Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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संक्षेप में संदर्भ और मंच
2 शमूएल 22:16 में यहोबा की करुणा और शक्ति की गूंज स्पष्ट रूप से उठती है। यह अनुभाग दाऊद के गीत-प्रशंसा की पंक्ति में है जहाँ वह अपने उद्धारकर्ता के हाथों हुए प्रभावों को स्मरण कर praises करता है: समुद्र की थाह दिखाई दी, जगत की नेवें खुल गईं—यही वह दृश्य है जब परमेश्वर की डाँट और उसकी सांस की तीव्रता से प्रकृति के तल-तनाव उभर कर सामने आ जाते हैं.
यह पाठ क्या बताता है
यहवाक्य परमेश्वर की सख्ती और सत्ता की चेतावनी के साथ उद्धार की शक्तियों को एक साथ दिखाता है। यहोवा की डाँट का यह परिणाम है कि प्राकृतिक विश्व के घटक- समुद्र, पृथ्वी, आकाश—सब एकत्रित होकर उसकी महिमा के सामने झुक जाते हैं। दाऊद यह बताता है कि भय का अनुभव तब आता है जब परमेश्वर का怒्र प्रभाव से निकलकर लोगों के जीवन में नये दिशाक्रम बनते हैं। साथ ही यह पंक्ति यह भी दर्शाती है कि ईश्वर के प्रसार-त्याग और शुद्ध पवित्रता के कारण पृथ्वी tremble करती है और आत्मिक दृष्टि से नेवें खुलती हैं।
महत्वपूर्ण शब्द और εικόνες (शब्द-चिन्ह)
Related पाठ
1) उत्पत्ति 1:9-10— परमेश्वर के शब्दों से जल-भूमि का विभाजन और पृथ्वी के निर्माण की क्रमशः घड़ी। यह बताता है कि प्राकृतिक घटक भी ईश्वर के आदेश से संचालित होते हैं।
2) भजन 18:7-15— तूफान, आग और बिजली के दृश्य में उद्धारकर्ता का सामर्थ्य; दिव्य दायरे में डर नहीं, बल्कि विश्वास का आलिंगन।
3) यिर्मयाह 10:12— पृथ्वी-आकाश के स्थायित्व और परिवर्तन के पीछे की प्रभु-शक्ति का चित्रण।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
– विश्वास की परीक्षा में भी हम परमेश्वर की सत्ता को याद रखें। जब परिस्थितियाँ डराती हों, तब भी वह प्रभुत्व बनाये रहता है; उसकी डाँट और correction से बचना नहीं, बल्कि उसे स्वीकार कर अपने जीवन को पवित्र बनाना है।
– प्रार्थना में हम यह नहीं भूलें कि जीवन की साँस और अस्तित्व उसी की देन है; इसलिए हर सांस में उसका आभार और समर्पण हो।
खास उद्धरण (पवित्र-टीका से)
यदि उपलब्ध हों, नीचे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण शामिल होंगे। प्रस्तुत पाठ के भाव को संगत रखने के लिए सामान्य सार दिए जाते हैं:
— “परमेश्वर की डाँट से जीवन और पथ की स्पष्टता मिलती है; उसकी सांस से सृष्टि की गति बनती है।”
— “तभी मानव अपनी थाह को समझ सकता है जब वह ईश्वर के नियंत्रण को अनुभव करे।”
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त वर्णन)
1) उत्पत्ति 41:45–46— वैसा ही विभाजित चमत्कार नरेश के जीवन पर जब परमेश्वर ने व्यवस्था को दृढ़ किया।
2) भजन 29— तूफान, बिजली और आवाज़ के तारों के माध्यम से परमेश्वर की महिमा उभरती है।
3) यशायाह 40:12—誰 paradigm of God’s immeasurable power to measure the earth and the heavens.