Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 10:5 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 10:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस घटना का समाचार पाकर दाऊद ने कुछ लोगों को उनसे मिलने के लिये भेजा, क्योंकि वे राजा के सामने आने से बहुत लजाते थे। और राजा ने यह कहा, “जब तक तुम्हारी दाढ़ियाँ बढ़ न जाएँ तब तक यरीहो में ठहरे रहो, फिर लौट आना।”
2 शमूएल 10:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 10:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 6:24 (HINIRV) »
तब उन्होंने नगर को, और जो कुछ उसमें था, सब को आग लगाकर फूँक दिया; केवल चाँदी, सोना, और जो पात्र पीतल और लोहे के थे, उनको उन्होंने यहोवा के भवन के भण्डार में रख दिया।

1 राजाओं 16:34 (HINIRV) »
उसके दिनों में बेतेलवासी हीएल ने यरीहो को फिर बसाया; जब उसने उसकी नींव डाली तब उसका जेठा पुत्र अबीराम मर गया, और जब उसने उसके फाटक खड़े किए तब उसका छोटा पुत्र सगूब मर गया, यह यहोवा के उस वचन के अनुसार हुआ, जो उसने नून के पुत्र यहोशू के द्वारा कहलवाया था। (यहो. 6:26)

1 इतिहास 19:5 (HINIRV) »
तब कुछ लोगों ने जाकर दाऊद को बता दिया कि उन पुरुषों के साथ कैसा बर्ताव किया गया, अतः: उसने लोगों को उनसे मिलने के लिये भेजा क्योंकि वे पुरुष बहुत लज्जित थे, और राजा ने कहा, “जब तक तुम्हारी दाढि़याँ बढ़ न जाएँ, तब तक यरीहो में ठहरे रहो, और बाद को लौट आना।”
क्यों यह पद महत्वपूर्ण है
2 शमूएल 10:5 का यह वाक्य दिखाता है कि साहस, सम्मान और अनुशासन कैसे एक राजा के साथ जुड़ते हैं। दाऊद की दल पंजीकृत खबर मिलने पर वह इस नए संघर्ष के संदर्भ में सूझ-बूझ से काम लेता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र और क्षेत्रीय प्रतिनिधि पहले यरूशलेम के बाहर जाकर शांति और सुरक्षा की स्थिति स्थापित करें, फिर जब दाढ़ियाँ बढ़ जाएँ तो लौट आएं। यह दर्शाता है कि राजा की नीतियाँ समय-समय पर रणनीतिक प्रतीक्षा और सामाजिक मान्यताओं के अनुरूप थीं, ताकि रक्तपात को रोका जाए और लोग सुरक्षित रहें।
प्रासंगिक संदर्भ: मूल संदर्भ का परिचय
यह घटना दाऊद और उनके अधिकारीयों के बीच एक व्यावहारिक निर्णय की है। यरोहाम, बेतलेहम और उसके आस-पास के क्षेत्र से आए संदेशवाहकों के लिए यह निर्देश दिया गया कि जब तक उनकी दाढ़ियाँ पूरी तरह न उगें, तब तक वे नहीं मिलेंगे—यानी सामाजिक-धार्मिक सम्मान के साथ झुकाव बनाए रखना चाहिए। यह भी संकेत देता है कि युद्ध से पहले परिस्थिति का आकलन और स्थानीय परंपराओं का सम्मान आवश्यक था ताकि शांति स्थापित हो सके, न कि अराजकता।
मुख्य संदेश
थीम्स और पारिवारिक/धार्मिक धरोहर
- सरकार-नीति और युद्ध-नीति में संतुलन बनाए रखना।
- मानवीय सम्मान: शत्रुओं के प्रति भी सम्मान और उनके सम्मान का ध्यान।
- धैर्य और योजना: अचानक निर्णयों के स्थान पर सोच-समझकर कदम उठाने का गुण।
क्रॉस-रेफरेंसेज और उनके संक्षिप्त अर्थ
1) उन घटनाओं के संदर्भ में जहाँ योजना, प्रतीक्षा और स्थान-स्थिति की जानकारी जरूरी हो। यह बताता है कि युद्ध से पहले दूरी बनाए रखना और परिस्थिति समझना कितना महत्त्वपूर्ण है।
2) राजा की आज्ञाओं के अनुरूप व्यवहार का उदाहरण—कैसे एक नेतृत्वकर्ता अपनी सेना और नागरिकों की सुरक्षा के लिए वक्त तक प्रतीक्षा करवाता है।
3) समुदाय-सम्पर्क के महत्व पर बल दें—स्थानीय प्रथाओं के साथ तालमेल से सहयोग बढ़ता है और टकराव घटता है।
अनुवाद-चिंतन (HINIRV) पर एक संक्षिप्त टिप्पणी
यह वाक्य बताता है कि दाऊद के शासनकाल में युद्ध-निर्णयों से पहले सामाजिक-धार्मिक मानकों का सम्मान आवश्यक था। प्रतीक्षा और सही मौके का इंतजार करते हुए वे शांति और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
देवotional reflection
हम में से प्रत्येक एक तरह से ‘यरीहो में ठहरना’ सीख सकता है—यानी कठिन समय में भी धैर्य बनाए रखना, परिस्थितियों को समझना और बिना जल्दबाजी निर्णय लेना। जब हम परमेश्वर की बुद्धिमानी से चलते हैं, तो हमारी सबसे बड़ी जोखिम भी अवसर बन जाती है, ताकि अन्य पक्षों के साथ न्याय और शांति बनी रहे।