2 शमूएल 22:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने कहा, “यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़, मेरा छुड़ानेवाला,

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2 शमूएल 22:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 शमूएल 22:2 (HINIRV) — उसका संदर्भ और विचार

inmediata संदर्भ: यह वचन दाऊद के गीत-हृदय से निकला रहा है, जब वह परमेश्वर को अपने भय-भरे संकटों से छुड़ाने वाले के रूप में संबोधित करता है। यह पंक्ति उसकी अनुभूति को दर्शाती है कि परमेश्वर उसकी चट्टान, गढ़ और उद्धारक हैं—यानी भरोसेमंद सुरक्षा-स्रोत, जो विपत्ति के समय भी स्थिर रहते हैं।

यीश्वरीय चट्टान के रूप में परमेश्वर

यह वाक्य स्पष्ट करता है कि परमेश्वर दाऊद के लिए सिर्फ सर्वोच्च सत्ता नहीं, बल्कि वह एक स्थिर ठहराव हैं—जिनके ऊपर आस्था टिकती है, जिसमें लटके-झटके नहीं होते। इस छवि में चट्टान, गढ़ और उद्धारक तीन भूमिका बनती हैं: चट्टान, जो गिरने नहीं देती; गढ़, जिससे घबराहट नहीं होती; उद्धारक, जो उद्धार देता है। यह विश्वास की संकल्पना प्रस्तुत करता है कि परमेश्वर संकट के समय में भी निकट है और सुरक्षा प्रदान करता है।

महत्वपूर्ण शब्द और imagery के अर्थ

  • — निश्चय, स्थिरता, और निरंतरता की प्रतीक। द Mennonite tradition में इसे ईश्वर के अटल निवास के रूप में समझा गया है।
  • गढ़— सुरक्षा का ठिकाना, जो आक्रमण से बचाता है।
  • छुड़ानेवाला— उद्धारकर्ता, जो संकट में मुक्त करता है और भौतिक-आर्थिक सुरक्षा से परे आत्मिक मुक्तिदाता के रूप में भी प्रस्तुत होता है।

पठन-विश्वास से जुड़ी.Cross-रेफरेंसेस

प्रासंगिक संदर्भ और उनका संक्षिप्त अर्थ:

  1. भजन 18— गहराई से कष्ट के समय परमेश्वर की सहायता का वर्णन करता है; यह शास्त्र 22:2 के समान अवसरों में उद्धारक के रूप में Jehovah की भूमिका को पुष्ट करता है।
  2. भजन 91— परमेश्वर की सुरक्षा को एक सुरक्षित shelter के रूप में चित्रित करता है; इस प्रकार दाऊद की कल्पना समान अनुभूतियों को रेखांकित करती है कि परमेश्वर हमें हर आक्रमण से बचाता है।
  3. यूहन्ना 10:28–29— यीशु के लिये आत्मीय सुरक्षा का विश्वास, जिसमें विश्वासी कभी भी खोे नहीं सकते—यह भी उद्धारक के रूप में परमेश्वर के दायित्व की पुष्टि करता है।

संक्षिप्त व्याख्या: इन cross-refs में सुरक्षा, उद्धार और स्थिरता की परमेश्वर की भूमिका साझा है—जो दाऊद के गीत में मुख्य विचार के समान प्रेरित करती है: परमेश्वर ही वह आधार है जिस पर भरोसा किया जा सकता है।

आज के लिए अनुप्रयोग

- संकट में भी परमेश्वर पर निर्भर रहें; वह आपकी चट्टान और सुरक्षित ठिकाना है।

- अपने आस्था-प्रतीक के रूप में परमेश्वर के उद्धार के अंशों पर विचार करें: वह संकट के समय भी आवाज़ देता है, सहायता देता है और मार्ग दिखाता है।

- दैनिक अनुभव में उनकी सुरक्षा की स्मृति बनाए रखें: ईश्वर के साथ जुड़ाव से भय घटता है और आस्था बढ़ती है।

सार-संयोजन

2 शमूएल 22:2 में दाऊद ने परमेश्वर को अपनी चट्टान, गढ़ और उद्धारक के रूप में पहचाना। यह तीन-स्तरीय चित्र हमारे लिए भी एक प्रेरणा देता है कि जीवन के जोखिमों के बीच भी हमारे पास एक अटल आश्रय है—ईश्वर स्वयं।

यही संदेश Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke जैसे प्राचीन सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के अनुसार भी दावों को पुष्ट करता है: परमेश्वर वह स्रोत है जो हमें स्थिरता, सुरक्षा और उद्धार प्रदान करता है; हमारी आस्था उसी चट्टान पर टिकती है जिस पर जीवन के तूफान ठहरे रहते हैं।

नोट: इस पंक्ति के लिए विशिष्ट शास्त्री-उद्धरण यदि उपलब्ध हों, वे फॉर्मेट में सीधे उद्धृत किये गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 22:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

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भजन संहिता 18:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 18:2 (HINIRV) »
यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; मेरा परमेश्‍वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूँ, वह मेरी ढाल और मेरी उद्धार का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। (इब्रा. 2:13)

भजन संहिता 71:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 71:3 (HINIRV) »
मेरे लिये सनातन काल की चट्टान का धाम बन, जिसमें मैं नित्य जा सकूँ; तूने मेरे उद्धार की आज्ञा तो दी है, क्योंकि तू मेरी चट्टान और मेरा गढ़ ठहरा है।

भजन संहिता 31:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 31:3 (HINIRV) »
क्योंकि तू मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है; इसलिए अपने नाम के निमित्त मेरी अगुआई कर, और मुझे आगे ले चल।

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