Old Testament
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2 शमूएल 22:1 2 शमूएल 22:2 2 शमूएल 22:3 2 शमूएल 22:4 2 शमूएल 22:5 2 शमूएल 22:6 2 शमूएल 22:7 2 शमूएल 22:8 2 शमूएल 22:9 2 शमूएल 22:10 2 शमूएल 22:11 2 शमूएल 22:12 2 शमूएल 22:13 2 शमूएल 22:14 2 शमूएल 22:15 2 शमूएल 22:16 2 शमूएल 22:17 2 शमूएल 22:18 2 शमूएल 22:19 2 शमूएल 22:20 2 शमूएल 22:21 2 शमूएल 22:22 2 शमूएल 22:23 2 शमूएल 22:24 2 शमूएल 22:25 2 शमूएल 22:26 2 शमूएल 22:27 2 शमूएल 22:28 2 शमूएल 22:29 2 शमूएल 22:30 2 शमूएल 22:31 2 शमूएल 22:32 2 शमूएल 22:33 2 शमूएल 22:34 2 शमूएल 22:35 2 शमूएल 22:36 2 शमूएल 22:37 2 शमूएल 22:38 2 शमूएल 22:39 2 शमूएल 22:40 2 शमूएल 22:41 2 शमूएल 22:42 2 शमूएल 22:43 2 शमूएल 22:44 2 शमूएल 22:45 2 शमूएल 22:46 2 शमूएल 22:47 2 शमूएल 22:48 2 शमूएल 22:49 2 शमूएल 22:50 2 शमूएल 22:51



सीधे अर्थ का सार
2 शमूएल 22:17 में कहा गया है कि प्रभु ने ऊपर से हाथ बढ़ाकर मुझे थाम लिया और मुझे गहरे जल में से खींचकर बाहर निकाला—यह पंक्ति दृढ़ सुरक्षा, उद्धार और मसीह-प्राप्त भरोसे की अभिव्यक्ति है। नीतियों के विपरीत, यह उद्धारकर्ता की निष्कंटक कृपा और संकट के समय आत्म-विश्वास की चमत्कारिक पुष्टि है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पद 2 शमूएल 22 का एक भाग है जो दाऊद के गीत-प्रकार के प्रशंसा-पाठ में आता है। दाऊद ने अपने जीवन के अत्यंत खतरनाक समय में परमेश्वर की सहायता का स्मरण किया है—घटित संकटों से ऊपर उठाने वाला उद्धारक वही है। कविता-स्वर में यह विश्वास है कि गहरा पानी, शत्रु-गहराई, और घोर संकट भी प्रभु की सहायता से पार हो जाते हैं।
व्याख्यात्मक अवलोकन
1-2 वाक्यों के भीतर दर्शित चिंतन
यह पाठ कष्ट के समय भरोसे की गवाही देता है कि परमेश्वर कृपापूर्ण हाथ से हमारे जीवन के सबसे गहन समय में भी साथ है। यह दाऊद के व्यक्तिगत अनुभव से बना एक सार्वजनिक विश्वास-गीत बन गया है, जो संकट से बचाव की वास्तविकता को बताता है।
प्रमुख विषय-सार
अन्य प्रासंगिक बाइबली cross-references
इज़रा: संकट-समय में परमेश्वर की निकटता का स्मरण—यह भी एक उद्धारकर्ता-पुष्टि है।
भजन 18:16-17: संकट से उद्धार और जल से ऊपर उठना—उद्धारकर्ता की कृपा की प्रतिध्वनि।
नीतियों 3:24-26: विश्वास में सुरक्षा, भय से मुक्त होकर उद्धार का मार्ग स्पष्ट होता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
कठिन समय में अभी भी परमेश्वर की मदद पर निर्भरता अपनाएं—आत्म-हिम्मत न टूटे। संकट के बीच दया-भरोसा रखें और अपने उद्धारकर्ता के साथ चीत्कार को स्मरण करें; क्योंकि ऊँचे स्थानों से भी वह हमारे लिए आवाज उठाता है और हमें बाहर निकालता है।
सार-संक्षेप
2 शमूएल 22:17 उद्धार की ऐसी गवाही है जहाँ परमेश्वर का हाथ ऊपर से आकर हमें गहराई से निकाल लेता है। यह दाऊद के अनुभव को दर्शाता है कि संकट के बीच भी ईश्वर की रक्षा मौजूद रहती है—जो विश्वासियों के लिए स्थिर आशा है।
नोट: इस पंक्ति के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे उद्धरणों के छोटे-छोटे प्रवचनों को शामिल किया गया है ताकि पाठक को संदर्भिक दृष्टि मिले।