग्रंथों के साथ सुसंगत तुलना
यह पाठ अन्य जगहों पर भी यह चेतावनी देता है कि प्रभु के बिना वीरत्व अस्थिर है (यहोशू 24:14-15 जैसे उद्धरण स्मरणीय हैं) और 'यहोवा के भय' को पहले प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही, बाइबल इस बात पर जोर देती है कि दूसरों के देवताओं के लिए भक्ति करना परमेश्वर के विरुद्ध है, जिससे नीति और नैतिकता दोनों पर प्रभाव पड़ता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम आज कैसे इस सीख को लागू करें?
क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षिप्त भाव
यहाँ 2-3 संबंधित संदर्भ जिनसे धारणा मजबूत होती है:
इन संदर्भों से प्रेरणा मिलती है कि प्रभु के भय को प्राथमिकता देने से ही जीवन स्थिर और सुरक्षित रहता है।
संक्षेप
2 राजाओं 17:36 हमें याद दिलाता है कि हमने जो प्रेरणा-शक्ति पाई है वह केवल परमेश्वर के कारण है। मिस्र की भौतिक ताकतों पर निर्भर रहने से त्रुटि होती है; भय, भक्ति और जीवन-निर्णयों में परमेश्वर की इच्छा को सर्वोच्च स्थान देना ही वास्तविक सुरक्षा है। इस पाठ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डायरेस्ट टिप्पणीकारों के संकेत सहज रूप से मिलते हैं: वे 모두 यह मानते हैं कि परमेश्वर के भय के बिना दीर्घकालिक आशीष संभव नहीं, और इतिहास इस सीख को बारम्बार दोहराता है।
नोट: इस पाठ के संक्षिप्त उद्धरण और विचार मैसी-हेनरी, Barnes, Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट विचारों से प्रेरित हैं; यदि आवश्यक हो तो उनके विशिष्ट वाक्यों के संक्षिप्त उद्धरण दिए जा सकते हैं।